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आठ माह बाद भी जारी न हुए कारण बताओ नोटिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2022 01:44 AM IST
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Show cause notice not issued even after eight months
पानीपत। शुगर मिल पानीपत। - फोटो : Panipat
पानीपत। शुगर मिल के पेट्रोल पंप के स्टॉक से गायब हुए 24 लाख रुपये के करीब 35 हजार लीटर तेल के प्रकरण पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि सरकार और एमडी की ओर से इसे लेकर कई बार पत्राचार तक किया जा चुका है बावजूद इसके अब तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया गया।
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हालांकि इसी पंप पर उधार में बेचे गए 33 लाख रुपये के तेल और उसी राशि को अपने व्यक्तिगत उपयोग में लाने को लेकर एक अधिकारी को निलंबित तक किया गया था। वहीं लाखों रुपये का कम स्टॉक मिलने वाले इस मामले में कुछ अधिकारी मिल प्रबंधन के आदेशों की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं।
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बता दें कि इस प्रकरण की जांच 2003 से लेकर 2020 तक की गई थी। इसमें 11 अफसरों के पास पेट्रोल पंप का चार्ज रहा था। रिकॉर्ड अनुसार, पेट्रोल पंप के स्टॉक की जांच की गई थी और लाखों रुपये का तेल कम पाया गया। सबसे खास बात ये है कि शुगर मिल के पेट्रोल पंप पर हुए इन दोनों फर्जीवाड़ों का खुलासा ‘अमर उजाला’ ने अपने कई अंकों में प्रमुखता से प्रकाशित भी किया। इसके बाद तत्कालीन एमडी ने पेट्रोल पंप का चार्ज संभालने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए थे। इसके बाद शुगर फेडरेशन की ओर से जवाब मांगा गया। एक बार फिर से हालिया एमडी ने इन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए लेकिन हर बार इन आदेशों को दबा दिया जाता है।
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ये था मामला
शुगर मिल के पेट्रोल पंप पर गड़बड़झाला मिलने की सूचना पर प्रबंधन की ओर से 5 दिसंबर 2020 को एक फिजिकल वैरिफकेशन की गई थी। इसमें जुलाई 2003 से दिसंबर 2020 तक का स्टॉक रिकार्ड जांचा गया। जिसे जून 2021 को शुगर मिल एमडी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसमें करीब 24 लाख रुपये करीब 35 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल कम मिला था। इस प्रकरण में शामिल रहे अधिकारियों के खिलाफ शुगर मिल के तत्कालीन एमडी ने जुलाई 2021 को ही कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए थे लेकिन इन आदेशों को दबा लिया गया। इसके बाद सरकार ने भी जवाब मांगा, जिसकी अवमानना की गई। अब फिर से फरवरी 2022 को संबंधित प्रकरण में शामिल रहे अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने के आदेश दिए गए हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।
होगी जांच- एमडी
फिलहाल नई शुगर मिल को चलाने में व्यस्त हैं। इसके बाद पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी। इसके बाद जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी की जाएगी।
नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल।
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