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सिपाही सत्तर हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sat, 12 Oct 2013 11:18 PM IST
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पानीपत में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक सिपाही को 70 हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। वह पानीपत के एक युवक से एक केस में नाम निकालने की एवज में यह राशि मांग रहा था।
इसमें थाना प्रभारी का नाम भी सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी बदन सिंह राणा ने शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे खन्ना रोड स्थित वार्ड 15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग के आफिस पर दबिश दी।
पुलिस प्रवीण कुमार और सुरेंद्र गर्ग की शिकायत पर यहां पहुंची थी। पुलिस ने यहां से यूपी के गजरौला थाना के सिपाही अवधेश पांडेय को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया। प्रवीण कुमार निवासी खन्ना रोड, शिवनगर वार्ड-15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग का नजदीकी रिश्तेदार है।
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उसका यूपी में किसी के साथ साढ़े तीन लाख रुपये का लेन-देन था और वह गजरौला थाने में 120बी के तहत नामजद था। आरोप है कि थाने का सिपाही अवधेश पांडेय नोटिस लेकर उसके पास पहुंचा। वह शुक्रवार रात को ही पानीपत आ गया था और शनिवार सुबह उसके पास पहुंच गया।
सिपाही ने पहले प्रवीण को साथ लेकर पानीपत में शॉपिंग की। उसने शॉपिंग में कंबल, तकिया, शराब की महंगी बोतल, चादर और बेड शीट समेत अन्य सामान खरीदा। वह इस बीच थाना प्रभारी से बातचीत करता रहा और प्रवीण को अच्छा आदमी कहकर मामले से बाहर निकालने की दलील देता रहा।
आरोप है कि थानेदार ने सिपाही अवधेश पांडेय को इस काम की एवज में एक लाख रुपये दिलवाने की बात कही गई थी। प्रवीण कुमार और अवधेश पांडेय के बीच में काफी देर तक राशि को लेकर बातचीत चलती रही और 70 हजार में नाम निकालना तय हो गया।
वे दोनों पार्षद सुरेंद्र गर्ग के खन्ना रोड स्थित कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने डीजीपी को इस बारे में फोन पर सूचना दे दी। डीजीपी के संज्ञान में मामला जाने के बाद डीएसपी बदन सिंह राणा ने सुरेंद्र गर्ग और प्रवीण से संपर्क साधा। वे दोनों डीएसपी बदन सिंह राणा के कार्यालय में पहुंचे और पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया और उनको पाउडर लगे 70 हजार रुपये दे दिए।
प्रवीण ने खन्ना रोड स्थित पार्षद सुरेंद्र गर्ग के कार्यालय में सिपाही अवधेश पांडेय को रिश्वत के पैसे दे दिए। वह पैसों को संभाल रहा था। इसी समय डीएसपी बदन सिंह राणा वहां पहुंच गए और सिपाही अवधेश पांडेय को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
अधिकारियों के बजते रहे मोबाइल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वे दोपहर के समय सिपाही को रिश्वत समेत गिरफ्तार कराने के प्रयास में थे और अधिकारियों से संपर्क साध रहे थे। लेकिन डीसी, एसपी और सीटीएम समेत अन्य कई अधिकारियों के नंबर बंद मिले या फोन नहीं उठाए। इसके बाद उन्होंने डीजीपी को फोन कर मामले की सूचना दी। उसके बाद पुलिस अधिकारी हरकत में आए।
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इसमें थाना प्रभारी का नाम भी सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी बदन सिंह राणा ने शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे खन्ना रोड स्थित वार्ड 15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग के आफिस पर दबिश दी।
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पुलिस प्रवीण कुमार और सुरेंद्र गर्ग की शिकायत पर यहां पहुंची थी। पुलिस ने यहां से यूपी के गजरौला थाना के सिपाही अवधेश पांडेय को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया। प्रवीण कुमार निवासी खन्ना रोड, शिवनगर वार्ड-15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग का नजदीकी रिश्तेदार है।
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उसका यूपी में किसी के साथ साढ़े तीन लाख रुपये का लेन-देन था और वह गजरौला थाने में 120बी के तहत नामजद था। आरोप है कि थाने का सिपाही अवधेश पांडेय नोटिस लेकर उसके पास पहुंचा। वह शुक्रवार रात को ही पानीपत आ गया था और शनिवार सुबह उसके पास पहुंच गया।
सिपाही ने पहले प्रवीण को साथ लेकर पानीपत में शॉपिंग की। उसने शॉपिंग में कंबल, तकिया, शराब की महंगी बोतल, चादर और बेड शीट समेत अन्य सामान खरीदा। वह इस बीच थाना प्रभारी से बातचीत करता रहा और प्रवीण को अच्छा आदमी कहकर मामले से बाहर निकालने की दलील देता रहा।
आरोप है कि थानेदार ने सिपाही अवधेश पांडेय को इस काम की एवज में एक लाख रुपये दिलवाने की बात कही गई थी। प्रवीण कुमार और अवधेश पांडेय के बीच में काफी देर तक राशि को लेकर बातचीत चलती रही और 70 हजार में नाम निकालना तय हो गया।
वे दोनों पार्षद सुरेंद्र गर्ग के खन्ना रोड स्थित कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने डीजीपी को इस बारे में फोन पर सूचना दे दी। डीजीपी के संज्ञान में मामला जाने के बाद डीएसपी बदन सिंह राणा ने सुरेंद्र गर्ग और प्रवीण से संपर्क साधा। वे दोनों डीएसपी बदन सिंह राणा के कार्यालय में पहुंचे और पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया और उनको पाउडर लगे 70 हजार रुपये दे दिए।
प्रवीण ने खन्ना रोड स्थित पार्षद सुरेंद्र गर्ग के कार्यालय में सिपाही अवधेश पांडेय को रिश्वत के पैसे दे दिए। वह पैसों को संभाल रहा था। इसी समय डीएसपी बदन सिंह राणा वहां पहुंच गए और सिपाही अवधेश पांडेय को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
अधिकारियों के बजते रहे मोबाइल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वे दोपहर के समय सिपाही को रिश्वत समेत गिरफ्तार कराने के प्रयास में थे और अधिकारियों से संपर्क साध रहे थे। लेकिन डीसी, एसपी और सीटीएम समेत अन्य कई अधिकारियों के नंबर बंद मिले या फोन नहीं उठाए। इसके बाद उन्होंने डीजीपी को फोन कर मामले की सूचना दी। उसके बाद पुलिस अधिकारी हरकत में आए।