फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Property tax objections not resolved, people upset

Panipat News: संपत्तिकर की आपत्तियों का नहीं समाधान, लोग परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2024 03:04 AM IST
विज्ञापन
Property tax objections not resolved, people upset
पानीपत। नगर निगम की संपत्तिकर शाखा का काम अब अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र पाल मलिक, संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी के साथ क्षेत्रीय कराधान अधिकारी कुलदीप राणा ने संभाल लिया है। बावजूद निगम के कुछ कर्मचारी लोगों को जानबूझकर परेशान करने में जुटे हैं। इन कर्मचारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि ये पोर्टल पर दर्ज आपत्तियों में गलतियों को छोड़कर इसे स्वीकृति दे देते हैं। जिससे सामने वाले के पास संदेश जाता है कि उसका काम हो चुका है लेकिन जब संपत्तिकर की जानकारी निकलवाई जाती है तो उसमें त्रुटियां वैसे ही मिलती हैं जिनके लिए आवेदक ने आपत्ति दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

वार्ड-16 विकास नगर निवासी अनीता देवी ने अपने मकान की जानकारी दुरुस्त करवाने, विकास शुल्क और टैक्स ठीक करवाने के लिए निगम में ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवाई। इसमें विकास शुल्क 75 हजार रुपये और संपत्तिकर करीब 55 हजार रुपये जोड़ा गया था। कर्मचारियों ने करीब डेढ़ माह से इनकी फाइल को लंबित कर बार बार रिवर्ट किया। सभी दस्तावेज पूर्ण होने और निगम की ओर से किए गए रिवर्ट का जवाब देने के बाद कर्मचारियों ने इस फाइल पर दर्ज आपत्तियों को स्वीकृत करते हुए पोर्टल पर बिना त्रुटि ठीक किए ही सही दर्शा दिया। संपत्ति का विकास शुल्क 120 रुपये गज के हिसाब से करीब 12 हजार रुपये बनना चाहिए था लेकिन कर्मचारियों ने इसे 75 हजार कर दिया। जबकि निगम में किसी भी श्रेणी में इतना विकास शुल्क है ही नहीं। 75 हजार रुपये का विकास शुल्क 120 रुपये वर्ग गज की जगह 7500 रुपये वर्ग गज का लगा दिया। जबकि निगम में अधिकतम विकास शुल्क की सीमा 325 रुपये गज की है।
विज्ञापन

ऐसा ही एक दूसरा मामला वार्ड 18 की मुखीजा कॉलोनी का आया। जिसमें संपत्ति पर करीब चार करोड़ रुपये का बकाया कर दिखाया गया था। संपत्ति मालिक ने इसकी ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराई। निगम ने सभी दस्तावेजों के साथ इसे स्वीकृत भी कर दिया लेकिन कर को नहीं घटाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बारे में क्षेत्रीय कराधान अधिकारी ने बताया कि टैक्स आंकलन करने का काम निगम के जेई का होता है। इसके बाद अपडेट करने का काम निगम एक्सईएन को लेवल दो पर दिया गया है। संबंधित दोनों मामलों की जांच की जाएगी। अगर इसमें कर्मचारियों की लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed