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Panipat News: स्मॉग से बिगड़ेगा स्वास्थ्य, गर्भवतियों की प्री मैच्योर डिलीवरी होने का खतरा
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पानीपत। अब हवा का दबाव बनने व स्मॉग से गर्भवतियों में प्री मैच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ सकता है। स्मॉग से अस्थमा व उच्च रक्तचाप की समस्या उत्पन्न हो सकती है। फिलहाल पानीपत का एक्यूआई यलो जोन में है। रविवार को यह सीपीसीबी के अनुसार 187 है जबकि निजी एजेंसियों के अनुसार शहर का एक्यूआई 300 से अधिक है।
इस माह के दूसरे सप्ताह में तापमान गिरेगा, तब स्मॉग छाने की प्रचंड संभावना है। ऐसे में डॉक्टर गर्भवतियों को सुबह शाम सैर करने से बचने का परामर्श दे रहे हैं। 2021 से 2023 तक अक्तूबर व नवंबर में 200 से अधिक प्री मैच्योर डिलीवरी हुई थी। अब आने वाले दिनों में यह संख्या और अधिक बढ़ने का भय है। अक्तूबर में जिला नागरिक अस्पताल में 71 प्री मैच्योर डिलीवरी हुई हैं। इसका बड़ा कारण उच्च रक्तचाप मिला है।
बॉक्स
प्रदूषण से गर्भवतियों एवं शिशु को खतरे
1. गर्भ में बच्चे का वजन न बढ़ पाना
2. गर्भ में बच्चे को अस्थमा हो जाना
3. गर्भवतियों को प्री-मैच्योर डिलीवरी
4. जन्म के बाद ऑटिज्म होने की आशंका
5. बच्चे को हाईपरटेंशन-डायबिटीज की आशंका
आयरन, सल्फर, कॉर्बन हवा में ठहरा है, सांस से अंदर जा रहा : डॉ. कौर
ईंट का चूरा करने वाले मिक्सर प्लांट, धुएं और सीमेंट के कण नमी के कारण हवा में ठहर गए हैं। इसमें सबसे अधिक मात्रा सल्फर, कॉर्बन आयरन की हैं। यह सांस के साथ अंदर जा रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव शिशुओं पर पड़ रहा है। शिशुओं के फेफड़े काफी कमजोर होते हैं। उनमें जल्द इंफेक्शन होता है। गर्भवती महिलाओं के गर्भाश्य पर इसका सबसे अधिक बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे सबसे अधिक प्री-मैच्योर डिलीवरी का खतरा है। ऐसे में गर्भवतियों कों अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
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-डॉ. सुखदीप कौर, इमरजेंसी मेडिसिन, जिला नागरिक अस्पताल
ये एहतियात बरतें
- अधिक शारीरिक गतिविधि नहीं करें, पसीना निकलने से शरीर के रोम छिद्र खुल जाते हैं और खतरनाक धूल कण शरीर में जा सकते हैं।
- पार्क या खुले स्थानों पर सुबह और शाम दौड़ने और टहलने से परहेज करें। इस दौरान स्वच्छ हवा चाहिए होती है, अभी हवा जहरीली है।
- दिन में तकरीबन चार लीटर तक पानी पीएं और घर से बाहर निकलते वक्त भी पानी पिएं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सही बनी रहेगी
- खाने में जितना हो सके विटामिन-सी, ओमेगा-3 को प्रयोग में लाएं। शहद, लहसुन, अदरक खाने में ज्यादा से ज्यादा खाएं।
- घर से बाहर निकलना मजबूरी है तो घर आने के बाद गुनगुने पानी से मुंह, आंखें और नाक साफ करें और भाप भी ले सकते हैं।
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इस माह के दूसरे सप्ताह में तापमान गिरेगा, तब स्मॉग छाने की प्रचंड संभावना है। ऐसे में डॉक्टर गर्भवतियों को सुबह शाम सैर करने से बचने का परामर्श दे रहे हैं। 2021 से 2023 तक अक्तूबर व नवंबर में 200 से अधिक प्री मैच्योर डिलीवरी हुई थी। अब आने वाले दिनों में यह संख्या और अधिक बढ़ने का भय है। अक्तूबर में जिला नागरिक अस्पताल में 71 प्री मैच्योर डिलीवरी हुई हैं। इसका बड़ा कारण उच्च रक्तचाप मिला है।
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प्रदूषण से गर्भवतियों एवं शिशु को खतरे
1. गर्भ में बच्चे का वजन न बढ़ पाना
2. गर्भ में बच्चे को अस्थमा हो जाना
3. गर्भवतियों को प्री-मैच्योर डिलीवरी
4. जन्म के बाद ऑटिज्म होने की आशंका
5. बच्चे को हाईपरटेंशन-डायबिटीज की आशंका
आयरन, सल्फर, कॉर्बन हवा में ठहरा है, सांस से अंदर जा रहा : डॉ. कौर
ईंट का चूरा करने वाले मिक्सर प्लांट, धुएं और सीमेंट के कण नमी के कारण हवा में ठहर गए हैं। इसमें सबसे अधिक मात्रा सल्फर, कॉर्बन आयरन की हैं। यह सांस के साथ अंदर जा रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव शिशुओं पर पड़ रहा है। शिशुओं के फेफड़े काफी कमजोर होते हैं। उनमें जल्द इंफेक्शन होता है। गर्भवती महिलाओं के गर्भाश्य पर इसका सबसे अधिक बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे सबसे अधिक प्री-मैच्योर डिलीवरी का खतरा है। ऐसे में गर्भवतियों कों अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
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-डॉ. सुखदीप कौर, इमरजेंसी मेडिसिन, जिला नागरिक अस्पताल
ये एहतियात बरतें
- अधिक शारीरिक गतिविधि नहीं करें, पसीना निकलने से शरीर के रोम छिद्र खुल जाते हैं और खतरनाक धूल कण शरीर में जा सकते हैं।
- पार्क या खुले स्थानों पर सुबह और शाम दौड़ने और टहलने से परहेज करें। इस दौरान स्वच्छ हवा चाहिए होती है, अभी हवा जहरीली है।
- दिन में तकरीबन चार लीटर तक पानी पीएं और घर से बाहर निकलते वक्त भी पानी पिएं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सही बनी रहेगी
- खाने में जितना हो सके विटामिन-सी, ओमेगा-3 को प्रयोग में लाएं। शहद, लहसुन, अदरक खाने में ज्यादा से ज्यादा खाएं।
- घर से बाहर निकलना मजबूरी है तो घर आने के बाद गुनगुने पानी से मुंह, आंखें और नाक साफ करें और भाप भी ले सकते हैं।