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पंजाब के मुकाबले पानीपत में 15 रुपये महंगी पीएनसी, उद्यमियों ने दरें घटाने की मांग
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पानीपत। उद्यमियों को पीएनजी के कनेक्शन लेने की समय सीमा में फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। अब उद्यमी पीएनजी का कनेक्शन लेने को तैयार तो हैं लेकिन उन्होंने सरकार के सामने पीएनजी के रेट कम करने की मांग रख दी है। पंजाब में पीएनजी का रेट 47 रुपये किलोग्राम है जबकि पानीपत में इसका रेट 62 रुपये किलोग्राम है। ऐसे में उद्यमियों के सामने बड़ी चिंता यह कि वे देश के बाकी राज्यों के उद्यमियों से प्रतिस्पर्धा कैसे कर पाएंगे। उनका उत्पादन दोगुना महंगा हो जाएगा। डायर्स एसोसिएशन और पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की ओर से सरकार को भेजे गए पत्र में पीएनजी की बाध्यता को अगले डेढ़ या दो वर्ष तक टालने और पीएनजी के रेट कम करने की मांग की गई है।
पिछले सप्ताह कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, एसीएस और प्रदूषण बोर्ड के मेंबर सचिव को पत्र जारी कर किसी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पानीपत के बड़े औद्योगिक संगठनों ने दो बार मीटिंग कर सरकार के सामने अपना पक्ष रखा और पर्यावरण मंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा। हालांकि अब तक उद्यमियों को वक्त नहीं मिल पाया है। इससे उद्यमी निराश भी हैं। उद्यमियों की मांग है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें।
अब तक केवल सेक्टर-25 और सेक्टर-29 में ही पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है। अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, बरसत रोड और पसीना रोड में पीएनजी पाइपलाइन नहीं बिछी है। उधर, पीएनजी पर आने के लिए उद्योगों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्यमियों को नोटिस जारी कर दिया है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार के पास बॉयलर को पीएनजी संचालित करने के लिए पर्याप्त बर्नर नहीं हैं। ऐसे में सभी उद्योगों को 30 सितंबर तक पीएनजी पर शिफ्ट करना संभव नहीं है। इसमें 40-50 लाख तक का खर्च आएगा। उन्होंने सरकार से इस तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है।
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पिछले सप्ताह कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, एसीएस और प्रदूषण बोर्ड के मेंबर सचिव को पत्र जारी कर किसी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पानीपत के बड़े औद्योगिक संगठनों ने दो बार मीटिंग कर सरकार के सामने अपना पक्ष रखा और पर्यावरण मंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा। हालांकि अब तक उद्यमियों को वक्त नहीं मिल पाया है। इससे उद्यमी निराश भी हैं। उद्यमियों की मांग है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें।
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अब तक केवल सेक्टर-25 और सेक्टर-29 में ही पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है। अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, बरसत रोड और पसीना रोड में पीएनजी पाइपलाइन नहीं बिछी है। उधर, पीएनजी पर आने के लिए उद्योगों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्यमियों को नोटिस जारी कर दिया है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार के पास बॉयलर को पीएनजी संचालित करने के लिए पर्याप्त बर्नर नहीं हैं। ऐसे में सभी उद्योगों को 30 सितंबर तक पीएनजी पर शिफ्ट करना संभव नहीं है। इसमें 40-50 लाख तक का खर्च आएगा। उन्होंने सरकार से इस तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है।
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