{"_id":"62b4d185b6ac47651c0fbd93","slug":"state-information-commission-s-notice-to-municipal-corporation-sought-reply-in-two-weeks-panipat-news-knl1124651110","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य सूचना आयोग का नगर निगम को नोटिस, दो सप्ताह में मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य सूचना आयोग का नगर निगम को नोटिस, दो सप्ताह में मांगा जवाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। स्वच्छ भारत मिशन की हर घर शौचालय योजना के लाभार्थी छह साल से निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। आज तक लाभ मिल पाया है न अधिकारी जानकारी। अब यह मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंच गया है। आयोग के आयुक्त ने निगम अधिकारियों से दो सप्ताह में जवाब तलब किया है। जवाब न देने या देरी पर कार्रवाई की जाएगी।
योजना के अनुसार लाभार्थियों को 14 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए दिए जाने थे। इसके लिए सरकार ने वर्ष 2016 में 1.3 करोड़ रुपये की राशि भी भेजी, लेकिन अधिकारियों ने सिर्फ 1650 आवेदनकर्ताओं को दो-दो हजार रुपये देकर निपटा दिया। गौरतलब है कि पांच साल तक निगम कार्यालय में योजना के 14 हजार रुपये पाने के लिए लोगों ने काफी चक्कर काटे। जब बात नहीं बनीं तो इसकी शिकायत की गई। इस शिकायत को निगम के अधिकारियों ने फर्जी हस्ताक्षर तक कर बंद करा दिया। इसका खुलासा लाभार्थियों ने डिस्पॉज ऑफ की कॉल वेरिफिकेशन से किया था।
पहली किस्त पूरी नहीं मिली, दूसरी का पता नहीं
वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत इंडिविजुअल हाउस होल्ड लैटरीन स्कीम के अंतर्गत सरकार की ओर से 14 हजार रुपये सहायतार्थ राशि दी जानी थी। जो सात-सात हजार की दो किस्तों में आनी थी। शौचालय बनाने के लिए शहर से करीब साढ़े चार हजार आवेदन आए। इनमें से करीब 1950 आवेदन स्वीकार किए गए, लेकिन इनमें से भी सिर्फ 1650 लोगों को पहली सात हजार रुपये की किस्त में से दो हजार रुपये ही मिले। दूसरी किस्त का अता-पता ही नहीं है। करीब 300 आवेदनकर्ता ऐसे हैं, जिन्हें पहली किस्त के तीन से पांच हजार रुपये ही मिले।
विज्ञापन
लाभ मिला न जानकारी
तहसील कैंप के सुधीर नगर निवासी नरेश कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने भी योजना के तहत आवदेन किया था लेकिन निगम अधिकारियों ने उन्हें छह साल तक धक्के खिलाए। अब उन्हें लाभ मिला है लेकिन अब तक हजारों लाभार्थी ऐसे हैं, जो लाभ से वंचित हैं। बृहस्पतिवार को राज्य सूचना आयोग ने निगम को तलब किया था, लेकिन अधिकारी पेशी पर नहीं पहुंचे। अब उनको दो सप्ताह का समय दिया गया है।
मामला संज्ञान में नहीं है। अधिकारियों से इस मामले की पूरी रिपोर्ट ली जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र सिंह, उप निगम आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन
योजना के अनुसार लाभार्थियों को 14 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए दिए जाने थे। इसके लिए सरकार ने वर्ष 2016 में 1.3 करोड़ रुपये की राशि भी भेजी, लेकिन अधिकारियों ने सिर्फ 1650 आवेदनकर्ताओं को दो-दो हजार रुपये देकर निपटा दिया। गौरतलब है कि पांच साल तक निगम कार्यालय में योजना के 14 हजार रुपये पाने के लिए लोगों ने काफी चक्कर काटे। जब बात नहीं बनीं तो इसकी शिकायत की गई। इस शिकायत को निगम के अधिकारियों ने फर्जी हस्ताक्षर तक कर बंद करा दिया। इसका खुलासा लाभार्थियों ने डिस्पॉज ऑफ की कॉल वेरिफिकेशन से किया था।
विज्ञापन
पहली किस्त पूरी नहीं मिली, दूसरी का पता नहीं
वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत इंडिविजुअल हाउस होल्ड लैटरीन स्कीम के अंतर्गत सरकार की ओर से 14 हजार रुपये सहायतार्थ राशि दी जानी थी। जो सात-सात हजार की दो किस्तों में आनी थी। शौचालय बनाने के लिए शहर से करीब साढ़े चार हजार आवेदन आए। इनमें से करीब 1950 आवेदन स्वीकार किए गए, लेकिन इनमें से भी सिर्फ 1650 लोगों को पहली सात हजार रुपये की किस्त में से दो हजार रुपये ही मिले। दूसरी किस्त का अता-पता ही नहीं है। करीब 300 आवेदनकर्ता ऐसे हैं, जिन्हें पहली किस्त के तीन से पांच हजार रुपये ही मिले।
विज्ञापन
लाभ मिला न जानकारी
तहसील कैंप के सुधीर नगर निवासी नरेश कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने भी योजना के तहत आवदेन किया था लेकिन निगम अधिकारियों ने उन्हें छह साल तक धक्के खिलाए। अब उन्हें लाभ मिला है लेकिन अब तक हजारों लाभार्थी ऐसे हैं, जो लाभ से वंचित हैं। बृहस्पतिवार को राज्य सूचना आयोग ने निगम को तलब किया था, लेकिन अधिकारी पेशी पर नहीं पहुंचे। अब उनको दो सप्ताह का समय दिया गया है।
मामला संज्ञान में नहीं है। अधिकारियों से इस मामले की पूरी रिपोर्ट ली जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र सिंह, उप निगम आयुक्त, नगर निगम