{"_id":"6154b3818ebc3e628d1eab3d","slug":"pusa-1509-paddy-arrival-increased-workers-furious-if-wages-were-reduced-panipat-news-knl848712195","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूसा-1509 धान की आवक बढ़ी, मजदूरी घटाई तो भड़के मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूसा-1509 धान की आवक बढ़ी, मजदूरी घटाई तो भड़के मजदूर
विज्ञापन
मंडी में धान की किस्म पूसा-1509 की खरीद जारी है वहीं धान की भराई, तुलाई व लोडिंग करने वाले मजदूरों में मजदूरी घटाने को लेकर रोष बना हुआ है। मजदूर वर्ग का कहना है कि पहले उन्हे 9.89 रुपये प्रति क्विंटल मजदूरी मिलती थी जिसे डेढ़ रुपये प्रति क्विंटल घटाकर 8.39 रुपये कर दिया है। इससे मजदूर वर्ग हतोत्साहित हैं। मजदूरों का कहना है कि यदि उनकी मजदूरी नहीं बढ़ाई गई तो वे हड़ताल व प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
उधर, पानीपत व बाबरपुर अनाजमंडी में बुधवार शाम तक करीब 24 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी थी। बुधवार को ही करीब 10 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई। मंगलवार शाम तक 13907 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी थी। वहीं, धान की 1509 के भावों में गत वर्ष की तुलना में इस बार उछाल देखने को मिला है जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है।
धान की आवक के शुरुआती चरण में पूसा-1509 धान के भाव संतोषजनक बने हुए हैं। इसे करीब 3000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दिनों में धान के भावों में उछाल आएगा। बुधवार को 1509 किस्म धान की अधिकतम भाव 3150 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे। बता दें कि पिछले वर्ष पिक सीजन में 1509 किस्म धान के भाव 1600-1900 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहे थे जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था।
विज्ञापन
मजदूर वर्ग का कहना
मजदूर का घर मजदूरी से ही चलता है। मजदूरी हर साल बढ़ती थी लेकिन इस बार बढ़ाने की बजाए 1.50 रुपये की दर से कम कर दी गई है। इससे हमें अपना व परिवार का पेट पालना मुश्किल हो जाएगा। पेट पर आन पड़ेगी तो मजदूर को मांगें मनवाने के लिए खड़ा होना ही पडे़गा। - मुकेश, मजदूर।
हम दूसरे प्रदेशों से अपने परिवार से दूर रहकर यहां मजदूरी करने आते हैं। मजदूरी घटाकर पेट पर लात मारी जा रही है। यदि हक की रोटी नहीं मिलेगी तो मजदूर को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना होगा। - जामन, मजदूर।
भरण-पोषण का सहारा मजदूरी है। यदि मजदूरी में भी बढ़ोतरी की बजाए कटौती की जाएगी तो मजदूर अपना व परिवार का पेट कैसे भरेगा। सरकार व प्रशासन को मजदूरों के हितों की अनदेखी न करके सुरक्षा करनी चाहिए। मजदूरी का हक न मिलने पर मजदूर आंदोलन के लिए विवश होगा। - आनंद, मजदूर।
पहले उन्हे 9.89 रुपये प्रति क्विंटल मजदूरी मिलती थी, जिसे डेढ़ रुपये प्रति क्विंटल घटाकर 8.39 रुपये कर दिया है, जिससे मजदूरों में रोष है। यदि मजदूरी नहीं बढ़ाई गई तो मजदूर हड़ताल व प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। - दिलीप पासवान, ठेकेदार, अनाजमंडी, पानीपत।
मंडियों में 1509 धान की आवक शुरू हो चुकी है जबकि सरकारी खरीद एक अक्तूबर से शुरू होगी। लेकिन धान की खरीद को लेकर क्या व्यवस्था रहेगी, बारदानें की क्या व्यवस्था होगी, इसको लेकर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने अभी तक आढ़तियों के साथ कोई बैठक या मंत्रणा नहीं की है जिसको लेकर आढ़तियों में रोष है। - धर्मवीर मलिक, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, पानीपत।
सरकारी धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू होगी। ग्रेड-ए धान की कीमत 1960 तथा ग्रेड-बी की कीमत 1940 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। वहीं, किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी धान की फसल का स्वैच्छिक शेड्यूल तय कर सकते हैं। किसानों से आग्रह है कि वे शेड्यूल तय करके ही धान की फसल मंडी में लेकर पहुंचे ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। - नरेश मान, सचिव, मार्केट कमेटी, पानीपत।
विज्ञापन
उधर, पानीपत व बाबरपुर अनाजमंडी में बुधवार शाम तक करीब 24 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी थी। बुधवार को ही करीब 10 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई। मंगलवार शाम तक 13907 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी थी। वहीं, धान की 1509 के भावों में गत वर्ष की तुलना में इस बार उछाल देखने को मिला है जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
धान की आवक के शुरुआती चरण में पूसा-1509 धान के भाव संतोषजनक बने हुए हैं। इसे करीब 3000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दिनों में धान के भावों में उछाल आएगा। बुधवार को 1509 किस्म धान की अधिकतम भाव 3150 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे। बता दें कि पिछले वर्ष पिक सीजन में 1509 किस्म धान के भाव 1600-1900 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहे थे जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था।
विज्ञापन
मजदूर वर्ग का कहना
मजदूर का घर मजदूरी से ही चलता है। मजदूरी हर साल बढ़ती थी लेकिन इस बार बढ़ाने की बजाए 1.50 रुपये की दर से कम कर दी गई है। इससे हमें अपना व परिवार का पेट पालना मुश्किल हो जाएगा। पेट पर आन पड़ेगी तो मजदूर को मांगें मनवाने के लिए खड़ा होना ही पडे़गा। - मुकेश, मजदूर।
हम दूसरे प्रदेशों से अपने परिवार से दूर रहकर यहां मजदूरी करने आते हैं। मजदूरी घटाकर पेट पर लात मारी जा रही है। यदि हक की रोटी नहीं मिलेगी तो मजदूर को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना होगा। - जामन, मजदूर।
भरण-पोषण का सहारा मजदूरी है। यदि मजदूरी में भी बढ़ोतरी की बजाए कटौती की जाएगी तो मजदूर अपना व परिवार का पेट कैसे भरेगा। सरकार व प्रशासन को मजदूरों के हितों की अनदेखी न करके सुरक्षा करनी चाहिए। मजदूरी का हक न मिलने पर मजदूर आंदोलन के लिए विवश होगा। - आनंद, मजदूर।
पहले उन्हे 9.89 रुपये प्रति क्विंटल मजदूरी मिलती थी, जिसे डेढ़ रुपये प्रति क्विंटल घटाकर 8.39 रुपये कर दिया है, जिससे मजदूरों में रोष है। यदि मजदूरी नहीं बढ़ाई गई तो मजदूर हड़ताल व प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। - दिलीप पासवान, ठेकेदार, अनाजमंडी, पानीपत।
मंडियों में 1509 धान की आवक शुरू हो चुकी है जबकि सरकारी खरीद एक अक्तूबर से शुरू होगी। लेकिन धान की खरीद को लेकर क्या व्यवस्था रहेगी, बारदानें की क्या व्यवस्था होगी, इसको लेकर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने अभी तक आढ़तियों के साथ कोई बैठक या मंत्रणा नहीं की है जिसको लेकर आढ़तियों में रोष है। - धर्मवीर मलिक, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, पानीपत।
सरकारी धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू होगी। ग्रेड-ए धान की कीमत 1960 तथा ग्रेड-बी की कीमत 1940 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। वहीं, किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी धान की फसल का स्वैच्छिक शेड्यूल तय कर सकते हैं। किसानों से आग्रह है कि वे शेड्यूल तय करके ही धान की फसल मंडी में लेकर पहुंचे ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। - नरेश मान, सचिव, मार्केट कमेटी, पानीपत।