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Panipat News: यमुना का बढ़ रहे जलस्तर ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल, पहले ही बहे तटबंध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 03:01 AM IST
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Rising Yamuna water levels expose the hollowness of administrative claims; embankments washed away early on.
यमुना तटबंध के लिए लगाई जा रही पत्थर की ठोकरे। संवाद
सनौली (पानीपत)। मानसून की पहली बारिश में बढ़ यमुना नदी के जलस्तर ने एक ही झटके में प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी। बाढ़ बचाव के सभी दावे यमुना नदी के बहाव में बह गए। आलम यह है कि जहां पर तटबंध लगाए गए थे नदी का जलस्तर उससे आगे तक कटाव कर गया। रविवार को भी जिले में यमुना नदी का जलस्तर 229.60 मीटर के आस-पास दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 231 से एक मीटर नीचे है। उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तटबंधों को मजबूत करने के लिए पानी में पत्थर डालने का कार्य किया। वहीं, आस-पास के ग्रामीणों ने विभाग पर समय से काम पूरा न करने के आरोप लगाए हैं।
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पानीपत जिले में यमुना नदी करीब 35 किमी तक बहती है। पिछले वर्ष यमुना नदी में आई बाढ़ के बाद जिले में तटबंध मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए करीब नौ करोड़ का बजट भी जारी हुआ था। तटबंध पर काम करने के लिए 30 जून तक का समय रखा गया। लेकिन, सिंचाई विभाग द्वारा काम को पूरा नहीं किया गया। दो दिन पहले पहाड़ी क्षेत्रों में हुई जोरदार बारिश के के बाद यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। रविवार को पानीपत में यमुना नदी का जलस्तर 229. 60 व 230.00 मीटर के आसपास दर्ज किया गया। नदी का पानी तटबंध के अंदर आसपास के क्षेत्र की फसलों में पानी भरा हुआ है। वहीं, रविवार को भी पानीपत जिला में मौसम साफ रहने से सिंचाई विभाग द्वारा यमुना तटबंध को मजबूत करने के लिए लगाई जा रही पत्थर की ठोकरें और रेवेटमेंट के कार्य किया गया। विभाग द्वारा यमुना तटबंध को मजबूत करने के लिये कई गांव में तटबंध पर पत्थरों की ठोकरें लगवाई जा रही है।
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फसलें हो रही प्रभावित, ग्रामीणों में आक्रोश
यमुना नदी का पानी कई गांवों में खेतों तक पहुंच गया है। गांव राणा माजरा, पथरगढ़, नवादा आर-नवादा पार, सनौली, तामशाबाद, रिश्पुर, अधमी, जलमाना, मिर्जापुर, गोयला खुर्द, खोजकीपुर में पानी भर गया। वहीं, ठोकर काम भी बीच में ही रोक दिया गया। जिससे ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। 30 जून तक पूरा करना चाहिए था। लेकिन, समय से काम पूरा नहीं किया गया। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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यमुना नदी के किनारे पत्थरों की ठोकरें लगाने का काम किया जा रहा है। मौसम साफ होने के कारण रविवार को भी कई स्थानों पर काम किया गया। जल्द ही तटबंध बनाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।


-सतीश, एसडीओ सिंचाई विभाग

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यमुना तटबंध के लिए लगाई जा रही पत्थर की ठोकरे। संवाद

यमुना तटबंध के लिए लगाई जा रही पत्थर की ठोकरे। संवाद

यमुना तटबंध के लिए लगाई जा रही पत्थर की ठोकरे। संवाद

यमुना तटबंध के लिए लगाई जा रही पत्थर की ठोकरे। संवाद

यमुना तटबंध के लिए लगाई जा रही पत्थर की ठोकरे। संवाद

यमुना तटबंध के लिए लगाई जा रही पत्थर की ठोकरे। संवाद

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