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डोपिंग के प्रभावों के बारे में बताया
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:11 AM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। आर्य पीजी कॉलेज में शनिवार को चैलेंज ऑफ मॉडर्न स्पोर्ट्स इन इंडिया विषय पर उच्चतर शिक्षा निदेशालय के सौजन्य से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में महाविद्यालय प्रबंधक कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंगला ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने सभी अतिथियों का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर स्वागत किया। उद्घाटन सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद मलिक ने अपनी प्रस्तुति में हथेलियों की अंगुलियों की संरचना का जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित अपने शोध के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि खेलों से हमारा शारीरिक व मानसिक विकास होता है। हमें अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. नरेश कुमार ने जीन डोपिंग से शरीर पर होने वाले प्रभावों व विश्व में जीन डोपिंग की खेलों में सक्रियता के बारे में बताया। डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स, यमुनानगर के शारीरिक शिक्षा विभाग की डॉ. विभा गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ साथ खेलों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। सेमिनार के समापन समारोह के मुख्य वक्ता पूर्व चेयरमैन और पूर्व डीन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के डॉ. रकम सिंह ने कहा कि हमारे देश के खिलाड़ियों ने खेलों में अपने देश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। इस अवसर पर डॉ. अजय गर्ग, डॉ. बलकार सिंह, डॉ. शिवनारायण, डॉ. गीतांजलि धवन, प्राध्यापिका मामनी सैनी, राजेंद्र देशवाल, राजा तोमर और प्राध्यापिका भारती मौजूद रहे।
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पानीपत। आर्य पीजी कॉलेज में शनिवार को चैलेंज ऑफ मॉडर्न स्पोर्ट्स इन इंडिया विषय पर उच्चतर शिक्षा निदेशालय के सौजन्य से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में महाविद्यालय प्रबंधक कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंगला ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने सभी अतिथियों का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर स्वागत किया। उद्घाटन सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद मलिक ने अपनी प्रस्तुति में हथेलियों की अंगुलियों की संरचना का जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित अपने शोध के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि खेलों से हमारा शारीरिक व मानसिक विकास होता है। हमें अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। शारीरिक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. नरेश कुमार ने जीन डोपिंग से शरीर पर होने वाले प्रभावों व विश्व में जीन डोपिंग की खेलों में सक्रियता के बारे में बताया। डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स, यमुनानगर के शारीरिक शिक्षा विभाग की डॉ. विभा गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ साथ खेलों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। सेमिनार के समापन समारोह के मुख्य वक्ता पूर्व चेयरमैन और पूर्व डीन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के डॉ. रकम सिंह ने कहा कि हमारे देश के खिलाड़ियों ने खेलों में अपने देश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। इस अवसर पर डॉ. अजय गर्ग, डॉ. बलकार सिंह, डॉ. शिवनारायण, डॉ. गीतांजलि धवन, प्राध्यापिका मामनी सैनी, राजेंद्र देशवाल, राजा तोमर और प्राध्यापिका भारती मौजूद रहे।