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Panipat News: धुंध से कुछ राहत, सर्दी ने जकड़ा
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पानीपत। रविवार को तेज हवा चलने के बाद धुंध से कुछ राहत मिली। लेकिन पहाड़ों में लगातार बर्फबारी के चलते सर्दी से लोगों में जकड़न बनी रही। दोपहर के समय धूप निकलने के बाद भी लोग शीतलहर से ठिठुरते नजर आए।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को भी बादल छाए रहने की संभावना है। रेल और बसों के देरी से आने का सिलसिला लगातार जारी रहा। जिसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार सुबह ही तेज हवा शुरू हो गई। हवा की गति करीब 15 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। इससे धुंध छटनी शुरू हो गई। सुबह 10 बजे काफी हद तक धुंध छट गई थी। रविवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद धूप निकली। हवा तेज होने के चलते धूप से भी किसी प्रकार की राहत महसूस नहीं हुई। शाम को फिर से सर्दी बढ़ने लगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि पहाड़ों में बर्फबारी के चलते अगले कई दिन तक मौसम परिवर्तनशील रहेगी। सोमवार को हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। इसके बाद मौसम कुछ सामान्य हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि आने वाले समय में ठंड और कोहरा बढ़ेगा।
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हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ा ः बढ़ती ठंड के चलते हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 के बीच ओपीडी की जा रही हैं। वहीं ठंड और हल्के बुखार के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों में भी ओपीडी बढ़ गई हैं। हल्के हाइपोथर्मिया के लक्षणों में ठंडे पैर और हाथ, कंपकंपी, सूजा हुआ या सूजा हुआ चेहरा या पीली त्वचा शामिल हैं।
गेहूं के लिए लाभदायक ः बढ़ती ठंड गेहूं के लिए लाभदायक है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. राजबीर गर्ग ने बताया कि गेहूं के लिए ठंड फायदेमंद होती है। किसानों को अभी सिंचाई करने की जरूरत नहीं है। आसमान साफ होने के बाद जरूरत के अनुसार सिंचाई की जाए। धुंध के मौसम में खरपतवारनाशक का प्रयोग न करें। इससे फसल को उल्टा नुकसान हो सकता है।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को भी बादल छाए रहने की संभावना है। रेल और बसों के देरी से आने का सिलसिला लगातार जारी रहा। जिसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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रविवार सुबह ही तेज हवा शुरू हो गई। हवा की गति करीब 15 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। इससे धुंध छटनी शुरू हो गई। सुबह 10 बजे काफी हद तक धुंध छट गई थी। रविवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद धूप निकली। हवा तेज होने के चलते धूप से भी किसी प्रकार की राहत महसूस नहीं हुई। शाम को फिर से सर्दी बढ़ने लगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि पहाड़ों में बर्फबारी के चलते अगले कई दिन तक मौसम परिवर्तनशील रहेगी। सोमवार को हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। इसके बाद मौसम कुछ सामान्य हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि आने वाले समय में ठंड और कोहरा बढ़ेगा।
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हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ा ः बढ़ती ठंड के चलते हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 के बीच ओपीडी की जा रही हैं। वहीं ठंड और हल्के बुखार के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों में भी ओपीडी बढ़ गई हैं। हल्के हाइपोथर्मिया के लक्षणों में ठंडे पैर और हाथ, कंपकंपी, सूजा हुआ या सूजा हुआ चेहरा या पीली त्वचा शामिल हैं।
गेहूं के लिए लाभदायक ः बढ़ती ठंड गेहूं के लिए लाभदायक है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. राजबीर गर्ग ने बताया कि गेहूं के लिए ठंड फायदेमंद होती है। किसानों को अभी सिंचाई करने की जरूरत नहीं है। आसमान साफ होने के बाद जरूरत के अनुसार सिंचाई की जाए। धुंध के मौसम में खरपतवारनाशक का प्रयोग न करें। इससे फसल को उल्टा नुकसान हो सकता है।