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Panipat News: सुरेंद्र ने चिकित्सक जांच से किया मना, विजय जाना चाहता है घर
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पानीपत। मतलौडा के पंजाबी मोहल्ला निवासी 48 वर्षीय सुरेंद्र उर्फ शैंटी और उनका भाई विजय अब कुछ सामान्य होने लगे हैं। सुरेंद्र को अब भूख भी लगने है। उसने इन सबके बीच मंगलवार को चिकित्सक जांच से मना कर दिया। वहीं बड़ा भाई विजय ने अपने घर जाने की इच्छा जताई है। दोनों ने एक दूसरे से बात भी की। जन सेवा दल के अपना आशियाना के दूसरे लोगों भी उनसे बात कर दुख कम करने का प्रयास किया। इन सबके बीच पुलिस एक महिला को अपना आशियाना लेकर पहुंची। वह अपने बारे में कुछ भी नहीं बोल पा रही है।
जनसेवा दल के सदस्य चमन लाल ने बताया कि सुरेंद्र उर्फ शैंटी को मंगलवार को चिकित्सक जांच के लिए लेकर जाना था। यहां उसका अल्ट्रासाउंड व अन्य जांच करानी थी। उनको सुबह तैयार भी किया, लेकिन उन्होंने चिकित्सक के पास जाने से मना कर दिया। सुरेंद्र पिछले दो दिन से एक रोटी ही खा पाता था। उसने मंगलवार को एक रोटी से कुछ अधिक खाई और चाय पीने की इच्छा जताई। उनको उम्मीद है कि वह जल्द ही ठीक हो जाएगा। विजय मानसिक रूप से अशक्त होने के चलते इन सबकी परवाह नहीं कर रहा है। उसने अपने घर जाने की इच्छा जताई है।
यह है मामला
मतलौडा के पंजाबी मोहल्ला निवासी सुरेंद्र उर्फ शैंटी ने कोरोना में अपनी मां और अब पिछले दिकों एक भाई की मौत के बाद खुद को अपने मकान के शौचालय में बंद कर लिया था। उसका बड़ा भाई विजय मानसिक रूप से अशक्त होने के चलते बाहर घूमता रहता था। जन सेवा दल इनको निकालकर अपना आशियाना में लेकर आए थे। सुरेंद्र लगातार 45 दिन भूखा रहा था।
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जनसेवा दल के सदस्य चमन लाल ने बताया कि सुरेंद्र उर्फ शैंटी को मंगलवार को चिकित्सक जांच के लिए लेकर जाना था। यहां उसका अल्ट्रासाउंड व अन्य जांच करानी थी। उनको सुबह तैयार भी किया, लेकिन उन्होंने चिकित्सक के पास जाने से मना कर दिया। सुरेंद्र पिछले दो दिन से एक रोटी ही खा पाता था। उसने मंगलवार को एक रोटी से कुछ अधिक खाई और चाय पीने की इच्छा जताई। उनको उम्मीद है कि वह जल्द ही ठीक हो जाएगा। विजय मानसिक रूप से अशक्त होने के चलते इन सबकी परवाह नहीं कर रहा है। उसने अपने घर जाने की इच्छा जताई है।
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यह है मामला
मतलौडा के पंजाबी मोहल्ला निवासी सुरेंद्र उर्फ शैंटी ने कोरोना में अपनी मां और अब पिछले दिकों एक भाई की मौत के बाद खुद को अपने मकान के शौचालय में बंद कर लिया था। उसका बड़ा भाई विजय मानसिक रूप से अशक्त होने के चलते बाहर घूमता रहता था। जन सेवा दल इनको निकालकर अपना आशियाना में लेकर आए थे। सुरेंद्र लगातार 45 दिन भूखा रहा था।
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