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राहत : अब जिम्मेदारी पक्के कर्मचारियों पर, कच्चे बनाए सहायक
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पानीपत। नगर निगम की संपत्तिकर शाखा के काम को तैनात किए गए कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर प्रकाशित खबर पर निगम आयुक्त और संयुक्त आयुक्त ने संज्ञान लिया है। दोनों अधिकारियों ने फिर से संपत्तिकर काम की बागडोर निगम के पक्के कर्मचारियों के हाथों में सौंप दी है। यहां तैनात कच्चे कर्मचारियों को इनका सहायक बनाया गया है। जबकि इससे पहले ये काम कच्चे कर्मचारियों को सौंप रखा था और पक्कों को खाली बैठाया गया था। चूंकि कच्चे कर्मचारी अनट्रेंड थे। इनमें से कई तो हिंदी टाइपिंग तक नहीं आती थी। जिससे लोगों का प्रभावित हो रहा था और रोजाना निगम में इनकी शिकायतें बढ़ती जा रही थी। इस मामले को अमर उजाला ने 19 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जानकारी के अनुसार निगम में वार्ड क्लर्क के पद का काम बड़ा संवेदनशील होता है। इस पद के कर्मचारी संपत्तिकर की त्रुटियों को ठीक करने का काम करते हैं। इनके पास नाम, पता, मोबाइल नंबर, एरिया, कैटेगरी, टैक्स की त्रुटियां ठीक करने की शक्ति होती है। जबकि निगम अधिकारियों ने अपने पक्के क्लर्कों की ड्यूटी सिर्फ कैंप में लगाई थी। इन कैंप के बाद अब करीब पांच पक्के क्लर्कों के पास कोई महत्वपूर्ण काम नहीं है। जबकि आउटसोर्स के छह से सात क्लर्क संपत्तिकर की पूरी बागडोर संभाले हुए हैं।
अब इनको जिम्मेदारी और ये बनाए सहायक
वार्ड एक से पांच पर लिपिक अंकुश संपत्तिकर व टैक्स की जानकारी पर काम करेंगे। इसके साथ वार्ड 1 से 6 की सीएम विंडो और जनसंवाद की शिकायतों का निवारण करेंगे। इनके सहायक विक्रम शर्मा होंगे। वार्ड 6 से 10 का काम जयवीर देखेंगे और वार्ड सात से 12 की शिकायतों का निवारण करेंगे। इनके सहायक सुमित वर्मा होंगे। वार्ड 11 से 15 का काम रमेश लिपिक करेंगे साथ में वार्ड 13 से 18 की सीएम विंडो और जनसंवाद शिकायतों का निवारण करेंगे। इनके सहायक विनोद डांगी होंगे। रज्जी लिपिक वार्ड 16 से 20 पर संपत्तिकर का काम करेंगी और 19 से 26 तक शिकायतों का निवारण करेंगी। वार्ड 21 से 26 की संपत्तिकर का काम मनप्रीत लिपिक करेंगे। जबकि वार्ड 1 से 15 में मालिक और मोबाइल अपडेट करने का काम राजेश लिपिक करेंगे और 16 से 26 में यही काम गुरमीत करेंगे। इसके अलावा लेवल-2 में चेकर का काम प्रेम प्रकाश और सन्नी करेंगे। इनमें सहायक के तौर पर तैनात सभी कर्मचारी समेत राजेश, मनप्रीत और गुरमीत भी हरियाणा रोजगार कौशल निगम के हैं।
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वर्जन:
जनता का काम सुगम हो सके इसलिए संपत्तिकर शाखा में कर्मचारियों की सीटें बदली गई हैं। जनहित को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। शहर के लोगों को किसी भी तरीके की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
साहिल गुप्ता, आयुक्त, नगर निगम।
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जानकारी के अनुसार निगम में वार्ड क्लर्क के पद का काम बड़ा संवेदनशील होता है। इस पद के कर्मचारी संपत्तिकर की त्रुटियों को ठीक करने का काम करते हैं। इनके पास नाम, पता, मोबाइल नंबर, एरिया, कैटेगरी, टैक्स की त्रुटियां ठीक करने की शक्ति होती है। जबकि निगम अधिकारियों ने अपने पक्के क्लर्कों की ड्यूटी सिर्फ कैंप में लगाई थी। इन कैंप के बाद अब करीब पांच पक्के क्लर्कों के पास कोई महत्वपूर्ण काम नहीं है। जबकि आउटसोर्स के छह से सात क्लर्क संपत्तिकर की पूरी बागडोर संभाले हुए हैं।
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अब इनको जिम्मेदारी और ये बनाए सहायक
वार्ड एक से पांच पर लिपिक अंकुश संपत्तिकर व टैक्स की जानकारी पर काम करेंगे। इसके साथ वार्ड 1 से 6 की सीएम विंडो और जनसंवाद की शिकायतों का निवारण करेंगे। इनके सहायक विक्रम शर्मा होंगे। वार्ड 6 से 10 का काम जयवीर देखेंगे और वार्ड सात से 12 की शिकायतों का निवारण करेंगे। इनके सहायक सुमित वर्मा होंगे। वार्ड 11 से 15 का काम रमेश लिपिक करेंगे साथ में वार्ड 13 से 18 की सीएम विंडो और जनसंवाद शिकायतों का निवारण करेंगे। इनके सहायक विनोद डांगी होंगे। रज्जी लिपिक वार्ड 16 से 20 पर संपत्तिकर का काम करेंगी और 19 से 26 तक शिकायतों का निवारण करेंगी। वार्ड 21 से 26 की संपत्तिकर का काम मनप्रीत लिपिक करेंगे। जबकि वार्ड 1 से 15 में मालिक और मोबाइल अपडेट करने का काम राजेश लिपिक करेंगे और 16 से 26 में यही काम गुरमीत करेंगे। इसके अलावा लेवल-2 में चेकर का काम प्रेम प्रकाश और सन्नी करेंगे। इनमें सहायक के तौर पर तैनात सभी कर्मचारी समेत राजेश, मनप्रीत और गुरमीत भी हरियाणा रोजगार कौशल निगम के हैं।
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वर्जन:
जनता का काम सुगम हो सके इसलिए संपत्तिकर शाखा में कर्मचारियों की सीटें बदली गई हैं। जनहित को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। शहर के लोगों को किसी भी तरीके की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
साहिल गुप्ता, आयुक्त, नगर निगम।