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Panipat News: विद्यार्थियों ने सीखे भाषण कौशल में निपुणता के गुर
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पानीपत। आईबी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इंटर्नशिप सेल की ओर से बीकॉम प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए सार्वजनिक भाषण कौशल में निपुणता कैसे प्राप्त करें विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में लगभग 200 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसमें विद्यार्थियों ने भाषण कौशल में निपुणता के गुर सीखे।
सेमिनार का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने किया और कहा कि वक्तव्य कला किसी भी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कौशल है। इस पर लाइव ऑडियंस से बात करने में लोग घबराते हैं। सार्वजनिक भाषण देने से न सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि एनालिटिकल माइंडसेट भी विकसित होता है। अपनी बात को समझाने के लिए सही शब्दों का चयन किया जाए ताकि प्राप्तकर्ता आसानी से संदेश समझ सके। इसलिए इसमें निपुणता हासिल करना आज के युग की जरूरत बन चुकी है।
सेमिनार की मुख्य वक्ता महाविद्यालय से ही सॉफ्ट स्किल ट्रेनर शिखा जुनेजा रही। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भीड़ के सामने बोलना इतना आसान नहीं है लेकिन निरंतर अभ्यास से कोई भी शिखर को छू सकता है। भाषण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर विषय को तैयार करना ही सफलता की कुंजी है। आप श्रोता का विश्लेषण करिए ताकि अपनी बात सही ढंग से समझा सकें। बॉडी लैंग्वेज और उच्चारण पर ध्यान देना अति महत्वपूर्ण है। अच्छे वक्ता बनने से पहले व्यक्ति का अच्छा श्रोता बनना जरूरी है।
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इंटर्नशिप कोऑर्डिनेटर माधवी ने कहा कि सार्वजनिक भाषण कौशल संचार का महत्वपूर्ण अंग है और इसमें महारत हासिल करके विद्यार्थी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। अच्छे सार्वजनिक वक्ता लोगों को आसानी से प्रभावित कर सकते हैं और कॅरिअर में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
मंच का संचालन ज्योति ने किया। सेमिनार के आयोजन में साक्षी मुंझाल, रितिका जताना, निशा गुप्ता, रीना, मनीत कौर, सोनिया विरमानी, आंचल ने अहम भूमिका निभाई।
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सेमिनार का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने किया और कहा कि वक्तव्य कला किसी भी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कौशल है। इस पर लाइव ऑडियंस से बात करने में लोग घबराते हैं। सार्वजनिक भाषण देने से न सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि एनालिटिकल माइंडसेट भी विकसित होता है। अपनी बात को समझाने के लिए सही शब्दों का चयन किया जाए ताकि प्राप्तकर्ता आसानी से संदेश समझ सके। इसलिए इसमें निपुणता हासिल करना आज के युग की जरूरत बन चुकी है।
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सेमिनार की मुख्य वक्ता महाविद्यालय से ही सॉफ्ट स्किल ट्रेनर शिखा जुनेजा रही। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भीड़ के सामने बोलना इतना आसान नहीं है लेकिन निरंतर अभ्यास से कोई भी शिखर को छू सकता है। भाषण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर विषय को तैयार करना ही सफलता की कुंजी है। आप श्रोता का विश्लेषण करिए ताकि अपनी बात सही ढंग से समझा सकें। बॉडी लैंग्वेज और उच्चारण पर ध्यान देना अति महत्वपूर्ण है। अच्छे वक्ता बनने से पहले व्यक्ति का अच्छा श्रोता बनना जरूरी है।
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इंटर्नशिप कोऑर्डिनेटर माधवी ने कहा कि सार्वजनिक भाषण कौशल संचार का महत्वपूर्ण अंग है और इसमें महारत हासिल करके विद्यार्थी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। अच्छे सार्वजनिक वक्ता लोगों को आसानी से प्रभावित कर सकते हैं और कॅरिअर में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
मंच का संचालन ज्योति ने किया। सेमिनार के आयोजन में साक्षी मुंझाल, रितिका जताना, निशा गुप्ता, रीना, मनीत कौर, सोनिया विरमानी, आंचल ने अहम भूमिका निभाई।