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Panipat News: हड़ताल से नहीं हो रहा काम, प्रशासन मौन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jul 2023 02:48 AM IST
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Strike is not working, administration is silent
पानीपत। क्लर्कों की हड़ताल का सरकारी कार्यालयों के कामकाज पर असर नजर आने लगा है। जिले में तीन दिन की हड़ताल में करीब 13 करोड़ की चपत लगी। सबसे अधिक राजस्व विभाग का काम प्रभावित हुआ। तहसीलों में रजिस्टरी, वाहन रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पाने के कारण लगातार तीसरे दिन लोगों को जिला सचिवालय से बिना काम कराए ही खाली हाथ लौटना पड़ा। लोगों ने सरकार से समस्या के समाधान की मांग की है, वहीं प्रशासन क्लर्कों से बात करने की बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। ऐसे में क्लर्कों में भी रोष बढ़ता जा रहा है।
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क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा के बैनर तले क्लर्कों की हड़ताल शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। क्लर्क सुबह से ही जिला सचिवालय के सामने एलिवेटेड हाईवे के नीचे धरने पर बैठे रहे। उनको कई दूसरी यूनियनों का भी समर्थन मिला। सरकारी कार्यालयों के दूसरे कर्मचारी भी उनके समर्थन में सीटों से नदारद रहे। ऐसे में शुक्रवार को किसी भी कार्यालय में काम नजर नहीं आया। सबसे अधिक राजस्व विभाग का काम प्रभावित हुआ। शुक्रवार को लोगों को टोकन भी नहीं दिए गए। खिड़की पूरा दिन खाली रही। इसके अलावा वाहन रजिस्ट्रेशन व ड्राइविंग लाइसेंस की खिड़की भी खाली रही। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला प्रधान सतबीर ने कहा कि क्लकों की मांग जायज हैं। सरकार को उनकी वेतनवृद्धि करनी चाहिए। वे मांगों को मानने तक काम पर नहीं लौटेंगे। एसोसिएशन ने धरना स्थल के पीछे ही भंडारा शुरू करा दिया है। इसको देखते हुए क्लर्क आरपार की करने की तैयारी में नजर आ रहे हैं।
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हड़ताल से राजस्व को लगी 13 करोड़ की चपत
क्लकों की हड़ताल के चलते सरकार को लगभग 13 करोड़ राजस्व की क्षति हुई है। पानीपत तहसील में हर रोज 90 से 10 रजिस्टरी होती हैं। यह अनुमानित राजस्व करीब दो करोड़ रुपये आता है। जिले की बाकी तहसील व उप तहसील में भी 90 से 100 रजिस्टरी होती हैं। यहां पर भी हर रोज करीब दो करोड़ राजस्व का नुकसान हो रहा है। तीन दिन में जिले में रजिस्टरी न होने से करीब 12 करोड़ के राजस्व को नुकसान हुआ है। पानीपत व समालखा सब डिविजन में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता है। दोनों जगह हर रोज 250 लाइसेंस और 350 वाहनों के रजिस्ट्रेशन व एनओसी से संबंधित फाइल आती हैं। इनमें सरकार को हर रोज 28 से 35 लाख का नुकसान हो रहा है। तीन दिन में करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ है।
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कोट्स फोटो 5
सरकार से है उनकी लड़ाई
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के महासचिव अरविंद कुमार ने बताया कि क्लर्क, पटवारी और जेबीटी एक की पे-स्केल पर होते थे। अब क्लर्क 19,400 पर हैं और पटवारी व जेबीटी 32 से 35 हजार के बीच का पे स्कूल ले रहे हैं। एक बाबू पूरे कार्यालय का काम संभालता है। उनको भी लोगों को परेशान होते देखने में दुख होता है, लेकिन उनकी लड़ाई सरकार से है।


कोट्स फोटो- 4
संघर्ष को किया जाएगा तेज
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के उप प्रधान संदीप शर्मा ने बताया कि क्लर्क अपनी मांगों को प्रशासन, विधायक व सांसद तक पहुंचा चुके हैं। सीएम से दो बार मिलने का समय लिया, लेकिन वे एक बार भी नहीं मिले। क्लर्क अपनी मांगों के लागू होने तक धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। सरकार इसको लेकर जल्द ही फैसला नहीं लेती है तो वे संघर्ष तेज करने को मजबूर होंगे।

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कोट्स
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए काट रहे चक्कर
राजीव कॉलोनी निवासी सौरभ जिला सचिवालय में ड्राइविंग लाइसेंस लेने आए थे। कार्यालय में क्लर्क नहीं मिलने पर उनको लाइसेंस नहीं मिला। वह तीन दिन से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

काेट्स
गांधीवादी तरीके से कर सकते हैं विरोध
तहसील कैंप निवासी प्रिंस ने बताया कि वह डोमीसाइल बनवाने आया था। सरल केंद्र पर ऑनलाइन एप्लाई कराया, लेकिन अब आगे नहीं मिल पा रहा है। क्लर्क का काम छोड़कर हड़ताल पर जाने का तरीका सही नहीं है। वे गांधीवादी तरीके को अपना सकते हैं।
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