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पुरुषोत्तम मास भगवान की भक्ति और आत्म-शुद्धि का समय : तरुण गांधी
Fri, 22 May 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 22 May 2026 01:27 AM IST
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श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में भजनों पर झूमते श्रद्धालु। स्रोत : समिति
पानीपत। मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में पुरुषोत्तम मास कथा महोत्सव का वीरवार को पांचवां दिन रहा। कथाव्यास पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने अलौकिक कथा का श्रोताओं को रसपान कराया। मंदिर के प्रधान तरुण गांधी ने पुरुषोत्तम मास को भगवान की भक्ति और आत्म शुद्धि का पावन समय बताया।
पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने कहा कि पुरुषोत्तम मास मलमास में की गई भक्ति, दान और जप का फल अनंत गुना मिलता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान हरि अपने भक्तों के संकट दूर करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। कथा के दौरान शास्त्री के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे। प्रधान तरुण गांधी ने संदेश दिया कि पुरुषोत्तम मास केवल एक महीना नहीं, बल्कि ईश्वर द्वारा हमें अपनी आत्मा को शुद्ध करने और सत्संग से जुड़ने का दिया गया एक अमूल्य अवसर है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सनातन धर्म के संस्कार ही हमारे परिवारों को जोड़े रख सकते हैं। इस मास में हर घर तक भगवान की कथा का रस पहुंचे। कथा के विश्राम पर भव्य आरती उतारी गई। इसके बाद मंदिर में उपस्थित सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
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पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने कहा कि पुरुषोत्तम मास मलमास में की गई भक्ति, दान और जप का फल अनंत गुना मिलता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान हरि अपने भक्तों के संकट दूर करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। कथा के दौरान शास्त्री के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे। प्रधान तरुण गांधी ने संदेश दिया कि पुरुषोत्तम मास केवल एक महीना नहीं, बल्कि ईश्वर द्वारा हमें अपनी आत्मा को शुद्ध करने और सत्संग से जुड़ने का दिया गया एक अमूल्य अवसर है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सनातन धर्म के संस्कार ही हमारे परिवारों को जोड़े रख सकते हैं। इस मास में हर घर तक भगवान की कथा का रस पहुंचे। कथा के विश्राम पर भव्य आरती उतारी गई। इसके बाद मंदिर में उपस्थित सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
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