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Panipat News: दाखिले के दौरान एमआईएस पोर्टल की तकनीकी खामी ने बढ़ाई परेशानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 02:25 AM IST
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Technical flaw of MIS portal increased problems during admission
पानीपत। नए शैक्षनिक सत्र को शुरू हुए करीब दो महीनें का समय हो चुका है लेकिन राजकीय विद्यालयों में दाखिले के दौरान विद्यार्थियों के सामने चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसका कारण दाखिले के दौरान एमआईएस पोर्टल की तकनीकी खामी आना है। एमआईएस पोर्टल की तकनीकी खराबी ने विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ाई हैं। विद्यार्थियों के दस्तावेज ऑनलाइन डाटा से मेल नहीं खा रहे हैं। किसी का एसआरएन अर्थात स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन नंबर तो किसी विद्यार्थी के दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड डाटा से मेल नहीं कर रहे हैं। विशेषकर बालवाटिका कक्षाओं में दाखिले के दौरान बच्चों के अधार कार्ड में न्यू बोर्न बेची लिखे होने से उन्हें दाखिले में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ये उपरोक्त उन शिक्षकों ने बयां की हैं, वे स्कूलों में एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों के दाखिले कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी अभिभावकों में जानकारी का अभाव व उन द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे दस्तावेजों में कमी बता रहे है।
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प्रवासी मजदूरी के बच्चों के लिए स्केनर कोड बन रहे परेशानी का सबब
एमआईएस पोर्टल पर दाखिले के दौरान प्रवासी मजदूरी के बच्चों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ गया है। क्योंकि काम की तलाश में प्रवासी मजदूर एक से दूसरे राज्यों में जाते रहते हैं। जिस कारण अस्थाई ठिकाना होने से इन बच्चों का स्कैनर कोड जारी नहीं हो पाता है, जिस कारण न तो इन बच्चों का आधार कार्ड बन पाता है और न ही परिवार पहचान-पत्र। जबकि दाखिले के दौरान एमआईएस पोर्टल पर स्कैनर कोड, आधार कार्ड, परिवार पहचान-पत्र, रिहायशी प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज अनिवार्य है।
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अधिकारी फोड़ रहे अभिभावकों पर ठीकरा
एमआईएस पोर्टल पर आ रही तकनीकी खामियों को मानने के बजाय उच्च अधिकारी, अभिभावकों पर ही ठीकरा फोड़ रहे हैं। उच्च अधिकारियों का कहना है कि दाखिले के दौरान अभिभावकों में जानकारी का अभाव है, जिस कारण वे पूरे दस्तावेज नहीं ला रहे हैं, जिस कारण दाखिले के दौरान अभिभावकों से लेकर विद्यार्थियों के सामने दिक्कतें आ रहीं हैं।
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प्रवेश उत्सव को देनी थी रफ्तार
शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट है कि राजकीय विद्यालयों में पहली से 12वीं कक्षा तक अधिक से अधिक दाखिले करवाने के लिए शिक्षकों को डोर-टू-डोर जाकर अभिभावकों को जागरूक करना था ताकि राजकीय विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर गुणवत्ता के साथ सरकारी योजनाओं से अवगत कराना था, जिनमें स्कॉलरशिप, छूट, इनाम राशि सहित अन्य योजनाएं है।


वर्जन-
प्रवेश उत्सव अभी भी जोर-शोर से स्कूलों में चल रहा है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवाया जा सकें। वहीं, शिक्षा रथ के माध्यम से भी जिले को ड्रॉप-आऊट करने का प्रयास किया जा रहा है। दाखिले के दौरान अभिभावकों में जानकारी का अभाव मिल रहा है, जिस कारण वे सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। दाखिले को लेकर शिक्षकों से लगातार बातचीत की जा रही है ताकि समस्याओं का निदान किया जा सकें।
- राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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