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कंप्यूटर लैब संचालकों, पर्यवेक्षकों की धरपकड़ के लिए दबिश
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पानीपत। एयरफोर्स ऐयरमैन रिक्रूटमेंट की ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने के मामले में सीआईए-3 के हाथ कई सबूत लगे है। इनके तार रोहतक, सोनीपत और दिल्ली की कई कंप्यूटर लैब संचालकों के साथ जुड़े मिले बताए जा रहे हैं। इनकी धरपकड़ के लिए सीआईए की तीन टीम तीनों जगहों पर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रहीं हैं। एक टीम चारों आरोपियों के पास से मिले छह फोन को डाटा खंगालने में जुटी हैं। इससे खुलासा होगा कि आरोपियों के तार और कहां और किससे जुड़े हुए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि चारों आरोपियों की छह दिन की रिमांड पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
सीआईए-3 प्रभारी अनिल छिल्लर ने बताया कि सोनीपत के बरौदा निवासी गिरोह के सरगना रिक्की ने परीक्षा से पहले ठिकाना ढूंढना शुरू कर दिया था। दो माह पहले ही आरोपियों ने पानीपत के न्यू मॉर्डन स्कूल को निशाना बना लिया था। स्कूल निर्माणाधीन है, जिस वजह रिक्की ने दो माह पहले ही भाजपा आईटी सेल के जिला प्रभारी आशीष सिंधू के न्यू मार्डन स्कूल की कंप्यूटर लैब बनाने का ठेका ले लिया था, ताकि परीक्षा के समय वह अंदर बैठकर आसानी से मॉनिटरिंग कर सकेंगे और किसी को उन पर शक भी नहीं होगा। इसके बाद उसने अपने साथी हिसार के गामड़ा निवासी जितेंद्र, दादरी के हड़ौदी के अमित और रोहतक के गांव आसन के धर्मबीर को शामिल किया। आरोपियों ने पानीपत में बैठकर दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़ समेत अन्य जगहों पर चल रही परीक्षा केंद्रों से जुड़े हुए थे और परीक्षा करा रहे थे।
50 लाख रुपये में 17 लोगों का लिया था पास कराने का ठेका
इससे पहले भी आरोपी दिल्ली पुलिस की परीक्षा में 20 और अन्य भर्तियों में 20 लोगों की परीक्षाएं पास करा चुके हैं। इस बार भी आरोपियों ने 17 लोगों को पास कराने का ठेका लिया हुआ था। एक छात्र से उन्होंने करीब तीन लाख रुपये का सौदा किया था। जिनमें डेढ़ लाख रुपये चारों आरोपियों का हिस्सा था और बाकी डेढ़ लाख रुपये लैब संचालक को देने थे। लैब संचालक आगे इशारों से परीक्षा पास कराने वाले को कमीशन देता था। इस खेल में और किन-किन की हिस्सेदारी है, इस पर पुलिस पर्दाफाश करने में जुटी हुई है।
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सीआईए-3 प्रभारी अनिल छिल्लर ने बताया कि सोनीपत के बरौदा निवासी गिरोह के सरगना रिक्की ने परीक्षा से पहले ठिकाना ढूंढना शुरू कर दिया था। दो माह पहले ही आरोपियों ने पानीपत के न्यू मॉर्डन स्कूल को निशाना बना लिया था। स्कूल निर्माणाधीन है, जिस वजह रिक्की ने दो माह पहले ही भाजपा आईटी सेल के जिला प्रभारी आशीष सिंधू के न्यू मार्डन स्कूल की कंप्यूटर लैब बनाने का ठेका ले लिया था, ताकि परीक्षा के समय वह अंदर बैठकर आसानी से मॉनिटरिंग कर सकेंगे और किसी को उन पर शक भी नहीं होगा। इसके बाद उसने अपने साथी हिसार के गामड़ा निवासी जितेंद्र, दादरी के हड़ौदी के अमित और रोहतक के गांव आसन के धर्मबीर को शामिल किया। आरोपियों ने पानीपत में बैठकर दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़ समेत अन्य जगहों पर चल रही परीक्षा केंद्रों से जुड़े हुए थे और परीक्षा करा रहे थे।
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50 लाख रुपये में 17 लोगों का लिया था पास कराने का ठेका
इससे पहले भी आरोपी दिल्ली पुलिस की परीक्षा में 20 और अन्य भर्तियों में 20 लोगों की परीक्षाएं पास करा चुके हैं। इस बार भी आरोपियों ने 17 लोगों को पास कराने का ठेका लिया हुआ था। एक छात्र से उन्होंने करीब तीन लाख रुपये का सौदा किया था। जिनमें डेढ़ लाख रुपये चारों आरोपियों का हिस्सा था और बाकी डेढ़ लाख रुपये लैब संचालक को देने थे। लैब संचालक आगे इशारों से परीक्षा पास कराने वाले को कमीशन देता था। इस खेल में और किन-किन की हिस्सेदारी है, इस पर पुलिस पर्दाफाश करने में जुटी हुई है।
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