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Panipat News: भालसी में स्टाफ की कमी और बिंझौल स्कूल मंे सुविधाओं की दरकार
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बिंझौल स्कूल में बने अस्थाई शौचालय।
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने के लिए शुरू किए गए कैसी है पाठशाला अभियान के दूसरे दिन जीएमएस भालसी और शहीद मेजर आशीष धौंचक राजकीय उच्च विद्यालय बिंझौल की पड़ताल की गई। दोनों स्कूलों की तस्वीर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग नजर आई। भालसी स्कूल में जहां शिक्षकों, सफाईकर्मी और चौकीदार की कमी से व्यवस्था प्रभावित है, वहीं बिंझौल स्कूल में पर्याप्त स्टाफ और सुविधाओं ने इसे बेहतर स्कूलों की श्रेणी में खड़ा किया है। इसके बाद भी कुछ सुविधाओं की दरकार है।
भालसी : सफाई और सुरक्षा भी चुनौती
पानीपत-जींद मुख्य मार्ग पर स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय भालसी में सफाई व्यवस्था चुनौती बनी हुई है। छत पर पत्ते और कबाड़ जमा होने से घास उग आई है। करीब 30 वर्ष पुराने भवन में समय पर छत की सफाई और आवश्यक मरम्मत की जरूरत है। विद्यालय में सफाई कर्मचारी नहीं है।
चौकीदार नहीं होने से स्कूल संपत्ति की सुरक्षा भी चिंता का विषय है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार अंधेरा होने के बाद शरारती तत्व परिसर में पहुंचकर रैंप की ग्रिल, वॉश-बेसिन और शौचालयों के फ्लश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पंचायत की ओर से बनाए गए आठ शौचालयों में भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली और कुछ वॉश-बेसिन व फ्लश टूटे मिले।
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मिडिल विंग में स्वीकृत पांच पदों में से तीन शिक्षक ही कार्यरत हैं। मिडिल हेड समेत दो पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी से अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई करीब तीन साल से प्रभावित है। पिछले वर्ष 205 विद्यार्थियों के मुकाबले इस वर्ष संख्या घटकर करीब 190 रह गई है। एक कक्षा में बेंच नहीं होने से विद्यार्थियों को जमीन पर बैठना पड़ रहा है। एकमात्र स्मार्ट क्लास का डिजिटल बोर्ड खराब होने के कारण कमरा भी नियमित उपयोग में नहीं आ रहा।
बिंझौल : सुविधाओं से सुसज्जित, कुछ कमियां बाकी
गोहाना रोड स्थित शहीद मेजर आशीष धौंचक राजकीय उच्च विद्यालय बिंझौल में हरियाली, खेल सुविधाओं और बेहतर शिक्षण व्यवस्था ने सकारात्मक तस्वीर पेश की। प्राथमिक विंग में 270 और उच्च विद्यालय में करीब 330 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। दोनों विंग में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप शिक्षकों की व्यवस्था है। स्कूल में स्मार्ट बेंच, आरओ का ठंडा पानी, अलग-अलग शौचालय, वॉलीबॉल खेल नर्सरी और वेटलिफ्टिंग कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
ग्राम पंचायत ने परिसर में बड़ा शेड बनवाया है, जहां विद्यार्थी प्रार्थना, सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रम कर सकते हैं। हालांकि प्राथमिक विंग में महिला स्टाफ के लिए शौचालय नहीं है। विद्यार्थियों का एक शौचालय खराब होने से बंद है, लेकिन चार अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है। स्कूल में हॉल, शौचालय और मरम्मत कार्य के लिए 1.10 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। इससे सुविधाओं में और सुधार की उम्मीद है।
भालसी स्कूल : रिपोर्ट कार्ड
प्राथमिक में 115, माध्यमिक में 75, कुल 190 विद्यार्थी
स्वीकृत शिक्षक पद 11, कार्यरत 9
प्राथमिक में 10 और माध्यमिक में 6 कमरे
दो विज्ञान-गणित प्रयोगशालाएं
छह सरकारी और आठ पंचायत के शौचालय
मिडिल विंग में दो शिक्षक पद रिक्त
बिंझौल स्कूल : रिपोर्ट कार्ड
प्राथमिक में 270, उच्च में 330, कुल 600 विद्यार्थी
शिक्षक- प्राथमिक में 12, उच्च में 14
कमरे- प्राथमिक में 12 और उच्च में 14 शिक्षक
विज्ञान-गणित की प्रयोगशालाएं
छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था
वर्जन : प्राथमिक विंग
प्राथमिक विंग के सभी 10 कमरों की स्थिति ठीक है। रंग-रोगन और सफाई कराई जाती है। स्कूल स्टाफ ने अपने खर्च पर सोलर पैनल लगवाए हैं। सफाई कर्मचारी की तलाश की जा रही है। -मंजू गुप्ता, इंचार्ज, प्राथमिक विंग भालसी
वर्जन : माध्यमिक विंग
विद्यालय में मिड-डे मील समेत व्यवस्थाएं ठीक हैं। मिडिल हेड के साथ दो शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी से अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग से शिक्षक नियुक्त करने की मांग की गई है। -जयप्रकाश, इंचार्ज, माध्यमिक विंग भालसी
वर्जन : बिंझौल स्कूल
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए खेल, स्मार्ट बेंच, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टाफ भी पर्याप्त है। कुछ स्मार्ट बोर्ड खराब हैं और प्राथमिक विंग में महिला स्टाफ के शौचालय की आवश्यकता है। 1.10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर होने से आगामी समय में स्कूल की सुविधाओं में और सुधार होगा।
हरिओम, इंचार्ज प्राथमिक विंग व जयकुमार, सेकेंड इंचार्ज उच्च विद्यालय विंग, बिंझौल।
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पानीपत। सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने के लिए शुरू किए गए कैसी है पाठशाला अभियान के दूसरे दिन जीएमएस भालसी और शहीद मेजर आशीष धौंचक राजकीय उच्च विद्यालय बिंझौल की पड़ताल की गई। दोनों स्कूलों की तस्वीर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग नजर आई। भालसी स्कूल में जहां शिक्षकों, सफाईकर्मी और चौकीदार की कमी से व्यवस्था प्रभावित है, वहीं बिंझौल स्कूल में पर्याप्त स्टाफ और सुविधाओं ने इसे बेहतर स्कूलों की श्रेणी में खड़ा किया है। इसके बाद भी कुछ सुविधाओं की दरकार है।
भालसी : सफाई और सुरक्षा भी चुनौती
पानीपत-जींद मुख्य मार्ग पर स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय भालसी में सफाई व्यवस्था चुनौती बनी हुई है। छत पर पत्ते और कबाड़ जमा होने से घास उग आई है। करीब 30 वर्ष पुराने भवन में समय पर छत की सफाई और आवश्यक मरम्मत की जरूरत है। विद्यालय में सफाई कर्मचारी नहीं है।
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चौकीदार नहीं होने से स्कूल संपत्ति की सुरक्षा भी चिंता का विषय है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार अंधेरा होने के बाद शरारती तत्व परिसर में पहुंचकर रैंप की ग्रिल, वॉश-बेसिन और शौचालयों के फ्लश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पंचायत की ओर से बनाए गए आठ शौचालयों में भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली और कुछ वॉश-बेसिन व फ्लश टूटे मिले।
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मिडिल विंग में स्वीकृत पांच पदों में से तीन शिक्षक ही कार्यरत हैं। मिडिल हेड समेत दो पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी से अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई करीब तीन साल से प्रभावित है। पिछले वर्ष 205 विद्यार्थियों के मुकाबले इस वर्ष संख्या घटकर करीब 190 रह गई है। एक कक्षा में बेंच नहीं होने से विद्यार्थियों को जमीन पर बैठना पड़ रहा है। एकमात्र स्मार्ट क्लास का डिजिटल बोर्ड खराब होने के कारण कमरा भी नियमित उपयोग में नहीं आ रहा।
बिंझौल : सुविधाओं से सुसज्जित, कुछ कमियां बाकी
गोहाना रोड स्थित शहीद मेजर आशीष धौंचक राजकीय उच्च विद्यालय बिंझौल में हरियाली, खेल सुविधाओं और बेहतर शिक्षण व्यवस्था ने सकारात्मक तस्वीर पेश की। प्राथमिक विंग में 270 और उच्च विद्यालय में करीब 330 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। दोनों विंग में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप शिक्षकों की व्यवस्था है। स्कूल में स्मार्ट बेंच, आरओ का ठंडा पानी, अलग-अलग शौचालय, वॉलीबॉल खेल नर्सरी और वेटलिफ्टिंग कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
ग्राम पंचायत ने परिसर में बड़ा शेड बनवाया है, जहां विद्यार्थी प्रार्थना, सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रम कर सकते हैं। हालांकि प्राथमिक विंग में महिला स्टाफ के लिए शौचालय नहीं है। विद्यार्थियों का एक शौचालय खराब होने से बंद है, लेकिन चार अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है। स्कूल में हॉल, शौचालय और मरम्मत कार्य के लिए 1.10 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। इससे सुविधाओं में और सुधार की उम्मीद है।
भालसी स्कूल : रिपोर्ट कार्ड
प्राथमिक में 115, माध्यमिक में 75, कुल 190 विद्यार्थी
स्वीकृत शिक्षक पद 11, कार्यरत 9
प्राथमिक में 10 और माध्यमिक में 6 कमरे
दो विज्ञान-गणित प्रयोगशालाएं
छह सरकारी और आठ पंचायत के शौचालय
मिडिल विंग में दो शिक्षक पद रिक्त
बिंझौल स्कूल : रिपोर्ट कार्ड
प्राथमिक में 270, उच्च में 330, कुल 600 विद्यार्थी
शिक्षक- प्राथमिक में 12, उच्च में 14
कमरे- प्राथमिक में 12 और उच्च में 14 शिक्षक
विज्ञान-गणित की प्रयोगशालाएं
छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था
वर्जन : प्राथमिक विंग
प्राथमिक विंग के सभी 10 कमरों की स्थिति ठीक है। रंग-रोगन और सफाई कराई जाती है। स्कूल स्टाफ ने अपने खर्च पर सोलर पैनल लगवाए हैं। सफाई कर्मचारी की तलाश की जा रही है। -मंजू गुप्ता, इंचार्ज, प्राथमिक विंग भालसी
वर्जन : माध्यमिक विंग
विद्यालय में मिड-डे मील समेत व्यवस्थाएं ठीक हैं। मिडिल हेड के साथ दो शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी से अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग से शिक्षक नियुक्त करने की मांग की गई है। -जयप्रकाश, इंचार्ज, माध्यमिक विंग भालसी
वर्जन : बिंझौल स्कूल
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए खेल, स्मार्ट बेंच, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टाफ भी पर्याप्त है। कुछ स्मार्ट बोर्ड खराब हैं और प्राथमिक विंग में महिला स्टाफ के शौचालय की आवश्यकता है। 1.10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर होने से आगामी समय में स्कूल की सुविधाओं में और सुधार होगा।
हरिओम, इंचार्ज प्राथमिक विंग व जयकुमार, सेकेंड इंचार्ज उच्च विद्यालय विंग, बिंझौल।

बिंझौल स्कूल में बने अस्थाई शौचालय।

बिंझौल स्कूल में बने अस्थाई शौचालय।

बिंझौल स्कूल में बने अस्थाई शौचालय।

बिंझौल स्कूल में बने अस्थाई शौचालय।

बिंझौल स्कूल में बने अस्थाई शौचालय।