{"_id":"61e1d20e71e87f5b6a321a3c","slug":"surya-namaskar-is-the-biggest-tonic-of-health-panipat-news-knl960526124","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेहत का सबसे बड़ा टॉनिक है सूर्य नमस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेहत का सबसे बड़ा टॉनिक है सूर्य नमस्कार
विज्ञापन
पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में सूर्य नमस्कार करते हुए प्रचार्य व विद्यार्थी।
- फोटो : Panipat
पानीपत। उच्चतर शिक्षा विभाग एवं आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार एसडी पीजी कॉलेज में शुक्रवार को मकर संक्रांति के मौके पर सूर्य नमस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित सभी लोगों को सूर्य नमस्कार के फायदों व इसके महत्व के बारे में बताकर सूर्य नमस्कार करके दिखाया गया।
कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभाग, एनएसएस और युवा रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सूर्य नमस्कार समारोह की विधिवत शुरुआत प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने संस्कृत श्लोकोच्चारण के साथ की। उन्होंने कहा कि सेहत के लिए सबसे बड़ा टॉनिक सूर्य नमस्कार है। असल में सूर्य नमस्कार भी एक तरह का योग आसन ही है। इसमें शरीर के 10 अंग एक के बाद एक काम में आते हैं और 12 चरणों में आठ तरह के आसन मिलकर एक सूर्य नमस्कार को पूरा करते हैं।
डॉ. राकेश गर्ग ने कहा कि सूर्य नमस्कार सुबह के समय खुले में पूर्व दिशा में उगते सूरज की ओर करना चाहिए। उगते सूर्य के प्रकाश से हमारे शरीर को विटामिन डी मिलता है, हड्डियां मजबूत होती हैं, त्वचा स्वस्थ रहती है और मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है।
विज्ञापन
डॉ. सुशीला बेनीवाल ने कहा कि यदि सूर्य नमस्कार दोपहर में भी किया जाता है तो भी यह शरीर को तत्काल ऊर्जा से भर देता है। यदि सूर्य नमस्कार तेज गति के साथ किया जाए तो बहुत अच्छा व्यायाम साबित हो सकता है। इस मौके पर शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ. सुशीला बेनीवाल, एनएसएस अधिकारी डॉ. राकेश गर्ग समेत अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
योग के बाद सूर्य नमस्कार होगा ग्लोबल
योग के बाद अब भारत सरकार ने सूर्य नमस्कार को भी ग्लोबल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं और इस बार आयुष मंत्रालय वैश्विक स्तर पर 75 लाख लोगों के लिए 75 करोड़ ग्लोबल सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम मकर संक्रांति से शुरू होकर 12 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति किन्ही भी 21 दिनों में सूर्य नमस्कार को नियमित रूप से निभाएगा।
विज्ञापन
कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभाग, एनएसएस और युवा रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सूर्य नमस्कार समारोह की विधिवत शुरुआत प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने संस्कृत श्लोकोच्चारण के साथ की। उन्होंने कहा कि सेहत के लिए सबसे बड़ा टॉनिक सूर्य नमस्कार है। असल में सूर्य नमस्कार भी एक तरह का योग आसन ही है। इसमें शरीर के 10 अंग एक के बाद एक काम में आते हैं और 12 चरणों में आठ तरह के आसन मिलकर एक सूर्य नमस्कार को पूरा करते हैं।
विज्ञापन
डॉ. राकेश गर्ग ने कहा कि सूर्य नमस्कार सुबह के समय खुले में पूर्व दिशा में उगते सूरज की ओर करना चाहिए। उगते सूर्य के प्रकाश से हमारे शरीर को विटामिन डी मिलता है, हड्डियां मजबूत होती हैं, त्वचा स्वस्थ रहती है और मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है।
विज्ञापन
डॉ. सुशीला बेनीवाल ने कहा कि यदि सूर्य नमस्कार दोपहर में भी किया जाता है तो भी यह शरीर को तत्काल ऊर्जा से भर देता है। यदि सूर्य नमस्कार तेज गति के साथ किया जाए तो बहुत अच्छा व्यायाम साबित हो सकता है। इस मौके पर शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ. सुशीला बेनीवाल, एनएसएस अधिकारी डॉ. राकेश गर्ग समेत अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
योग के बाद सूर्य नमस्कार होगा ग्लोबल
योग के बाद अब भारत सरकार ने सूर्य नमस्कार को भी ग्लोबल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं और इस बार आयुष मंत्रालय वैश्विक स्तर पर 75 लाख लोगों के लिए 75 करोड़ ग्लोबल सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम मकर संक्रांति से शुरू होकर 12 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति किन्ही भी 21 दिनों में सूर्य नमस्कार को नियमित रूप से निभाएगा।