{"_id":"62c89b8fbdea9f40071dd8f5","slug":"six-doctors-will-be-recruited-on-a-salary-of-50-thousand-per-month-panipat-news-knl1140471180","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 हजार प्रति माह वेतन पर भर्ती होंगे छह डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 हजार प्रति माह वेतन पर भर्ती होंगे छह डॉक्टर
विज्ञापन
पानीपत। सिविल अस्पताल से डॉक्टर के अभाव में लौटने वाले मरीजों को मामूली राहत मिलने की उम्मीद है। जिले में खाली पड़े 56 डॉक्टरों की जगह सरकारी अस्पतालों में केवल छह डॉक्टरों की एनएचएम के माध्यम से भर्ती की जाएगी। जिले में फिलहाल सिविल अस्पताल के लिए छह डॉक्टरों की पोस्ट निकाली गई है। इनका वेतन 50 हजार रुपये तय किया गया है।
सिविल सर्जन और डिप्टी सिविल सर्जन की तीन सदस्यीय कमेटी 14 जून को डॉक्टरों के इंटरव्यू लेगी। इस भर्ती के लिए ये भी शर्त तय की गई है कि अभ्यर्थी का हरियाणा मेडिकल काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। नए डॉक्टरों की नियुक्ति एनआरसी, एसएनसीयू वार्ड, खटीक बस्ती, बतरा कॉलोनी, हरिनगर स्वास्थ्य केंद्र और समालखा अस्पताल में की जाएंगी। नए डॉक्टरों की भर्ती होने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
सिविल अस्पताल को बीते पांच वर्ष में 40 डॉक्टर मिले लेकिन इनमें से महज 12 ने ही ज्वाइन किया। बाकी ने ज्वाइन ही नहीं किया जबकि 16 डॉक्टर ज्वाइन करने के बाद बगैर वेतन के छुट्टी पर चले गए। स्वास्थ्य विभाग संसाधन तो बढ़ा रहा है लेकिन डॉक्टर नहीं जुटा पा रहा। इसका बड़ा कारण पीजी के दाखिले में सरकारी डॉक्टरों का कोटा खत्म होना माना जा रहा है।
विज्ञापन
बाक्स
24 स्वास्थ्य केंद्रों पर 140 पद, 56 पड़े खाली
पानीपत के 24 स्वास्थ्य केंद्रों में 140 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 56 पद खाली पड़े हैं। जिले में महज 84 डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। पिछले चार वर्ष से जिले में फिजिशियन नहीं है। प्रदेश की बात करें तो बीते पांच वर्ष में सरकार ने चार बार डॉक्टरों की भर्ती निकाली है। 980 मेडिकल ऑफिसर की भर्ती अभी भी चल रही है। 1050 पदों की भर्ती में से 350 डॉक्टरों के चुने जाने के बावजूद उन्होंने सरकारी अस्पताल ज्वाइन नहीं किया। इन्हें कई बार नोटिस भी जारी किए गए लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। डॉक्टरों ने सरकारी नौकरी से दूरी बना ली। बाद में इन्हें निलंबित कर दिया गया।
सिविल अस्पताल में होने चाहिए 85 डॉक्टर
सिविल अस्पताल में 200 बेड के 55 पद स्वीकृत हैं जबकि 85 से अधिक पद होने चाहिए। फिलहाल स्वीकृत पदों में से भी 17 रिक्त चल रहे हैं। प्रशासनिक ड्यूटी, दूसरे स्थानों पर ड्यूटी, मैटरनिटी लीव, चाइल्ड केयर लीव सहित तमाम तरह के अवकाश के कारण अस्पताल में एक समय में मात्र 14-15 चिकित्सक ही होते हैं। सीएचसी-पीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, सब सेंटर पर 85 चिकित्सकों के पद हैं, जिनमें से 39 पद रिक्त हैं।
नए डॉक्टरों के आने से कुछ हद से कमी पूरी होगी
सरकार समय-समय पर डॉक्टरों की भर्तियां करती है। अब एनएमएस के माध्यम से छह डॉक्टरों की भर्ती निकाली गई है। 14 जून को इनके सिविल अस्पताल में इंटरव्यू होंगे। कागजातों की जांच होगी। नए डॉक्टरों के आने से कुछ हद से कमी पूरी होगी।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
विज्ञापन
सिविल सर्जन और डिप्टी सिविल सर्जन की तीन सदस्यीय कमेटी 14 जून को डॉक्टरों के इंटरव्यू लेगी। इस भर्ती के लिए ये भी शर्त तय की गई है कि अभ्यर्थी का हरियाणा मेडिकल काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। नए डॉक्टरों की नियुक्ति एनआरसी, एसएनसीयू वार्ड, खटीक बस्ती, बतरा कॉलोनी, हरिनगर स्वास्थ्य केंद्र और समालखा अस्पताल में की जाएंगी। नए डॉक्टरों की भर्ती होने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल को बीते पांच वर्ष में 40 डॉक्टर मिले लेकिन इनमें से महज 12 ने ही ज्वाइन किया। बाकी ने ज्वाइन ही नहीं किया जबकि 16 डॉक्टर ज्वाइन करने के बाद बगैर वेतन के छुट्टी पर चले गए। स्वास्थ्य विभाग संसाधन तो बढ़ा रहा है लेकिन डॉक्टर नहीं जुटा पा रहा। इसका बड़ा कारण पीजी के दाखिले में सरकारी डॉक्टरों का कोटा खत्म होना माना जा रहा है।
विज्ञापन
बाक्स
24 स्वास्थ्य केंद्रों पर 140 पद, 56 पड़े खाली
पानीपत के 24 स्वास्थ्य केंद्रों में 140 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 56 पद खाली पड़े हैं। जिले में महज 84 डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। पिछले चार वर्ष से जिले में फिजिशियन नहीं है। प्रदेश की बात करें तो बीते पांच वर्ष में सरकार ने चार बार डॉक्टरों की भर्ती निकाली है। 980 मेडिकल ऑफिसर की भर्ती अभी भी चल रही है। 1050 पदों की भर्ती में से 350 डॉक्टरों के चुने जाने के बावजूद उन्होंने सरकारी अस्पताल ज्वाइन नहीं किया। इन्हें कई बार नोटिस भी जारी किए गए लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। डॉक्टरों ने सरकारी नौकरी से दूरी बना ली। बाद में इन्हें निलंबित कर दिया गया।
सिविल अस्पताल में होने चाहिए 85 डॉक्टर
सिविल अस्पताल में 200 बेड के 55 पद स्वीकृत हैं जबकि 85 से अधिक पद होने चाहिए। फिलहाल स्वीकृत पदों में से भी 17 रिक्त चल रहे हैं। प्रशासनिक ड्यूटी, दूसरे स्थानों पर ड्यूटी, मैटरनिटी लीव, चाइल्ड केयर लीव सहित तमाम तरह के अवकाश के कारण अस्पताल में एक समय में मात्र 14-15 चिकित्सक ही होते हैं। सीएचसी-पीएचसी, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, सब सेंटर पर 85 चिकित्सकों के पद हैं, जिनमें से 39 पद रिक्त हैं।
नए डॉक्टरों के आने से कुछ हद से कमी पूरी होगी
सरकार समय-समय पर डॉक्टरों की भर्तियां करती है। अब एनएमएस के माध्यम से छह डॉक्टरों की भर्ती निकाली गई है। 14 जून को इनके सिविल अस्पताल में इंटरव्यू होंगे। कागजातों की जांच होगी। नए डॉक्टरों के आने से कुछ हद से कमी पूरी होगी।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन