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पानीपत में झलका रूस का डर और यूक्रेन का दर्द
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पानीपत। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जैसे हालात हैं। यूक्रेन में फंसे देश के हजारों छात्रों में रूस का डर बना हुआ है। उनके दिलों में यूक्रेन का दर्द है और वे वापस घर लौटना चाहते हैं लेकिन कई गुणा महंगी हो चुकी फ्लाइट्स उनके रास्ते की बाधा बन रही है। इस वजह से उनका वापस लौटना अब मुश्किल हो रहा है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे स्वदेशी छात्रों के लिए यूक्रेन में खाने-पीने की चीजों का इंतजाम तक करने के लिए परेशानी हो रही हैं। सरकार ने इन छात्रों को वापस लाने के लिए फ्लाइट्स तो भेजी हैं लेकिन इनका कई गुुणा महंगा किराया स्वदेशी छात्र वहन करने में असमर्थ हो रहे हैं। वापस लौटे यूक्रेन से पानीपत लौटे अनिल ने बताया कि इन हालातों में रोजाना 500 से 1000 छात्र स्वदेश लौट रहे हैं।
उधर, यूक्रेन में रह रहे अनिल के दोस्त मलकीत और दीपक से भी वीडियो कॉल से बातचीत की गई। इस दौरान उन्होंने बताया कि यूक्रेन में रहने वाले देश के छात्र भयभीत हैं और स्वदेश लौटना चाहते हैं। दलबीर नगर निवासी अनिल ने बताया कि वह अक्तूबर 2021 में यूक्रेन में पढ़ाई करने गया था। वहां देश के हजारों छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए हुए हैं। पानीपत शहर से भी कई लड़के और लड़कियां यूक्रेन में पढाई कर रहे हैं। रूस के साथ यूक्रेन के तनावग्रस्त माहौल में सब भयभीत हैं।
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रूस ने यूक्रेन के दो प्रांतों को अलग कर स्वतंत्र घोषित कर दिया है। रोजाना रूसी सेना यूक्रेन में दाखिल हो रही है। युद्ध शुरू तो नहीं हुआ लेकिन इसके आसार हैं। इससे वहां के स्कूल-कॉलेज तक बंद कर दिए गए हैं। वहां पढ़ने वाले छात्र अपने घर लौटना चाहते हैं और यहां उनके परिवार वाले उन्हें याद करते रहते हैं और चिंतित हैं।
मंहगी फ्लाइट्स ने रोका रास्ता
अनिल, मलकीत ने बताया कि यूक्रेन में जाने वाले छात्र ज्यादा अमीर नहीं हैं। वहीं, ऐसे हालातों में अब वापस आने के लिए अब फ्लाइट का किराया 55,000 से 60,000 रुपये कर दिया गया है जबकि आमतौर पर ये किराया 25,000 से 30,000 रुपये तक होता था। पहले ही आर्थिक मंदी से जूझ रहे परिवारों के लिए ये मुसीबत के समान है। सरकार ने 22, 24 और 26 फरवरी के लिए फ्लाइट्स चलवाई थी। 22 की फ्लाइट में सैकड़ों छात्र लौटे। ये फ्लाइट दुबई की ओर से घूम कर आ रही हैं।
घर की आती है याद, न जाने कब क्या हो जाए-
यूक्रेन में पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि उन्हें अपने घर की बहुत याद आती है। वहां के हालातों को कुछ पता नहीं कि कब क्या हो जाए। हालांकि यूक्रेन के किवी सेंटर में अभी तक किसी भी प्रकार की हलचल नहीं हुई है लेकिन सभी छात्र ऐसी परिस्थितयों से डरे हुए हैं।
टिकट फ्री करवाए सरकार या घटवाए दाम
यूक्रेन में पढ़ने गए छात्रों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को उनकी टिकट या तो निशुल्क करवानी चाहिए। अगर निशुल्क न हो सकें तो कम करवा देनी चाहिए ताकि यूक्रेन में फंसे छात्र वापस अपने स्वदेश लौट सकें।
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे स्वदेशी छात्रों के लिए यूक्रेन में खाने-पीने की चीजों का इंतजाम तक करने के लिए परेशानी हो रही हैं। सरकार ने इन छात्रों को वापस लाने के लिए फ्लाइट्स तो भेजी हैं लेकिन इनका कई गुुणा महंगा किराया स्वदेशी छात्र वहन करने में असमर्थ हो रहे हैं। वापस लौटे यूक्रेन से पानीपत लौटे अनिल ने बताया कि इन हालातों में रोजाना 500 से 1000 छात्र स्वदेश लौट रहे हैं।
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उधर, यूक्रेन में रह रहे अनिल के दोस्त मलकीत और दीपक से भी वीडियो कॉल से बातचीत की गई। इस दौरान उन्होंने बताया कि यूक्रेन में रहने वाले देश के छात्र भयभीत हैं और स्वदेश लौटना चाहते हैं। दलबीर नगर निवासी अनिल ने बताया कि वह अक्तूबर 2021 में यूक्रेन में पढ़ाई करने गया था। वहां देश के हजारों छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने गए हुए हैं। पानीपत शहर से भी कई लड़के और लड़कियां यूक्रेन में पढाई कर रहे हैं। रूस के साथ यूक्रेन के तनावग्रस्त माहौल में सब भयभीत हैं।
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रूस ने यूक्रेन के दो प्रांतों को अलग कर स्वतंत्र घोषित कर दिया है। रोजाना रूसी सेना यूक्रेन में दाखिल हो रही है। युद्ध शुरू तो नहीं हुआ लेकिन इसके आसार हैं। इससे वहां के स्कूल-कॉलेज तक बंद कर दिए गए हैं। वहां पढ़ने वाले छात्र अपने घर लौटना चाहते हैं और यहां उनके परिवार वाले उन्हें याद करते रहते हैं और चिंतित हैं।
मंहगी फ्लाइट्स ने रोका रास्ता
अनिल, मलकीत ने बताया कि यूक्रेन में जाने वाले छात्र ज्यादा अमीर नहीं हैं। वहीं, ऐसे हालातों में अब वापस आने के लिए अब फ्लाइट का किराया 55,000 से 60,000 रुपये कर दिया गया है जबकि आमतौर पर ये किराया 25,000 से 30,000 रुपये तक होता था। पहले ही आर्थिक मंदी से जूझ रहे परिवारों के लिए ये मुसीबत के समान है। सरकार ने 22, 24 और 26 फरवरी के लिए फ्लाइट्स चलवाई थी। 22 की फ्लाइट में सैकड़ों छात्र लौटे। ये फ्लाइट दुबई की ओर से घूम कर आ रही हैं।
घर की आती है याद, न जाने कब क्या हो जाए-
यूक्रेन में पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि उन्हें अपने घर की बहुत याद आती है। वहां के हालातों को कुछ पता नहीं कि कब क्या हो जाए। हालांकि यूक्रेन के किवी सेंटर में अभी तक किसी भी प्रकार की हलचल नहीं हुई है लेकिन सभी छात्र ऐसी परिस्थितयों से डरे हुए हैं।
टिकट फ्री करवाए सरकार या घटवाए दाम
यूक्रेन में पढ़ने गए छात्रों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को उनकी टिकट या तो निशुल्क करवानी चाहिए। अगर निशुल्क न हो सकें तो कम करवा देनी चाहिए ताकि यूक्रेन में फंसे छात्र वापस अपने स्वदेश लौट सकें।