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नया प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे हुआ फेल, शहर में नही हो सका लागू, पोर्टल भी हुआ बंद, शहरवासियों के लिए नई मुसीबत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 11:39 PM IST
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Property tax survey failed, people forced to go round
जितेंद्र नरवाल
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पानीपत। याशी कंपनी से करवाया गया प्रॉपर्टी टैक्स का नया सर्वे फेल हो गया है। संपत्तियों का मिलान न होने से ये शहर में लागू ही नहीं हो सका। संपत्तियों का डाटा एकीकृत ( इंटीग्रेटेड) न होने से शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सर्वे के साथ कंपनी की ओर से बनाया गया पोर्टल पीएमएस हरियाणा भी बंद हो गया है, जिससे निगम अधिकारियों को पुराने रिकार्ड के आधार पर ही काम करना पड़ रहा है। शुरुआत में संपत्तियों के संबंध में आने वाली आपत्तियों को ठीक करवाने के लिए कंपनी ने अपने कर्मचारियों को भी बैठाया, लेकिन अब वे भी निगम से जा चुके हैं।
ऐसे में शहर की तमाम संपत्तियों के विवरण फंसे हुए हैं। ऐसे में परेशान शहर के लोग रोजाना निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। पोर्टल पर दर्ज करवाई जा चुकी आपत्तियों और दावों का भी कोई समाधान नहीं हो सका है। निगम अधिकारियों ने भी पोर्टल संबंधित और नए सर्वे पर बोलना बंद कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक कंपनी को उनके सर्वे के लिए संतुष्टि प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है। इस कारण कंपनी का भुगतान रुका हुआ है। मामला अकेले पानीपत शहर का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का है। याशी कंपनी ने पूरे प्रदेश में ही प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे किया था। सभी जगह से सर्वे ठीक न होने की रिपोर्ट आ रही है इसलिए माना जा रहा है कि भुगतान न होने से कंपनी ने काम बंद कर दिया हो।
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करीब 30 प्रतिशत डाटा नहीं हो सका था एकीकृत
याशी कंपनी ने शहर की संपत्तियों का 2018 में सर्वे किया गया था। इसमें शहर से करीब एक लाख 70 हजार संपत्तियां सामने आई थीं। निगम के डाटा से 30 प्रतिशत संपत्तियां इनमें से एकीकृत नहीं हो पाईं। इसके बाद लोगों की परेशानी को बढ़ता देख 15 दिन के लिए ऑनलाइन दावे आपत्तियों के आवेदन मांगे गए। जब समाधान नहीं हुआ तो निगम में याशी कंपनी ने अपने कर्मचारी बैठा दिए। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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सरकारी जमीन तक को दिखाया किसी और के नाम
प्रॉपर्टी टैक्स के नए सर्वे के रिकार्ड में सरकारी जमीन तक को किसी अन्य व्यक्ति विशेष के नाम दिखा दिया है, जबकि जमीन असल रिकार्ड में निगम के नाम है। इसके अलावा किसी के प्रॉपर्टी के रकबे को घटा या बढ़ा दिया है तो किसी की प्रॉपर्टी तक को बदल दिया गया है। इसे ठीक करवाने के लिए लोगों को निगम के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्राप्त शिकायतों पर निगम अधिकारी कमेटी बनाकर मौके का सर्वे करते हैं, इसके बाद रिकार्ड में तबदीली की जाती है।
फेल हुआ सर्वे, पोर्टल बंद, कर्मचारी भी गायब
नगर निगम का नया सर्वे पूरी तरह से फेल साबित हुआ है। इनका पीएमएस पोर्टल भी बंद हो चुका है। याशी ने लोगों की संपत्तियों की जांच करने और उनके दावे-आपत्ति निपटाने के लिए जो कर्मचारी लगाए थे वे भी अब निगम से गायब हो चुके हैं। वहीं, शहर के लोग नए सर्वे के हिसाब से अपनी संपत्तियों में बदलाव करवाने के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं। -विकास कुमार, एडवोकेट एवं डीड राइटर।

आयुक्त को पत्राचार कर बताई गई है समस्या
नए सर्वे का डाटा अभी तक केवल 70 प्रतिशत ही इंटीग्रेटेड हो पाया है। 30 प्रतिशत डाटा अभी बचा है। याशी कंपनी के कर्मचारी अब निगम में नहीं है। इसके लिए आयुक्त को पत्राचार कर समस्या बताई गई है। वहीं, डाटा अपडेट करवाने के लिए 20 कर्मचारियों की डिमांड रखी गई है। - जितेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।
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