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Panipat News: संपत्ति कर एनडीसी पोर्टल पर तत्काल योजना हुई बंद
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पानीपत। नगर निगम के एनडीसी पोर्टल पर तत्काल योजना के समाधान का विकल्प अब खत्म हो चुका है। पोर्टल पर फीस देने का विकल्प भी बंद हो गया है और योजना के तहत आवेदन भी नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते अब 2500 रुपये की सरकारी फीस देकर संपत्तियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं मिल पाएगा।
निगम के इस निर्णय से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों के लिए खड़ी हो गई है, जिन लोगों को रजिस्ट्री करवाने के लिए तुंरत प्रभाव से एनडीसी चाहिए थी। ऐसे लोगों की रजिस्ट्री का समय भी चूक रहा है। जिससे उनको फिर से संपत्ति कर में सुधार करवाने से लेकर निगम में चक्कर काटने भी पड़ेंगे।
उल्लेखनीय है कि पहले इस योजना के तहत आवेदन करने की सरकारी फीस पांच हजार रुपये थी। जिसे अब घटाकर 2500 रुपये कर दिया गया था। इस विकल्प के माध्यम से आवेदक की संपत्ति कर की त्रुटियों को दुरुस्त करने के लिए निगम दो कार्य दिवस के लिए बाध्य है। समाधान न होने पर योजना की फीस वापस करने के साथ आवेदक को निगम को हर्जाना भी देना तय है।
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करीब एक साल पहले अगस्त 2022 में अविलंब और तुंरत प्रभाव से प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी बनवाने वालों को निकाय ने तत्काल समाधान विकल्प की सौगात दी थी। सरकार ने इसे प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर तत्काल समाधान नाम से चालू भी किया लेकिन ज्यादातर लोगाें को इसका लाभ नहीं मिल सका।
तत्काल समाधान में शहरवासी अपनी संपत्ति में अपना नाम, संपत्ति का पता, मोबाइल नंबर, बकाया शुल्क, संपत्ति का आकार, कैटेगरी से लेकर अनधिकृत एरिया से अधिकृत यानी वैध एरिया में शामिल करने, नई प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी बनवाने के लिए टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते थे। इस संबंध में उप निगम आयुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि निकाय स्तर से एनडीसी पोर्टल चलता है। अगर इसमें तत्काल योजना का विकल्प बंद हुआ होगा तो इस बारे में निकाय को सूचित कर इसे चालू कराया जाएगा।
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निगम के इस निर्णय से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों के लिए खड़ी हो गई है, जिन लोगों को रजिस्ट्री करवाने के लिए तुंरत प्रभाव से एनडीसी चाहिए थी। ऐसे लोगों की रजिस्ट्री का समय भी चूक रहा है। जिससे उनको फिर से संपत्ति कर में सुधार करवाने से लेकर निगम में चक्कर काटने भी पड़ेंगे।
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उल्लेखनीय है कि पहले इस योजना के तहत आवेदन करने की सरकारी फीस पांच हजार रुपये थी। जिसे अब घटाकर 2500 रुपये कर दिया गया था। इस विकल्प के माध्यम से आवेदक की संपत्ति कर की त्रुटियों को दुरुस्त करने के लिए निगम दो कार्य दिवस के लिए बाध्य है। समाधान न होने पर योजना की फीस वापस करने के साथ आवेदक को निगम को हर्जाना भी देना तय है।
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करीब एक साल पहले अगस्त 2022 में अविलंब और तुंरत प्रभाव से प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी बनवाने वालों को निकाय ने तत्काल समाधान विकल्प की सौगात दी थी। सरकार ने इसे प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर तत्काल समाधान नाम से चालू भी किया लेकिन ज्यादातर लोगाें को इसका लाभ नहीं मिल सका।
तत्काल समाधान में शहरवासी अपनी संपत्ति में अपना नाम, संपत्ति का पता, मोबाइल नंबर, बकाया शुल्क, संपत्ति का आकार, कैटेगरी से लेकर अनधिकृत एरिया से अधिकृत यानी वैध एरिया में शामिल करने, नई प्रॉपर्टी आईडी या एनडीसी बनवाने के लिए टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते थे। इस संबंध में उप निगम आयुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि निकाय स्तर से एनडीसी पोर्टल चलता है। अगर इसमें तत्काल योजना का विकल्प बंद हुआ होगा तो इस बारे में निकाय को सूचित कर इसे चालू कराया जाएगा।