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आग बरसाती मिसाइलों के डर से बंकरों में कैद हुए विद्यार्थी
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यूक्रेन के हालातों के बारे में बताती हुई ट्विंकल साथ में उनके पिता देवेंद्र।
- फोटो : Panipat
पानीपत। रूस और यूक्रेन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। यूक्रेन में हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि एक और बरसती रूस की मिसाइलें हैं और दूसरी तरफ यूक्रेन के लोगों के साथ हिंदुस्तान के हजारों बच्चे बंकरों में सिर छुपाए बैठे हैं। उनके पास न खाने-पीने की चीजें हैं और न साफ वातावरण। जान हथेली पर उठाए ये बच्चे सिर्फ वतन वापसी की आस लगाए बैठे हैं। ये बातें यूक्रेन से हाल ही में लौटी एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई गांव बिहौली की छात्रा ट्विंकल ने बताईं।
वह बताती हैं कि अभी भी देश के करीब 18 हजार, प्रदेश के करीब दो हजार और पानीपत के करीब 50 बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं। दूसरी तरफ फ्लाइट्स बंद हो चुकी हैं, जो थी वे भी काफी मंहगी थी। 25 हजार वाली फ्लाइट के रेट 70 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। वह भी अंतिम फ्लाइट में अपने घर वापस लौंट सकीं। ट्विंकल ने बताया कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गई थीं। वह बुधवार रात की फ्लाइट्स में यूक्रेन से बैठीं और वीरवार को वतन लौटीं। वीरवार शाम को घर पहुंची ट्विंकल को सही-सलामत देख परिजनों ने भी राहत की सांस ली।
ट्विंकल यूक्रेन के अपने दोस्तों से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उन्हें ढांढस बधाने का काम कर रही हैं। वहीं, उसके दोस्तों के सिर पर मंडराता मौत का खतरा बार बार उन्हें भी चिंतित कर रहा है। ट्विंकल के पिता देवेंद्र ने सरकार से मांग की है कि देश के सभी बच्चों को अपने देश वापस लाया जाए। उनके परिजन भी काफी चिंतिंत हैं। देवेंद्र ने ये भी बताया कि उनके गांव के ही दो छात्र अभी भी यूक्रेन में हैं, जो अभी तक वापस नहीं लौट पाए हैं।
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डर के साये में बंकरों में गुजार रहे हैं रात
घर पहुंचने के बाद ट्विंकल ने यूक्रेन में रहने वाले अपने ही गांव के पड़ोसी जतिन से वीडियो कॉल पर बात की तो उसने बताया कि भारतीय छात्रों को बंकरों में रहकर रात गुजारनी पड़ रही है। उन्हें किसी प्रकार की कोई भी सुविधा नहीं मिल रही। डर के साये में बंकरों में पूरी रात जागना पड़ता है। इन बंकरों में न तो साफ सफाई है और न ही खाने-पीने की कोई व्यवस्था है। जतिन ने बताया कि बहुत से भारतीय छात्र घरों के बेसमेंट में छुपे हुए हैं।
एयरपोर्ट पर हजारों की संख्या में हैं छात्र
ट्विंकल ने बताया कि यूक्रेन में रूस की सेना घुस चुकी है और लगातार हवाई हमले कर रही है। हमलों से यूक्रेन में सभी मार्केट, स्कूल कॉलेज, संस्थान आदि बंद कर दिए गए हैं। भारतीय दूतावास की ओर से छात्रों को सूचना दी गई है कि वे बाहर न निकले और अपना खाने पीने का सामान जमा कर लें। ट्विंकल ने बताया कि जब वह वापस आने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचीं तो वहां पर हजारों की संख्या में भारतीय छात्र फ्लाइटों का इंतजार कर रहे थे।
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वह बताती हैं कि अभी भी देश के करीब 18 हजार, प्रदेश के करीब दो हजार और पानीपत के करीब 50 बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं। दूसरी तरफ फ्लाइट्स बंद हो चुकी हैं, जो थी वे भी काफी मंहगी थी। 25 हजार वाली फ्लाइट के रेट 70 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। वह भी अंतिम फ्लाइट में अपने घर वापस लौंट सकीं। ट्विंकल ने बताया कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गई थीं। वह बुधवार रात की फ्लाइट्स में यूक्रेन से बैठीं और वीरवार को वतन लौटीं। वीरवार शाम को घर पहुंची ट्विंकल को सही-सलामत देख परिजनों ने भी राहत की सांस ली।
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ट्विंकल यूक्रेन के अपने दोस्तों से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उन्हें ढांढस बधाने का काम कर रही हैं। वहीं, उसके दोस्तों के सिर पर मंडराता मौत का खतरा बार बार उन्हें भी चिंतित कर रहा है। ट्विंकल के पिता देवेंद्र ने सरकार से मांग की है कि देश के सभी बच्चों को अपने देश वापस लाया जाए। उनके परिजन भी काफी चिंतिंत हैं। देवेंद्र ने ये भी बताया कि उनके गांव के ही दो छात्र अभी भी यूक्रेन में हैं, जो अभी तक वापस नहीं लौट पाए हैं।
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डर के साये में बंकरों में गुजार रहे हैं रात
घर पहुंचने के बाद ट्विंकल ने यूक्रेन में रहने वाले अपने ही गांव के पड़ोसी जतिन से वीडियो कॉल पर बात की तो उसने बताया कि भारतीय छात्रों को बंकरों में रहकर रात गुजारनी पड़ रही है। उन्हें किसी प्रकार की कोई भी सुविधा नहीं मिल रही। डर के साये में बंकरों में पूरी रात जागना पड़ता है। इन बंकरों में न तो साफ सफाई है और न ही खाने-पीने की कोई व्यवस्था है। जतिन ने बताया कि बहुत से भारतीय छात्र घरों के बेसमेंट में छुपे हुए हैं।
एयरपोर्ट पर हजारों की संख्या में हैं छात्र
ट्विंकल ने बताया कि यूक्रेन में रूस की सेना घुस चुकी है और लगातार हवाई हमले कर रही है। हमलों से यूक्रेन में सभी मार्केट, स्कूल कॉलेज, संस्थान आदि बंद कर दिए गए हैं। भारतीय दूतावास की ओर से छात्रों को सूचना दी गई है कि वे बाहर न निकले और अपना खाने पीने का सामान जमा कर लें। ट्विंकल ने बताया कि जब वह वापस आने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचीं तो वहां पर हजारों की संख्या में भारतीय छात्र फ्लाइटों का इंतजार कर रहे थे।