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Panipat News: बलाना गांव के सागर खो-खो में चमका रहे नाम
Fri, 05 Sep 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 05 Sep 2025 01:30 AM IST
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सागर। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। बलाना गांव के 19 वर्षीय खिलाड़ी सागर खो-खो खेल बेहतर प्रदर्शन से गांव, जिला और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। सागर वर्तमान में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उनका ध्यान खो-खो पर है। उनके पिता फतेह सिंह खेती किसानी करते हैं और मां ओमी देवी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से होने के बावजूद सागर अपने खेल के दम पर सफलता की ऊंचाइयां छूं रहे हैं। उन्होंने अब तक कुल दस पदक अपने नाम किए हैं।
जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और चार रजत पदक और राज्य स्तर पर दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर अपनी काबिलियत साबित की। उनके बेहतर प्रदर्शन की वजह से उन्हें जिला स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रदेश स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया। उन्होंने जून 2023 में दिल्ली में आयोजित नेशनल खो-खो प्रतियोगिता में भी भाग लिया पर इस प्रतियोगिता में उन्हें कोई पदक हासिल नहीं मिल सका।
उनकी इस सफलता के पीछे कोच गुलशन कुमार का भी बड़ा योगदान है। गुलशन कुमार लगातार पांच साल से सागर को प्रशिक्षित कर रहे हैं और उन्हें खेल के हर पहलू में बेहतर बनने की प्रेरणा देते रहते हैं। कोच ने बताया कि सागर मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी हैं और अगर वे इसी तरह मेहनत करते रहे तो एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूर पहचान बनाएंगे। सागर ने बताया कि उन्हें बचपन से ही खेलों का शौक रहा है और खो-खो खेल उनकी पहली पसंद रहा है। उनका सपना है कि वह एक दिन कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से खो-खो खेलें और देश का नाम रोशन करे। उनका कहना है कि मेहनत और लगन से अगर सपनों को जिया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
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पानीपत। बलाना गांव के 19 वर्षीय खिलाड़ी सागर खो-खो खेल बेहतर प्रदर्शन से गांव, जिला और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। सागर वर्तमान में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उनका ध्यान खो-खो पर है। उनके पिता फतेह सिंह खेती किसानी करते हैं और मां ओमी देवी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से होने के बावजूद सागर अपने खेल के दम पर सफलता की ऊंचाइयां छूं रहे हैं। उन्होंने अब तक कुल दस पदक अपने नाम किए हैं।
जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और चार रजत पदक और राज्य स्तर पर दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर अपनी काबिलियत साबित की। उनके बेहतर प्रदर्शन की वजह से उन्हें जिला स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रदेश स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया। उन्होंने जून 2023 में दिल्ली में आयोजित नेशनल खो-खो प्रतियोगिता में भी भाग लिया पर इस प्रतियोगिता में उन्हें कोई पदक हासिल नहीं मिल सका।
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उनकी इस सफलता के पीछे कोच गुलशन कुमार का भी बड़ा योगदान है। गुलशन कुमार लगातार पांच साल से सागर को प्रशिक्षित कर रहे हैं और उन्हें खेल के हर पहलू में बेहतर बनने की प्रेरणा देते रहते हैं। कोच ने बताया कि सागर मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी हैं और अगर वे इसी तरह मेहनत करते रहे तो एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जरूर पहचान बनाएंगे। सागर ने बताया कि उन्हें बचपन से ही खेलों का शौक रहा है और खो-खो खेल उनकी पहली पसंद रहा है। उनका सपना है कि वह एक दिन कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से खो-खो खेलें और देश का नाम रोशन करे। उनका कहना है कि मेहनत और लगन से अगर सपनों को जिया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
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