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Panipat News: स्वाइन फ्लू के चार मरीजों ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की चिंता
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पानीपत। जिले में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ रहा है। एक जनवरी से अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के चार केस मिल चुके हैं। इनके सैंपल खानपुर मेडिकल कॉलेज में भेजे गए हैं। पिछले 46 दिन में स्वाइन फ्लू के चार केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। अब स्वाइन फ्लू के मरीजों के संपर्क में आने वाले डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों व कर्मचारियों का टीकाकरण होगा। इसके लिए सिविल सर्जन ने निर्देश जारी किए हैं। साथ ही नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड को एक्टिव करने की प्रक्रिया चल रही है।
विदित हो कि 2019 से 2022 तक जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं मिला था। 2023 में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए 18 सैंपल भेजे गए थे। इनमें से तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। इस साल अब तक चार मरीज मिले हैं।
स्वाइन फ्लू, इनफ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। इस वायरस को ही एच1एन1 कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 10 अगस्त 2010 को इसे स्वाइन फ्लू नाम इसलिए दिया था, क्योंकि सूअरों में फ्लू फैलाने वाले इनफ्लुएंजा वायरस से यह मिलता जुलता था। स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता है। इस कारण मरीज से कम से कम तीन फुट की दूरी बनाए रखनी चाहिए। मरीजों को डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार दवा लेनी चाहिए।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
नाक का लगातार बहना, छींक आना, कफ, कोल्ड और लगातार खांसी, मांसपेशियों में दर्द या अकड़न, सिर में भयानक दर्द, नींद न आना, ज्यादा थकान, दवा खाने पर भी बुखार का लगातार बढ़ना, गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना।
पानीपत में स्वाइन फ्लू के अब तक चार केस मिले हैं। इनके वायरस की जांच के लिए सैंपल खानपुर मेडिकल कॉलेज में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि ये इनफ्लुएंजा का वायरस ए है या बी।
- डॉ. सुनील संदूजा, नोडल अधिकारी स्वाइन फ्लू।
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विदित हो कि 2019 से 2022 तक जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं मिला था। 2023 में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए 18 सैंपल भेजे गए थे। इनमें से तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। इस साल अब तक चार मरीज मिले हैं।
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स्वाइन फ्लू, इनफ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। इस वायरस को ही एच1एन1 कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 10 अगस्त 2010 को इसे स्वाइन फ्लू नाम इसलिए दिया था, क्योंकि सूअरों में फ्लू फैलाने वाले इनफ्लुएंजा वायरस से यह मिलता जुलता था। स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता है। इस कारण मरीज से कम से कम तीन फुट की दूरी बनाए रखनी चाहिए। मरीजों को डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार दवा लेनी चाहिए।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
नाक का लगातार बहना, छींक आना, कफ, कोल्ड और लगातार खांसी, मांसपेशियों में दर्द या अकड़न, सिर में भयानक दर्द, नींद न आना, ज्यादा थकान, दवा खाने पर भी बुखार का लगातार बढ़ना, गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना।
पानीपत में स्वाइन फ्लू के अब तक चार केस मिले हैं। इनके वायरस की जांच के लिए सैंपल खानपुर मेडिकल कॉलेज में भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि ये इनफ्लुएंजा का वायरस ए है या बी।
- डॉ. सुनील संदूजा, नोडल अधिकारी स्वाइन फ्लू।