{"_id":"5701568b4f1c1b5c25c810f5","slug":"protest-civic-animities-wine-panipat","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं ने शराब के ठेके पर जड़ा ताला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं ने शराब के ठेके पर जड़ा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला सनौली।
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
पानीपत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव नन्हेड़ा में शराब बिक्री से परेशान महिलाओं ने शराब ठेके के कारिंदों को घेरकर ठेके पर ताला जड़ दिया। महिलाओं ने ठेके पर ताला लगाकर रोष प्रदर्शन भी किया। महिलाओं का आरोप है कि एक्साइज विभाग अधिकारियों से कई बार शराब ठेकेदारों की शिकायत करने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया।
रविवार को गांव नन्हेड़ा में महिलाओं ने शराब के ठेके पर ताला जड़ दिया। महिलाओं ने शराब ठेके के कारिंदे जसबीर को घेर लिया। आक्रोशित महिलाओं को देख ठेके के कारिंदे ने भाग कर अपना पीछा छुड़वाया। महिलाओं ने ठेके पर ताला जड़ प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने 20 दिन पहले इस बारे में एक्साइज विभाग को मामले की सूचना दी थी। नियमों के अनुसार शराब ठेका गांव में नहीं हो सकता। बावजूद इसके एक्साइज विभाग शराब ठेकेदारों पर एक्शन लेने के मूड में नहीं है। महिला सरपंच रीना देवी ने बताया कि गांव में शराब का ठेका होने से गांव के युवाओं को भी शराब पीने की बुरी लत लग गई है। घरों में लड़ाई झगड़े का मुख्य कारण शराब का सेवन बन रहा है। शराब के नशे में वाहन चलाते हुए कई घरों के चिराग बुझ चुके है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही ठेके को गांव से नहीं हटाया गया तो वह गांव की सैकड़ों महिलाओं के साथ धरने पर बैठेंगे। इस मौके पर पंच रूबी देवी, पूनम, उषा, पिंकी, संतोष, केला, कमला, महेंद्री, भतेरी, रोशनलाल, जयपाल, लीला राम, ईलम सिंह व प्रेम सिंह मौजूद रहे।
शराब का ठेका बंद करने को लेकर ग्रामीणों ने दिया अल्टीमेटम
थर्मल। गांव सोदापुर वासियों व पंचों ने शराब का ठेका बंद कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेज छह अप्रैल तक प्रशासन को अल्टीमेट दिया है। अगर समय रहते मांगों को लेकर कारगर कदम नहीं उठाया को ग्रामीण अपने स्तर पर कदम उठाएंगे। ग्रामीण राजू ने बताया कि शराब के ठेके के कारण शरारती तत्वों के कारण गांव के हालात पहले ही बहुत खराब हो चुके है। इस समय गांव में चार ठेके खुले हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह पहले उपायुक्त को इस बारे मे ज्ञापन दिया गया था। उसके बाद भी ठेके खुले हुए है इस कारण गांव का माहौल भी तनावपूर्ण हो गया है। अगर प्रशासन ने जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की तो कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। जिसकी जिम्मेवारी स्वयं प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को गांव नन्हेड़ा में महिलाओं ने शराब के ठेके पर ताला जड़ दिया। महिलाओं ने शराब ठेके के कारिंदे जसबीर को घेर लिया। आक्रोशित महिलाओं को देख ठेके के कारिंदे ने भाग कर अपना पीछा छुड़वाया। महिलाओं ने ठेके पर ताला जड़ प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने 20 दिन पहले इस बारे में एक्साइज विभाग को मामले की सूचना दी थी। नियमों के अनुसार शराब ठेका गांव में नहीं हो सकता। बावजूद इसके एक्साइज विभाग शराब ठेकेदारों पर एक्शन लेने के मूड में नहीं है। महिला सरपंच रीना देवी ने बताया कि गांव में शराब का ठेका होने से गांव के युवाओं को भी शराब पीने की बुरी लत लग गई है। घरों में लड़ाई झगड़े का मुख्य कारण शराब का सेवन बन रहा है। शराब के नशे में वाहन चलाते हुए कई घरों के चिराग बुझ चुके है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही ठेके को गांव से नहीं हटाया गया तो वह गांव की सैकड़ों महिलाओं के साथ धरने पर बैठेंगे। इस मौके पर पंच रूबी देवी, पूनम, उषा, पिंकी, संतोष, केला, कमला, महेंद्री, भतेरी, रोशनलाल, जयपाल, लीला राम, ईलम सिंह व प्रेम सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
शराब का ठेका बंद करने को लेकर ग्रामीणों ने दिया अल्टीमेटम
थर्मल। गांव सोदापुर वासियों व पंचों ने शराब का ठेका बंद कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेज छह अप्रैल तक प्रशासन को अल्टीमेट दिया है। अगर समय रहते मांगों को लेकर कारगर कदम नहीं उठाया को ग्रामीण अपने स्तर पर कदम उठाएंगे। ग्रामीण राजू ने बताया कि शराब के ठेके के कारण शरारती तत्वों के कारण गांव के हालात पहले ही बहुत खराब हो चुके है। इस समय गांव में चार ठेके खुले हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह पहले उपायुक्त को इस बारे मे ज्ञापन दिया गया था। उसके बाद भी ठेके खुले हुए है इस कारण गांव का माहौल भी तनावपूर्ण हो गया है। अगर प्रशासन ने जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की तो कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। जिसकी जिम्मेवारी स्वयं प्रशासन की होगी।
विज्ञापन