{"_id":"61be40a404ba660ebd41f1b3","slug":"shramdaan-done-by-celebrating-river-festival-panipat-news-knl93211662","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी उत्सव मनाकर किया श्रमदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी उत्सव मनाकर किया श्रमदान
विज्ञापन
नदी की सफाई करते हुए कर्मचारी।
- फोटो : Panipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के अतंर्गत शनिवार को जिला सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने नदियों का उत्सव समारोह का उद्घाटन यमुना के सनौली घाट पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने यमुना घाट पर आरती की। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित उपस्थित सभी लोगों ने श्रमदान भी किया। इस दौरान मौजूद सभी लोगों ने शपथ ली कि वे पर्यावरण संरक्षण व नदियों को स्वच्छ रखने का काम करेंगे।
इस मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना नदी के लिए ये महोत्सव आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी परंपराओं में नदियों को माता माना गया है। जिस प्रकार हम अपनी माता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार नदियों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का कूड़ा कर्कट, पॉलिथीन, हवन सामग्री व केमिकल से बनी मूर्तियां नदियों में न डालें ताकि ये प्रदूषित न हों।
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग एनजीटी के जो नियम है उनका पालन करते हुए हम धीरे-धीरे नदियों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि नदियां स्वच्छ होंगी तो पर्यावरण स्वच्छ रहेगा और स्वच्छता से जीवन निरोगी होगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय गंगा सफाई मिशन की तरफ से आए कार्यवाहक इंजीनियर प्रशांत कुमार, रिसर्च ऑफिसर स्वर्ण कुमार, ओसीईएमएस ज्योति व डॉ. हेमा पटेल ने मुख्य वक्ता के रुप में अपने विचार रखें। इस मौके पर अतिरिक्त सीईओ जिला परिषद राजेश सोनी व एसडीओ सर्वजीत सिंह सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना नदी के लिए ये महोत्सव आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी परंपराओं में नदियों को माता माना गया है। जिस प्रकार हम अपनी माता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार नदियों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का कूड़ा कर्कट, पॉलिथीन, हवन सामग्री व केमिकल से बनी मूर्तियां नदियों में न डालें ताकि ये प्रदूषित न हों।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग एनजीटी के जो नियम है उनका पालन करते हुए हम धीरे-धीरे नदियों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि नदियां स्वच्छ होंगी तो पर्यावरण स्वच्छ रहेगा और स्वच्छता से जीवन निरोगी होगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय गंगा सफाई मिशन की तरफ से आए कार्यवाहक इंजीनियर प्रशांत कुमार, रिसर्च ऑफिसर स्वर्ण कुमार, ओसीईएमएस ज्योति व डॉ. हेमा पटेल ने मुख्य वक्ता के रुप में अपने विचार रखें। इस मौके पर अतिरिक्त सीईओ जिला परिषद राजेश सोनी व एसडीओ सर्वजीत सिंह सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

नदी किनारे खड़े होकर निर्देश देते हुए अधिकारी।- फोटो : Panipat
विज्ञापन