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Panipat News: प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जताया रोष
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पालिका बाजार में नगर निगम और दमकल विभाग की हड़ताल को संबोधित करते सुनील दत्त। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और अग्निशमन विभाग के आह्वान पर नगर निगम और दमकल विभाग के कर्मचारी वीरवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। हड़ताल में करीब 500 कर्मचारी शामिल हुए, जिनमें दमकल विभाग के 93 अनुबंध कर्मचारी भी शामिल हैं। कर्मचारियों ने पालिका बाजार स्थित कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया।
कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था और नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों पर पड़ा। सफाई कार्य प्रभावित होने के साथ निगम कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों और गांवों से प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, एनओसी और अन्य विभागीय कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यालयों में ताले लगे देख कई लोग निराश होकर वापस लौट गए।
आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल विभाग ने हरियाणा रोडवेज से 40 चालकों की मांग की है। इनमें से 10 चालक वीरवार को दमकल केंद्र पहुंच गए, जिन्हें ड्यूटी पर लगा दिया गया है।
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समझौते के पत्र जारी नहीं होने पर कर्मचारियों में रोष
नगर निगम के अध्यक्ष नरेश कुमार अठवाल, राज्य सदस्य जसबीर चिंडालिया, दमकल विभाग से रविंद्र रोहिल्ला और रणबीर नांदल ने सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 13 मई को संघ और सरकार के बीच विभिन्न मांगों को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक स्वीकृत मांगों के संबंध में पत्र जारी नहीं किए गए हैं।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों से संबंधित अधिसूचना जारी नहीं की गई तो कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित होने या किसी आपात स्थिति में परेशानी आने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
काम कराने आए लोगों को हुई परेशानी
मॉडल टाउन निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पिछले दो दिन से निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वीरवार को काम पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन कार्यालय पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को बेवजह परेशानी उठानी पड़ रही है।
तहसील कैंप निवासी सुनीता देवी ने बताया कि वह प्रॉपर्टी टैक्स में नाम ठीक करवाने के लिए निगम कार्यालय आई थीं। काफी देर इंतजार करने के बाद पता चला कि हड़ताल के कारण कोई काम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनता की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए।
वहीं, अमित शर्मा ने बताया कि उन्हें मकान की एनओसी की जरूरत थी, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि दूर से किराया खर्च कर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन यहां काम बंद मिला।
वर्जन
कॉन्ट्रैक्ट के 93 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रोडवेज से 40 चालकों की मांग की गई है। फिलहाल 10 चालक मिल चुके हैं, जिन्हें ड्यूटी पर लगा दिया गया है। बाकी चालक भी जल्द मिल जाएंगे, ताकि अग्निशमन सेवाएं प्रभावित न हों। -गुरमेल सिंह, जिला दमकल अधिकारी
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पानीपत। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और अग्निशमन विभाग के आह्वान पर नगर निगम और दमकल विभाग के कर्मचारी वीरवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। हड़ताल में करीब 500 कर्मचारी शामिल हुए, जिनमें दमकल विभाग के 93 अनुबंध कर्मचारी भी शामिल हैं। कर्मचारियों ने पालिका बाजार स्थित कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया।
कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था और नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों पर पड़ा। सफाई कार्य प्रभावित होने के साथ निगम कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों और गांवों से प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, एनओसी और अन्य विभागीय कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यालयों में ताले लगे देख कई लोग निराश होकर वापस लौट गए।
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आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल विभाग ने हरियाणा रोडवेज से 40 चालकों की मांग की है। इनमें से 10 चालक वीरवार को दमकल केंद्र पहुंच गए, जिन्हें ड्यूटी पर लगा दिया गया है।
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समझौते के पत्र जारी नहीं होने पर कर्मचारियों में रोष
नगर निगम के अध्यक्ष नरेश कुमार अठवाल, राज्य सदस्य जसबीर चिंडालिया, दमकल विभाग से रविंद्र रोहिल्ला और रणबीर नांदल ने सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 13 मई को संघ और सरकार के बीच विभिन्न मांगों को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक स्वीकृत मांगों के संबंध में पत्र जारी नहीं किए गए हैं।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों से संबंधित अधिसूचना जारी नहीं की गई तो कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित होने या किसी आपात स्थिति में परेशानी आने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
काम कराने आए लोगों को हुई परेशानी
मॉडल टाउन निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पिछले दो दिन से निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वीरवार को काम पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन कार्यालय पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को बेवजह परेशानी उठानी पड़ रही है।
तहसील कैंप निवासी सुनीता देवी ने बताया कि वह प्रॉपर्टी टैक्स में नाम ठीक करवाने के लिए निगम कार्यालय आई थीं। काफी देर इंतजार करने के बाद पता चला कि हड़ताल के कारण कोई काम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनता की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए।
वहीं, अमित शर्मा ने बताया कि उन्हें मकान की एनओसी की जरूरत थी, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि दूर से किराया खर्च कर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन यहां काम बंद मिला।
वर्जन
कॉन्ट्रैक्ट के 93 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रोडवेज से 40 चालकों की मांग की गई है। फिलहाल 10 चालक मिल चुके हैं, जिन्हें ड्यूटी पर लगा दिया गया है। बाकी चालक भी जल्द मिल जाएंगे, ताकि अग्निशमन सेवाएं प्रभावित न हों। -गुरमेल सिंह, जिला दमकल अधिकारी