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लंबे इंतजार के बाद बरसी राहत की बूंदे, उमस भरी गर्मी से राहत
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मानसून की पहली बारिश के बाद तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान उमस ने अपना प्रचंड रूप दिखाया। इससे लोग पसीने से तरबतर और बेहाल रहे। मानसून के दस्तक के बावजूद 9 दिन से बारिश नहीं हुई। इस बीच मौसम विभाग के तेज बारिश के दावे भी फेल होते रहे। हालांकि रविवार सुबह काली घटा छाने और हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों को उसम भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि बूंदाबांदी के कुछ देर बाद ही बादल छट गए और बादलों व सूर्यदेव का लुकाछिपी का खेल चलता रहा। इससे पहले शनिवार को भी दिनभर बादल छाए रहने से भी लोगों को उमस से हल्की राहत मिली थी लेकिन बारिश न होने से किसानों का बारिश का इंतजार लंबा हो गया था। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रह सकता है। बारिश नहीं होने कारण किसानों को भी फसल की बुआई करने में परेशानी हो रही है।
इससे पूर्व गत 30 जून को मानसून की पहली बारिश हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। तापमान में भी करीब 15 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई थी। अधिकतम तापमान 44 डिग्री से लुढ़ककर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था। बारिश के बाद किसानों ने भी धान रोपाई की रफ्तार बढ़ा दी। हालांकि एक जुलाई की सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद बादल छंट गए, जिसके बाद उमस ने अपना रूप दिखाया। रविवार सुबह भी एक बार फिर बादल छाने व ठंडी हवाएं चलने से लोगों को बारिश की उम्मीद जगी लेकिन इसके बाद बादल छंटने और दिन भर बादलों की लुकाछिपी चलती रही।
शनिवार तक लोग उमस भरी भीषण गर्मी से परेशान रहे। रविवार को पानीपत का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, नमी की मात्रा 72 प्रतिशत से अधिक बनी रही। सोमवार को भी अधिकतम तापमान 3 डिग्री बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। हालांकि उसके बाद तापमान में गिरावट आ सकती हे जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
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रविवार से शनिवार तक लगभग हर रोज बारिश होने अथवा मानसून की झड़ी लगने के आसार हैं। तेज बारिश भी होने की संभावना हो सकती है। उसके बाद मौसम में बदलाव आने की उम्मीद है। अगले रविवार को बादल छंटने के आसार हैं।
-डॉ. डीएस बूंदेला, मौसम वैज्ञानिक।
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इससे पूर्व गत 30 जून को मानसून की पहली बारिश हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। तापमान में भी करीब 15 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई थी। अधिकतम तापमान 44 डिग्री से लुढ़ककर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था। बारिश के बाद किसानों ने भी धान रोपाई की रफ्तार बढ़ा दी। हालांकि एक जुलाई की सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद बादल छंट गए, जिसके बाद उमस ने अपना रूप दिखाया। रविवार सुबह भी एक बार फिर बादल छाने व ठंडी हवाएं चलने से लोगों को बारिश की उम्मीद जगी लेकिन इसके बाद बादल छंटने और दिन भर बादलों की लुकाछिपी चलती रही।
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शनिवार तक लोग उमस भरी भीषण गर्मी से परेशान रहे। रविवार को पानीपत का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, नमी की मात्रा 72 प्रतिशत से अधिक बनी रही। सोमवार को भी अधिकतम तापमान 3 डिग्री बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। हालांकि उसके बाद तापमान में गिरावट आ सकती हे जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
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रविवार से शनिवार तक लगभग हर रोज बारिश होने अथवा मानसून की झड़ी लगने के आसार हैं। तेज बारिश भी होने की संभावना हो सकती है। उसके बाद मौसम में बदलाव आने की उम्मीद है। अगले रविवार को बादल छंटने के आसार हैं।
-डॉ. डीएस बूंदेला, मौसम वैज्ञानिक।