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Panipat News: स्ट्रील स्क्रैप चोरी में एसडीओ, एक्सईएन समेत चार बर्खास्त
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पानीपत। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) के पानीपत थर्मल पावर प्लांट के साथ बने स्टील स्ट्रक्चर वर्कशाॅप से स्टील स्क्रैप चोरी के मामले में एसडीओ वीरेंद्र सिंह का भी हाथ पाया गया है। जबकि पुलिस ने प्राथमिक जांच में ही एसडीओ को मामले से बाहर कर दिया था। विभागीय जांच के बाद एक्सईएन, एसडीओ, जेई और यूडीसी को बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग के आला अधिकारियों ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। इधर एचवीपीएलएन के एसई राजेश गोयल और चीफ एडमिन संजय अरोड़ा ने इस विषय में कुछ भी स्पष्ट बोलने से मना कर दिया।
एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक ने स्क्रैप चोरी के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी। विभागीय कमेटी ने एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़ व एसडीओ वीरेंद्र सिंह के बयान दर्ज किए थे। जबकि जेई ऋषिपाल व अपर डिवीजन क्लर्क बजरंगबली के न्यायिक हिरासत में होने के कारण कमेटी दोनों के बयान दर्ज नहीं कर पाई। एक्सईएन ने 31 अगस्त को बयान दर्ज कराए थे कि वह दौरे पर थे और सहायक अभियंता वीरेंद्र सिंह स्टोर में मौजूद थे। वर्कशाॅप में जंगली घास की सफाई चल रही थी। इसके अलावा 13 सितंबर को जांच कमेटी के समक्ष दिए गए अपने बयान में एक्सईएन मक्कड़ ने कहा कि वह किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए 28 व 29 अगस्त को स्टेशन से बाहर थे और रात 10:50 बजे पानीपत पहुंचे थे। उन्हें किसी ट्रक की उपस्थिति के बारे में जानकारी नहीं है। चोरी में शामिल वाहन उनकी जानकारी में नहीं है। दोनों बयान एक दूसरे के विरोधाभासी हैं। जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़ के निर्देश पर गेट पास जारी किया गया था और ट्रक को प्रवेश की अनुमति दी गई थी। वर्कशाप के परिसर में निजी वाहन के प्रवेश की अनुमति दी गई। जांच कमेटी रिपोर्ट के आधार पर एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक ने संज्ञान लेते हुए चारों को बर्खास्त कर दिया।
मतलौडा थाने की पुलिस ने थर्मल पावर स्टेशन के समीप एक ट्रक से कुछ स्टील स्क्रैप बरामद किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि उक्त स्क्रैप एचवीपीएलएन के स्टोर से चोरी किया गया है और उसे उत्तर प्रदेश में ले जाकर बेचने की तैयारी थी। पुलिस ने इसमें एचवीपीएनएल के एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़, जेई ऋषिपाल व अपर डिवीजन क्लर्क बजरंगबली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। जबकि एसडीओ वीरेंद्र सिंह को इस मामले में बाहर कर दिया था। पुलिस ने चोरी अन्य स्क्रैप खरीदने के मामले में मतलौडा से कबाड़ी विकास को गिरफ्तार किया था। यहां से करीब 14 क्विंटल स्क्रैप बरामद किया था। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़ भूमिगत हो गया था और वह इस मामले में अग्रिम जमानत लेने के लिए प्रयासरत था। इधर विभाग ने भी इस मामले की एक कमेटी से जांच कराई। विभागीय जांच में एसडीओ वीरेंद्र को भी दोषी पाया गया, जबकि इस मामले में एसडीओ वीरेंद्र ने एक्सईएन, जेई व यूडीसी के खिलाफ बयान दर्ज कराए थे। विभाग ने एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़, एसडीओ वीरेंद्र, जेई ऋषिपाल व यूडीसी बजरंगबली को बर्खास्त कर दिया और इसके आदेश बृहस्पतिवार को जारी किए गए।
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एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक ने स्क्रैप चोरी के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी। विभागीय कमेटी ने एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़ व एसडीओ वीरेंद्र सिंह के बयान दर्ज किए थे। जबकि जेई ऋषिपाल व अपर डिवीजन क्लर्क बजरंगबली के न्यायिक हिरासत में होने के कारण कमेटी दोनों के बयान दर्ज नहीं कर पाई। एक्सईएन ने 31 अगस्त को बयान दर्ज कराए थे कि वह दौरे पर थे और सहायक अभियंता वीरेंद्र सिंह स्टोर में मौजूद थे। वर्कशाॅप में जंगली घास की सफाई चल रही थी। इसके अलावा 13 सितंबर को जांच कमेटी के समक्ष दिए गए अपने बयान में एक्सईएन मक्कड़ ने कहा कि वह किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए 28 व 29 अगस्त को स्टेशन से बाहर थे और रात 10:50 बजे पानीपत पहुंचे थे। उन्हें किसी ट्रक की उपस्थिति के बारे में जानकारी नहीं है। चोरी में शामिल वाहन उनकी जानकारी में नहीं है। दोनों बयान एक दूसरे के विरोधाभासी हैं। जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़ के निर्देश पर गेट पास जारी किया गया था और ट्रक को प्रवेश की अनुमति दी गई थी। वर्कशाप के परिसर में निजी वाहन के प्रवेश की अनुमति दी गई। जांच कमेटी रिपोर्ट के आधार पर एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक ने संज्ञान लेते हुए चारों को बर्खास्त कर दिया।
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मतलौडा थाने की पुलिस ने थर्मल पावर स्टेशन के समीप एक ट्रक से कुछ स्टील स्क्रैप बरामद किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि उक्त स्क्रैप एचवीपीएलएन के स्टोर से चोरी किया गया है और उसे उत्तर प्रदेश में ले जाकर बेचने की तैयारी थी। पुलिस ने इसमें एचवीपीएनएल के एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़, जेई ऋषिपाल व अपर डिवीजन क्लर्क बजरंगबली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। जबकि एसडीओ वीरेंद्र सिंह को इस मामले में बाहर कर दिया था। पुलिस ने चोरी अन्य स्क्रैप खरीदने के मामले में मतलौडा से कबाड़ी विकास को गिरफ्तार किया था। यहां से करीब 14 क्विंटल स्क्रैप बरामद किया था। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़ भूमिगत हो गया था और वह इस मामले में अग्रिम जमानत लेने के लिए प्रयासरत था। इधर विभाग ने भी इस मामले की एक कमेटी से जांच कराई। विभागीय जांच में एसडीओ वीरेंद्र को भी दोषी पाया गया, जबकि इस मामले में एसडीओ वीरेंद्र ने एक्सईएन, जेई व यूडीसी के खिलाफ बयान दर्ज कराए थे। विभाग ने एक्सईएन नरेश कुमार मक्कड़, एसडीओ वीरेंद्र, जेई ऋषिपाल व यूडीसी बजरंगबली को बर्खास्त कर दिया और इसके आदेश बृहस्पतिवार को जारी किए गए।
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