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Panipat News: सीवर लाइन मरम्मत का काम शुरू, खतरा बरकार
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पानीपत। नगर निगम ने सेक्टर 29 पार्ट-2 में सीईटीपी प्लांट के पास लीक सीवर लाइन की मरम्मत का काम तो शुरू कर दिया है लेकिन फिलहाल भी खतरा बरकार है। निगम ने जमीन के 25 फुट नीचे करीब 25 मीटर लंबी इस चालू लाइन पर स्टील की प्लेट लगाकर इसके ऊपर सरिए बिछाकर कंक्रीट डालना शुरू कर दिया है। जिससे लीक लाइन के ऊपर स्टील लीकेज के प्रेशर को बंद रखेगा और ऊपर से कंक्रीट का दबाव रहने की वजह से स्टील अपनी जगह नहीं छोड़ेगा।
दूसरी ओर निगम ने तीसरी बार इस लाइन पर पैचवर्क तो कर दिया है लेकिन अगर सालों पुरानी जर्जर लाइन ध्वस्त होती है तो इससे आधे शहर की निकासी ठप हो जाएगी। छह फुट मोटी इस पाइपलाइन का प्रेशर का गंदा पानी शहर की सड़कों पर भरने में चंद मिनट ही लगेंगे। वहीं, बार बार जमीन धंसने की वजह से यहां बड़ा हादसा हो सकता है। हाई प्रेशर से चालू इस लाइन पर खड़े होकर काम करने वाले मजदूरों के लिए भी ये जान जोखिम में डालने का काम है। इन हालातों को काबू करना निगम के लिए चुनौती साबित हो सकता है।
बॉक्स
तीन बार हो चुकी लाइन लीक
करीब 11 किलोमीटर लंबी ये लाइन पिछले सात माह में तीन बार लीक हो चुकी है। इस लाइन पर वार्ड एक से 16 तक की सीवर निकासी निर्भर करती है। इस पाइपलाइन का कंक्रीट झड़ने लगा है। जिसका कारण डाई हाउसों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी इसमें छोड़ा जाना बताया जा रहा है। सीईटीपी प्लांट के आसपास करीब 300 मीटर इस लाइन को बदलवाने के लिए निगम ने पौने पांच करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर सरकार के पास भेजा था, जिसे अब तक मंजूरी नहीं मिली है।
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वर्जन:
करवा रहे मरम्मत : निगम
लाइन की लीकेज की मरम्मत करवाई जा रही है। इस पर स्टील और कंक्रीट डाला जा रहा है। जिसके सूखने के बाद खोदी गई मिट्टी को दोबारा गड्ढ़े में भर दिया जाएगा।
अर्पित बुधवार, एसडीओ, नगर निगम।
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दूसरी ओर निगम ने तीसरी बार इस लाइन पर पैचवर्क तो कर दिया है लेकिन अगर सालों पुरानी जर्जर लाइन ध्वस्त होती है तो इससे आधे शहर की निकासी ठप हो जाएगी। छह फुट मोटी इस पाइपलाइन का प्रेशर का गंदा पानी शहर की सड़कों पर भरने में चंद मिनट ही लगेंगे। वहीं, बार बार जमीन धंसने की वजह से यहां बड़ा हादसा हो सकता है। हाई प्रेशर से चालू इस लाइन पर खड़े होकर काम करने वाले मजदूरों के लिए भी ये जान जोखिम में डालने का काम है। इन हालातों को काबू करना निगम के लिए चुनौती साबित हो सकता है।
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तीन बार हो चुकी लाइन लीक
करीब 11 किलोमीटर लंबी ये लाइन पिछले सात माह में तीन बार लीक हो चुकी है। इस लाइन पर वार्ड एक से 16 तक की सीवर निकासी निर्भर करती है। इस पाइपलाइन का कंक्रीट झड़ने लगा है। जिसका कारण डाई हाउसों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी इसमें छोड़ा जाना बताया जा रहा है। सीईटीपी प्लांट के आसपास करीब 300 मीटर इस लाइन को बदलवाने के लिए निगम ने पौने पांच करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर सरकार के पास भेजा था, जिसे अब तक मंजूरी नहीं मिली है।
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वर्जन:
करवा रहे मरम्मत : निगम
लाइन की लीकेज की मरम्मत करवाई जा रही है। इस पर स्टील और कंक्रीट डाला जा रहा है। जिसके सूखने के बाद खोदी गई मिट्टी को दोबारा गड्ढ़े में भर दिया जाएगा।
अर्पित बुधवार, एसडीओ, नगर निगम।