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संस्कृत की महिला टीचर का कारनामा: स्कूल में पढ़ाया कलमा... बच्चों ने घर जाकर सुनाया, परिजन के हंगामे पर निकाला

Sun, 18 May 2025 09:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत
अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 18 May 2025 09:55 AM IST
सार

हरियाणा के पानीपत में एक स्कूल में महिला शिक्षिका ने बच्चों को कलमा पढ़ाया। यह बच्चों ने घर जाकर सुनाया तो अभिभावक भड़क गए। उन्होंने हंगामा किया। इस पर प्रिंसिपल ने महिला टीचर को स्कूल से निकाल दिया है।

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Teacher teaching Kalma to children in school when parents created a ruckus principal expelled her from school
महिला टीचर ने स्कूल में कलमा पढ़ाया, परिजन ने किया हंगामा - फोटो : संवाद

विस्तार

पानीपत शहर के वार्ड-10 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में एक मुस्लिम शिक्षिका बच्चों का कलमा पढ़ा रही थी। उसने अपनी पहचान भी मुस्लिम की बजाय हिंदू बताई हुई थी। बच्चे घर जाकर कलमा पढ़ने लगे तो परिजनों को इस मामले का पता चला। 
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अभिभावकों की ओर से हंगामा किए जाने पर प्रिंसिपल ने शिक्षिका को नौकरी से निकाल दिया। फिलहाल पुलिस को इस मामले की शिकायत नहीं दी गई है। वहीं मुस्लिम महिला शिक्षिका ने सबके सामने अपनी गलती भी मान ली है।
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जानकारी के अनुसार किला थाना पुलिस के अंतर्गत वार्ड-10 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में पार्षद कमल अरोड़ा कुछ अभिभावकों के साथ शनिवार को स्कूल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में एक शिक्षिका बच्चों को कलमा पढ़ा रही हैं। 
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प्रिंसिपल इंदु ने जब मामले के बारे में जानकारी ली तो माही नाम की अध्यापिका का नाम महजीब अंसारी पाया गया। इस पर अभिभावकों ने शिक्षिका के खिलाफ स्कूल प्रबंधन को शिकायत दी। 

स्कूल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षिका को नौकरी से हटा दिया। इस दौरान परिजनों के स्कूल के बाहर नारेबाजी करने की सूचना मिलने पर किला थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
 

ऐसे हुआ कलमा पढ़वाने का खुलासा
बच्चों ने बताया कि आठवीं कक्षा में महजीब अंसारी उर्फ माही उन्हें संस्कृत विषय पढ़ाती थी। शिक्षिका ने प्रार्थना सभा के बाद उनको कलमा पढ़वाया। वे छुट्टी के बाद अपने घर चले गए। उन्होंने कलमा गुनगुनाया तो परिजनों ने सुन लिया। परिजनों ने बच्चों से बात की तो पता चला कि स्कूल में एक अध्यापिका ने यह सब बताया है। बच्चों के बताने पर इस बात का खुलासा हुआ।
 

शिक्षिका बोली कलमा पढ़ाया नहीं बताया
प्रिंसिपल इंदु ने अध्यापिका महजीब अंसारी उर्फ माही से बात की। माही ने प्रिंसिपल को बताया कि उसने स्कूल में जाति या धर्म देखकर कभी नहीं पढ़ाया। शिक्षिका ने बताया कि बच्चों को सब धर्मों के बारे में बताया जाता है। उसने बच्चों को बताया था कि जैसे हिंदू पूजा में आरती कहते हैं या फिर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, उसी तरह मुस्लिमों में कलमा पढ़ा जाता है। बच्चों की जिज्ञासा को शांत करने के लिए कलमा की एक दो लाइन बताई थी। उसे खुद हनुमान चालीसा और गीता के श्लोक याद हैं। उसने इन सबको सभी के सामने पढ़ा।

 

शिक्षिका की हरकत ठीक नहीं, नौकरी से निकाला
सरस्वती विद्या मंदिर प्रिंसिपल इंदु ने बताया है कि माही एक साल से स्कूल में संस्कृत पढ़ा रही थी। उनको बच्चों के अभिभावकों से कलमा पढ़वाने के बारे पता चला। शिक्षिका ने अपनी गलती पर माफी मांग ली है। उसे नौकरी से हटा दिया है। उनका नाम बड़ा है और अटपटा भी लगता है। स्कूल में उनको माही नाम से जाना जाता है। विद्यालय के हाजिरी रजिस्टर में उसका असली नाम दर्ज है।

सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में एक मुस्लिम शिक्षिका के बच्चों को कलमा पढ़ाने पर अभिभावकों के हंगामा करने की सूचना मिली थी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। दोनों के बीच मामला निपट गया है। पुलिस को कोई शिकायत मिलती है तो आगामी कार्रवाई की जाएगी।- सुरेश कुमार, प्रभारी, किला थाना।

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