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नियम 134ए : बाकी सीटों पर न होगा दूसरे चरण के छात्रों का दाखिला
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पानीपत। नियम 134-ए के तहत प्रथम चरण के दाखिलों की बाकी सीटों पर दूसरे चरण के पात्र विद्यार्थियों का दाखिला नहीं होगा। दूसरे चरण के विद्यार्थियों के लिए अलग सीटें आरक्षित हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पहले चरण में दाखिले से वंचित रह गए विद्यार्थियों की समस्या हल करने की दिशा में यह निर्णय लिया है। इतना ही नहीं पहले चरण के पात्र विद्यार्थियों को दाखिला देने से मना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी जारी किया गया है।
निदेशालय के इस निर्णय का अभिभावकों ने स्वागत किया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नियम 134-ए के तहत शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए प्रथम चरण के तहत प्रदेश में 10,710 बच्चों के दाखिले शेष हैं, जिन्हे आवंटित सीटें सुरक्षित रखी गईं हैं। इन सीटों पर दूसरे चरण के बच्चों को दाखिल नहीं किया जाएगा। इनमें से अधिकतर बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले स्कूल से एसएलसी प्राप्त कर लिया है परंतु नियम 134-ए के तहत दाखिले न होने के कारण अभी घर में ही बैठे हैं।
निजी स्कूल पूरे वर्ष की फीस मांग रहे दोबारा
जिन विद्यार्थियों ने अपने पूर्व निजी स्कूल से एसएलसी प्राप्त कर ली थी, अब उसी स्कूल में दाखिला लेने के जाने पर इनकार किया जा रहा है। राजी होने पर पूरे वर्ष की फीस दोबारा मांगी जा रही है। निदेशालय ने साफ किया है कि 134ए के तहत दाखिला न लेने वाले विद्यार्थी से पूरे वर्ष की फीस नहीं ली जा सकती है।
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दाखिला न देने पर स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई
नियम 134-ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले से वचित छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिले लेने में कोई बाधा न हो, इस बारे जिला स्तर पर छात्रों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिन प्राइवेट स्कूलों ने दाखिले के लिए पूरे वर्ष की फीस की मांग की है, उनके विरुद्ध जिला स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
- निदेशालन ने विद्यार्थियों को राहत देते हुए नियम 134ए के तहत पहले चरण में दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे विद्यार्थियों के सीटें भी सुरक्षित रहेंगी। जो स्कूल दाखिला देने से आनाकानी करता है या पूरे वर्ष की फीस की दोबारा मांग करता है, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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निदेशालय के इस निर्णय का अभिभावकों ने स्वागत किया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नियम 134-ए के तहत शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए प्रथम चरण के तहत प्रदेश में 10,710 बच्चों के दाखिले शेष हैं, जिन्हे आवंटित सीटें सुरक्षित रखी गईं हैं। इन सीटों पर दूसरे चरण के बच्चों को दाखिल नहीं किया जाएगा। इनमें से अधिकतर बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले स्कूल से एसएलसी प्राप्त कर लिया है परंतु नियम 134-ए के तहत दाखिले न होने के कारण अभी घर में ही बैठे हैं।
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निजी स्कूल पूरे वर्ष की फीस मांग रहे दोबारा
जिन विद्यार्थियों ने अपने पूर्व निजी स्कूल से एसएलसी प्राप्त कर ली थी, अब उसी स्कूल में दाखिला लेने के जाने पर इनकार किया जा रहा है। राजी होने पर पूरे वर्ष की फीस दोबारा मांगी जा रही है। निदेशालय ने साफ किया है कि 134ए के तहत दाखिला न लेने वाले विद्यार्थी से पूरे वर्ष की फीस नहीं ली जा सकती है।
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दाखिला न देने पर स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई
नियम 134-ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले से वचित छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिले लेने में कोई बाधा न हो, इस बारे जिला स्तर पर छात्रों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिन प्राइवेट स्कूलों ने दाखिले के लिए पूरे वर्ष की फीस की मांग की है, उनके विरुद्ध जिला स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
- निदेशालन ने विद्यार्थियों को राहत देते हुए नियम 134ए के तहत पहले चरण में दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों का दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे विद्यार्थियों के सीटें भी सुरक्षित रहेंगी। जो स्कूल दाखिला देने से आनाकानी करता है या पूरे वर्ष की फीस की दोबारा मांग करता है, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।