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डब्ल्यूएमएस पोर्टल के जरिए लगाए जाएंगे टेंडर
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पानीपत। अब नगर निगम अधिकारी कोई टेंडर मैनुअल तरीके से नहीं लगा पाएंगे और न ही टेंडर प्रक्रिया के तहत फाइल को यहां से वहां भेजेंगे। पूरी प्रक्रिया पेपरलैस होगी। यह डब्ल्यूएमएस पोर्टल के जरिए अमल में लाई जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय के निर्देशों के बाद निगम अधिकारियों को इ-वर्क मैनेजमेंट सिस्टम यानी डब्ल्यूएमएस वेब पोर्टल पर टेंडरों का डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
यहां तक की जिला प्रशासन द्वारा मांगी गई डी-प्लान के टेंडर की प्रक्रिया भी इसी पोर्टल के जरिए ही अपलोड की जाएंगी। डी -प्लान के तहत 2.28 करोड़ के 23 विकास कार्य करवाए जाएंगे, जिनकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तलब की गई है।
नगर निगम एसई रमेश कुमार ने बताया कि डब्ल्यूएमएस से पूरी टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता रहेगी, जिसे कहीं से भी ऑनलाइन देखा जा सकेगा। दूसरी तरफ फाइल के गुम होने का सिलसिला भी समाप्त हो जाएगा। इसमें निगम अधिकारियों पर भी नजर रहेगी कि किस अधिकारी ने टेंडर फाइल को कितने दिन अपने पास रखा और उस पर क्या कार्रवाई की।
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शहरी स्थानीय निकाय ने निगम अधिकारियों को इस पोर्टल पर काम करने के लिए एक यूजर आईडी व पासवर्ड भी दिया है। पोर्टल पर टेंडर का फंड, हेड ऑफिस द्वारा जारी ग्रांट, नए और संशोधित अनुमान, स्वीकृतियां, अस्वीकृतियां, माप बुक, बिलिंग, लेखा एवं ऑडिट तक शामिल रहेगा। गौरतलब है कि पहले किसी भी टेंडर के लिए मैनुअल फाइलें बनाई जाती थी। इसमें कुछ टेंडरों की फाइलें निगम से गुम होती रही हैं। वहीं कुछ टेंडर का ब्यौरा, उनके एस्टिमेट या वर्क आर्डर के लिए निगम अधिकारियों को खुद एक-दूसरे अफसरों के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
निदेशालय को भी कई बार दस्तावेज मंगवाने में महीनों व सालों तक का समय लगा जाता था। इससे विकास कार्य तो धीमी गति से होते ही थे, साथ में भ्रष्टाचार में संलिप्तता के ज्यादा लक्षण सामने आने लगे थे। कुछ कामों को बिना टेंडर या वर्क आर्डर के ही अधिकारी अपनी परमिशन से करवा लेते थे और उनका बिल तैयार करवा लिया जाता था। अब डब्ल्यूएमएस पोर्टल से इन समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
सभी टेंडरों की डिटेल रहेगी डब्ल्यूएमएस पोर्टल पर
नगर निगम के सभी टेंडरों की पूरी डिटेल डब्ल्यूएमएस पोर्टल पर रहेगी। इससे ऑनलाइन ही ये देखा जा सकेगा कि कौन सी फाइल किसके पास है। किस काम का कितना ग्रांट था, क्या स्टेट्स रिपोर्ट है इत्यादि। इससे काम में पारदर्शिता आएगी। -रमेश कुमार, एसई, नगर निगम, पानीपत।
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यहां तक की जिला प्रशासन द्वारा मांगी गई डी-प्लान के टेंडर की प्रक्रिया भी इसी पोर्टल के जरिए ही अपलोड की जाएंगी। डी -प्लान के तहत 2.28 करोड़ के 23 विकास कार्य करवाए जाएंगे, जिनकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तलब की गई है।
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नगर निगम एसई रमेश कुमार ने बताया कि डब्ल्यूएमएस से पूरी टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता रहेगी, जिसे कहीं से भी ऑनलाइन देखा जा सकेगा। दूसरी तरफ फाइल के गुम होने का सिलसिला भी समाप्त हो जाएगा। इसमें निगम अधिकारियों पर भी नजर रहेगी कि किस अधिकारी ने टेंडर फाइल को कितने दिन अपने पास रखा और उस पर क्या कार्रवाई की।
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शहरी स्थानीय निकाय ने निगम अधिकारियों को इस पोर्टल पर काम करने के लिए एक यूजर आईडी व पासवर्ड भी दिया है। पोर्टल पर टेंडर का फंड, हेड ऑफिस द्वारा जारी ग्रांट, नए और संशोधित अनुमान, स्वीकृतियां, अस्वीकृतियां, माप बुक, बिलिंग, लेखा एवं ऑडिट तक शामिल रहेगा। गौरतलब है कि पहले किसी भी टेंडर के लिए मैनुअल फाइलें बनाई जाती थी। इसमें कुछ टेंडरों की फाइलें निगम से गुम होती रही हैं। वहीं कुछ टेंडर का ब्यौरा, उनके एस्टिमेट या वर्क आर्डर के लिए निगम अधिकारियों को खुद एक-दूसरे अफसरों के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
निदेशालय को भी कई बार दस्तावेज मंगवाने में महीनों व सालों तक का समय लगा जाता था। इससे विकास कार्य तो धीमी गति से होते ही थे, साथ में भ्रष्टाचार में संलिप्तता के ज्यादा लक्षण सामने आने लगे थे। कुछ कामों को बिना टेंडर या वर्क आर्डर के ही अधिकारी अपनी परमिशन से करवा लेते थे और उनका बिल तैयार करवा लिया जाता था। अब डब्ल्यूएमएस पोर्टल से इन समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
सभी टेंडरों की डिटेल रहेगी डब्ल्यूएमएस पोर्टल पर
नगर निगम के सभी टेंडरों की पूरी डिटेल डब्ल्यूएमएस पोर्टल पर रहेगी। इससे ऑनलाइन ही ये देखा जा सकेगा कि कौन सी फाइल किसके पास है। किस काम का कितना ग्रांट था, क्या स्टेट्स रिपोर्ट है इत्यादि। इससे काम में पारदर्शिता आएगी। -रमेश कुमार, एसई, नगर निगम, पानीपत।