{"_id":"68d3114a16dab0857c0b82be","slug":"statues-of-mahalakshmi-mahakali-and-mahasaraswati-installed-in-sanatan-dharma-shiva-temple-panipat-news-c-244-1-pnp1007-144321-2025-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सनातन धर्म शिव मंदिर में महालक्ष्मी, महाकाली व महासरस्वती की मूर्ति स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सनातन धर्म शिव मंदिर में महालक्ष्मी, महाकाली व महासरस्वती की मूर्ति स्थापित
विज्ञापन
पंडित रामप्रकाश पाठक। स्रोत : स्वयं
- मंदिर में दो समय की जाती है माता की आरती, नवरात्र पर होती है विशेष पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सेक्टर-12 स्थित सनातन धर्म शिव मंदिर की स्थापना 2001 में की गई। मंदिर में माता के तीन रूप महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती स्थापित हैं जिनकी नवरात्र में विशेष पूजा की जाती है। मंदिर में सुबह माता के दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लग जाती है। मंदिर में 11 सदस्यों की समिति व्यवस्था बनाकर रखती है।
मंदिर के पंडित रामप्रकाश पाठक ने बताया कि मंदिर की स्थापना के समय से ही मंदिर में माता के तीन रूप स्थापित हैं जिनकी नवरात्र में विशेष पूजन व आरती की जाती है। मंदिर में माता के साथ शिव परिवार, शिवलिंग, राधा-कृष्ण, लक्ष्मी नारायण स्थापित है जिनकी प्रतिदिन पूजा की जाती है। नवरात्र में माता का श्रृंगार प्रतिदिन ताजा फूलों से किया जाता है। कहा जाता है कि कलयुग में मनुष्य की मनोकामना सबसे जल्दी मां भगवती, भगवान गणेश और हनुमान ही सुनते हैं और नवरात्र में तो मां भगवती पृथ्वी पर विद्यमान रहती हैं इसलिए सच्चे मन से विधिपूर्वक नवरात्र करने से व्यक्ति की सभी मनोकामना पूरी होती हैं। इस दौरान विद्या चाहने वाले को विद्या, धन चाहने वाले को धन, कुंवारी कन्या जो विवाह के लिए अराधना करती है उसे सुंदर पति मिलता है। नवरात्र में विधिपूर्वक व्रत करना का अपना विशेष महत्व है।
माता के दर्शन के लिए लाइन की व्यवस्था
मंदिर के प्रधान विनोद गुप्ता ने बताया कि मंदिर में प्रत्येक व्यवस्था बनाकर रखने के लिए मंदिर ने 11 सदस्यों की समिति बना रखी है। समिति द्वारा नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शन करने के लिए लाइन की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को माता के दर्शन व पूजन के लिए परेशान न हो। मंदिर में दो समय सुबह मंगल आरती व शाम को संध्या आरती की जाती है। मंदिर में अपने वाहन पर सेक्टर-11-12 की मुख्य सड़क से सीधे आ सकते हैं। ऑटो में आते हैं तो जीटी रोड पर सेक्टर-11-12 या फिर मित्तल मेगा माल की सड़क से आ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सेक्टर-12 स्थित सनातन धर्म शिव मंदिर की स्थापना 2001 में की गई। मंदिर में माता के तीन रूप महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती स्थापित हैं जिनकी नवरात्र में विशेष पूजा की जाती है। मंदिर में सुबह माता के दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लग जाती है। मंदिर में 11 सदस्यों की समिति व्यवस्था बनाकर रखती है।
मंदिर के पंडित रामप्रकाश पाठक ने बताया कि मंदिर की स्थापना के समय से ही मंदिर में माता के तीन रूप स्थापित हैं जिनकी नवरात्र में विशेष पूजन व आरती की जाती है। मंदिर में माता के साथ शिव परिवार, शिवलिंग, राधा-कृष्ण, लक्ष्मी नारायण स्थापित है जिनकी प्रतिदिन पूजा की जाती है। नवरात्र में माता का श्रृंगार प्रतिदिन ताजा फूलों से किया जाता है। कहा जाता है कि कलयुग में मनुष्य की मनोकामना सबसे जल्दी मां भगवती, भगवान गणेश और हनुमान ही सुनते हैं और नवरात्र में तो मां भगवती पृथ्वी पर विद्यमान रहती हैं इसलिए सच्चे मन से विधिपूर्वक नवरात्र करने से व्यक्ति की सभी मनोकामना पूरी होती हैं। इस दौरान विद्या चाहने वाले को विद्या, धन चाहने वाले को धन, कुंवारी कन्या जो विवाह के लिए अराधना करती है उसे सुंदर पति मिलता है। नवरात्र में विधिपूर्वक व्रत करना का अपना विशेष महत्व है।
विज्ञापन
माता के दर्शन के लिए लाइन की व्यवस्था
मंदिर के प्रधान विनोद गुप्ता ने बताया कि मंदिर में प्रत्येक व्यवस्था बनाकर रखने के लिए मंदिर ने 11 सदस्यों की समिति बना रखी है। समिति द्वारा नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शन करने के लिए लाइन की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को माता के दर्शन व पूजन के लिए परेशान न हो। मंदिर में दो समय सुबह मंगल आरती व शाम को संध्या आरती की जाती है। मंदिर में अपने वाहन पर सेक्टर-11-12 की मुख्य सड़क से सीधे आ सकते हैं। ऑटो में आते हैं तो जीटी रोड पर सेक्टर-11-12 या फिर मित्तल मेगा माल की सड़क से आ सकते हैं।

पंडित रामप्रकाश पाठक। स्रोत : स्वयं
विज्ञापन