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समालखा:ट्रेन की चपेट में आकर पीडब्ल्यूआई के इंजीनियर और हेल्पर की मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Nov 2022 09:00 AM IST
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PWI and helper dies after being hit by train, body broken into pieces
समालखा। नारायणा फाटक के पास बृहस्पतिवार को ट्रेन की चपेट में आने से रेलवे में कार्यरत पीडब्ल्यूआई (परमानेंट वे इंस्पेक्टर) और हेल्पर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब दोनों रेलवे ट्रैक की मरम्मत का कार्य कर रहे थे और उसी समय ट्रेन आ गई। पीडब्ल्यूआई और हेल्पर को छोड़ बाकी कर्मचारी ट्रैक से हट गए जबकि वे दोनों दूसरे ट्रैक पर आ गए। इसी दौरान दूसरे ट्रैक पर भी ट्रेन आ गई। हादसा इतना भयानक था कि ट्रेन से कटकर मृतकों के कई टुकड़े हो गए। सूचना पर जीआरपी ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया है।
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घटनाक्रम के अनुसार, वीरवार की सुबह 11 बजे नारायणा फाटक से थोड़ा आगे रेलवे की टीम ग्लूड बदलने का काम करने के लिए पहुंची थी। सुबह 11:40 बजे टीम के साथ पीडब्ल्यूआई दिनेश (44) और विक्रम (36) ट्रैक पर ग्लूड बदलने की तैयारी कर रहे थे। तभी डाउन ट्रैक पर सचखंड एक्सप्रेस आ गई। उससे बचने के लिए ज्यादातर कर्मी ट्रैक से नीचे उतर गए जबकि दिनेश एवं विक्रम नीचे उतरने की बजाय अप ट्रैक की तरफ हो गए। तभी अप ट्रैक पर आ रही दुर्ग एक्सप्रेस की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। दोनों समालखा में ही कार्यरत थे और परिवार सहित क्वार्टरों में रहते थे। हादसे की सूचना पर एईएन सीमा, रेल पथ इंचार्ज पानीपत प्रदीप कुमार सहित अन्य रेलवे कर्मी मौके पर पहुंचे। जीआरपी ने दोनों के शवों को ट्रैक से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सामान्य अस्पताल स्थित शवगृह में भेजा।
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नारायणा फाटक से आगे खंभा नंबर 71-1 के नजदीक ग्लूड बदले जाने थे। इस काम के लिए सफीदों से भी टीम को बुलाया गया था। सुबह 11 बजे के करीब टीम मौके पर पहुंची। वेल्डिंग टीम के कर्मी सामान को गाड़ियों से उतार रहे थे जबकि पीडब्लूआई दिनेश काम करने की प्लानिंग तैयार कर रहे थे। तभी डाउन ट्रैक पर सचखंड एक्सप्रेस आने पर दिनेश और विक्रम नीचे आने की बजाय अप ट्रैक की तरफ निकल गए। तभी उन्हें ड्राउन ट्रैक पर आई गाड़ी की आवाज में अप पर आने वाली दुर्ग एक्सप्रेस का पता नहीं चला।
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ट्रेन ने दोनों को 30 मीटर तक घसीटते ले गई। शरीर टुकड़ों में तब्दील हो गए। उन्हें गठरी में बांधकर ले जाना पड़ा। ट्रेन की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि शरीर के टुकड़े बिखरते चले गए। जीआरपी चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों रेलवे कर्मियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पानीपत सामान्य अस्पताल में भिजवा दिया गया है। बिहार के रहने वाले दिनेश के स्वजनों को भी घटना के बारे में अवगत करा दिया गया है।
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