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Panipat News: कोई छुट्टी पर तो किसी की ड्यूटी ओटी में, चिकित्सक न होने पर बिना दवा लौटे मरीज
Sun, 01 Feb 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 01 Feb 2026 02:09 AM IST
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पोती नेहा के साथ कमलेश देवी। संवाद
- फोटो : स्रोत अग्निशमन विभाग
स्वीटी सांगवान
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की छुट्टी और उनकी ड्यूटी ओटी या कहीं और लगाने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। शनिवार को अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ, चमड़ी रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ न मिलने से मरीजों को परेशानी हुई। अस्पताल में कई-कई घंटे इधर-उधर चक्कर काटने के बाद लगभग 400 मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। चिकित्सकों की छुट्टियां मरीजों के मर्ज को बढ़ा रही हैं।
सर्दी बढ़ने से जहां लोगों में फंगल इंफेक्शन, हड्डी का दर्द, मानसिक तनाव, खांसी-जुकाम, वायरल बुखार और कमर दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। उधर, जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को चिकित्सक न मिलने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल के बार-बार चक्कर काटने के बाद भी बिना इलाज व दवा के लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल दो महीने के अवकाश पर है उनके स्थान पर सप्ताह में केवल दो दिन मंगलवार और शनिवार को डॉ. शुभांकर बैठते है वहीं चमड़ी रोग विशेषज्ञ सप्ताह में केवल दो दिन ही मंगलवार और शनिवार को अस्पताल में बैठते हैं लेकिन शनिवार को उनकी ड्यूटी बाहर लगने से मरीजों को बिना इलाज व दवा के ही लौटना पड़ा। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित की ड्यूटी ऑपरेशन थियेटर ( ओटी ) में और डॉ. प्रदीप की ड्यूटी बाहर रही जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा।
नहीं मिले चिकित्सक, बिना दवाई लिए लौटी
मेरी पोती नेहा के पैर की हड्डी में समस्या है इसलिए मैं सुबह करीब 10 बजे अस्पताल पहुंच गई थी। पहले पंजीकरण करवाने में 20 मिनट लते उसके बाद चिकित्सक से मिलने के लिए कतार में लगना पड़ा। वहां 15 मिनट का समय लगा। प्रशिक्षु चिकित्सकों ने बताया कि विशेषज्ञ ओटी में है कुछ समय में आ जाएंगे आप बाहर बैठकर इंतजार कीजिए लेकिन चिकित्सक सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक कक्ष में नहीं आया। इंतजार करने के बाद मैं करीब डेढ़ बजे बिना दवा व इलाज के ही लौट आई अब सोमवार को फिर से अस्पताल जाना पड़ेगा।
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-कमलेश देवी, सनौली रोड।
दवा के लिए किया चिकित्सक का इंतजार, नहीं आए
मुझे कमर और हाथ की नसों की समस्या है इसलिए ओपीडी पंजीकरण वालों ने मुझे हड्डी विशेषज्ञ से मिलने की सलाह दी। उन्होंने बोला कि ये हड्डी की समस्या हो सकती है इसलिए आपको हड्डी के चिकित्सक से मिलना चाहिए। मैं सुबह नौ बजे अस्पताल आई थी पहले पंजीकरण में आधा घंटा लगा फिर चिकित्सक कक्ष के बाहर करीब 20 मिनट खड़े होने के बाद नंबर आया तो चिकित्सक ओटी में हैं कहकर बाहर बैठने के लिए कहा गया। दोपहर 01:15 तक मैं चिकित्सक के इंतजार में बैठी रही लेकिन चिकित्सक न आने से मुझे बिना इलाज व दवा के लौटना पड़ा। रविवार को ओपीडी बंद होने से अब अगले सप्ताह फिर से अस्पताल के चक्कर काटने पडे़गे।
- नीलम, रविदास नगर।
बिना इलाज लिए लौटना पड़ा
मुझे चेहरे पर एलर्जी की समस्या है। मुझे पता चला था कि चमड़ी के चिकित्सक अस्पताल में केवल मंगलवार और शनिवार को बैठते हैं इसलिए मैं स्कूल से छुट्टी लेकर सुबह करीब 11 बजे अस्पताल आई थी लेकिन चिकित्सक की ड्यूटी कहीं और होने से मुझे अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिली और मुझे बिना दवा व इलाज के लौटना पड़ा। अब मंगलवार को फिर से स्कूल से छुट्टी लेकर अस्पताल आना पड़ेगा।
- सृष्टि मलिक, उग्राखेड़ी।
अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल दो महीने के अवकाश पर हैं, उनके स्थान पर सप्ताह में दो दिन मंगलवार और वीरवार को अन्य चिकित्सक ओपीडी में बैठते हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ की मंगलवार और शनिवार को ओटी में ड्यूटी होती है। दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ और चमड़ी रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी बाहर थी, इसके चलते मरीजों को थोड़ी परेशानी हुई होगी।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ पानीपत।
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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की छुट्टी और उनकी ड्यूटी ओटी या कहीं और लगाने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। शनिवार को अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ, चमड़ी रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ न मिलने से मरीजों को परेशानी हुई। अस्पताल में कई-कई घंटे इधर-उधर चक्कर काटने के बाद लगभग 400 मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। चिकित्सकों की छुट्टियां मरीजों के मर्ज को बढ़ा रही हैं।
सर्दी बढ़ने से जहां लोगों में फंगल इंफेक्शन, हड्डी का दर्द, मानसिक तनाव, खांसी-जुकाम, वायरल बुखार और कमर दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। उधर, जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को चिकित्सक न मिलने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल के बार-बार चक्कर काटने के बाद भी बिना इलाज व दवा के लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल दो महीने के अवकाश पर है उनके स्थान पर सप्ताह में केवल दो दिन मंगलवार और शनिवार को डॉ. शुभांकर बैठते है वहीं चमड़ी रोग विशेषज्ञ सप्ताह में केवल दो दिन ही मंगलवार और शनिवार को अस्पताल में बैठते हैं लेकिन शनिवार को उनकी ड्यूटी बाहर लगने से मरीजों को बिना इलाज व दवा के ही लौटना पड़ा। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित की ड्यूटी ऑपरेशन थियेटर ( ओटी ) में और डॉ. प्रदीप की ड्यूटी बाहर रही जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा।
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नहीं मिले चिकित्सक, बिना दवाई लिए लौटी
मेरी पोती नेहा के पैर की हड्डी में समस्या है इसलिए मैं सुबह करीब 10 बजे अस्पताल पहुंच गई थी। पहले पंजीकरण करवाने में 20 मिनट लते उसके बाद चिकित्सक से मिलने के लिए कतार में लगना पड़ा। वहां 15 मिनट का समय लगा। प्रशिक्षु चिकित्सकों ने बताया कि विशेषज्ञ ओटी में है कुछ समय में आ जाएंगे आप बाहर बैठकर इंतजार कीजिए लेकिन चिकित्सक सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक कक्ष में नहीं आया। इंतजार करने के बाद मैं करीब डेढ़ बजे बिना दवा व इलाज के ही लौट आई अब सोमवार को फिर से अस्पताल जाना पड़ेगा।
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-कमलेश देवी, सनौली रोड।
दवा के लिए किया चिकित्सक का इंतजार, नहीं आए
मुझे कमर और हाथ की नसों की समस्या है इसलिए ओपीडी पंजीकरण वालों ने मुझे हड्डी विशेषज्ञ से मिलने की सलाह दी। उन्होंने बोला कि ये हड्डी की समस्या हो सकती है इसलिए आपको हड्डी के चिकित्सक से मिलना चाहिए। मैं सुबह नौ बजे अस्पताल आई थी पहले पंजीकरण में आधा घंटा लगा फिर चिकित्सक कक्ष के बाहर करीब 20 मिनट खड़े होने के बाद नंबर आया तो चिकित्सक ओटी में हैं कहकर बाहर बैठने के लिए कहा गया। दोपहर 01:15 तक मैं चिकित्सक के इंतजार में बैठी रही लेकिन चिकित्सक न आने से मुझे बिना इलाज व दवा के लौटना पड़ा। रविवार को ओपीडी बंद होने से अब अगले सप्ताह फिर से अस्पताल के चक्कर काटने पडे़गे।
- नीलम, रविदास नगर।
बिना इलाज लिए लौटना पड़ा
मुझे चेहरे पर एलर्जी की समस्या है। मुझे पता चला था कि चमड़ी के चिकित्सक अस्पताल में केवल मंगलवार और शनिवार को बैठते हैं इसलिए मैं स्कूल से छुट्टी लेकर सुबह करीब 11 बजे अस्पताल आई थी लेकिन चिकित्सक की ड्यूटी कहीं और होने से मुझे अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिली और मुझे बिना दवा व इलाज के लौटना पड़ा। अब मंगलवार को फिर से स्कूल से छुट्टी लेकर अस्पताल आना पड़ेगा।
- सृष्टि मलिक, उग्राखेड़ी।
अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल दो महीने के अवकाश पर हैं, उनके स्थान पर सप्ताह में दो दिन मंगलवार और वीरवार को अन्य चिकित्सक ओपीडी में बैठते हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ की मंगलवार और शनिवार को ओटी में ड्यूटी होती है। दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ और चमड़ी रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी बाहर थी, इसके चलते मरीजों को थोड़ी परेशानी हुई होगी।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ पानीपत।

पोती नेहा के साथ कमलेश देवी। संवाद- फोटो : स्रोत अग्निशमन विभाग

पोती नेहा के साथ कमलेश देवी। संवाद- फोटो : स्रोत अग्निशमन विभाग

पोती नेहा के साथ कमलेश देवी। संवाद- फोटो : स्रोत अग्निशमन विभाग

पोती नेहा के साथ कमलेश देवी। संवाद- फोटो : स्रोत अग्निशमन विभाग

पोती नेहा के साथ कमलेश देवी। संवाद- फोटो : स्रोत अग्निशमन विभाग