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Panipat News: प्रॉपर्टी आईडी की समस्याओं का 30 अप्रैल तक होगा समाधान
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पानीपत। निगम अधिकारियों को अब महज पांच दिन में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान करना होगा। अगर इसमें चूक हुई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। ये चेतावनी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने दी है। वे मंगलवार को सचिवालय में निगम अधिकारियों और स्थानीय नेताओं के साथ विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 31 जुलाई तक प्रॉपर्टी टैक्स के एकमुश्त भुगतान पर दस प्रतिशत की छूट देने का भी ऐलान किया है। प्रॉपर्टी आईडी के अलावा मंत्री ने निगम अधिकारियों से स्वच्छ भारत मिशन, स्वामित्व योजना, नगर दर्शन पोर्टल, बजट, पार्कों के सुंदरीकरण पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि राइट टू सर्विस अधिनियम के तहत कोई भी आवेदन ज्यादा समय तक लंबित न रहे। अगर 15 दिन तक आवेदन आरटीएस के लिए अधिकारी के पास रहता है और इसका समाधान नहीं करता तो 16वें दिन वह आवेदन लंबित लिस्ट में दिखाई देना शुरू हो जाएगा। इसलिए सभी अधिकारी आवेदनों पर 15 दिन के भीतर कार्यवाही कर आवेदनकर्ता को उसकी सूचना देंगे। शहर की सफाई की समस्या पर निकाय मंत्री ने कहा कि मुख्य सफाई निरीक्षक सुनिश्चित करेंगे कि सफाई का ठेका जिस कंपनी के पास है उसकी मैनपावर और मशीनें कितनी हैं। सफाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहरी क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की भी गंभीरता के साथ जांच करनी होगी।
बैठक में स्थानीय निकाय के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता, शहरी निकाय विभाग के निदेशक यशपाल यादव, डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया, निगमायुक्त राहुल नरवाल, निगम अभियंता राजेश कौशिक, राहुल पुनिया, प्रदीप कल्याण इत्यादि उपस्थित रहे। इनके अलावा ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक प्रमोद विज, सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट, डिप्टी मेयर रविंद्र फुले मौजूद रहे।
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दस किलोमीटर तक मॉडल सड़क बनाएं
मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि सभी अधिकारी शहर में 10 किलोमीटर तक की सड़क को मॉडल के रूप में तैयार करेंगे। नगर पालिका क्षेत्र में दो से पांच किलोमीटर तक की सड़क को लिया जा सकता है। इसमें लाइट, सुंदर डिवाइडर, पौधे, रास्ता, नालियां और अतिक्रमण मुक्त सड़क सारी सुविधाएं होनी जरूरी है। इसे एक पायलट प्रोजेक्ट मानकर तैयार करें जो हर तरह से सुविधाजनक हो।
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घर बैठे दर्ज कराएं आपत्ति
मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का एक ऐसा पहला राज्य है जिसने अपनी सभी 88 शहरी निकाय की एक-एक इंच जमीन को नाप कर उसकी प्रॉपर्टी को एकीकृत किया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स ड्यूज पेमेंट और नो डयूज सर्टिफिकेट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से लोगों से ऑब्जेक्शन मांगे गए हैं। नागरिक एनडीसी पोर्टल पर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए किसी अधिकारी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लोग घर बैठे अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उसके बाद वे अपनी प्रॉपर्टी डिटेल देख सकते हैं और अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं।
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दुकानदारों को मालिकाना हक दें अधिकारी
स्वामित्व योजना और नगर दर्शन पोर्टल की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में ऐसी दुकानें जो 20 साल से एक ही व्यक्ति के पास हैं, उसे मालिकाना हक दिए जाए। अधिकारी उनसे सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करवाकर उन्हें मालिकाना हक प्रदान करें। इसी तरह नगर दर्शन पोर्टल भी नागरिकों की समस्याओं के लिए बनाया गया है। जिस पर कोई भी नागरिक अपनी समस्या गली बनवाने, सफाई, स्ट्रीट लाइट की समस्या अपलोड कर सकता है। जिस पर निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी संस्तुति देता है और उस पर विभाग कार्य करता है।
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उन्होंने कहा कि राइट टू सर्विस अधिनियम के तहत कोई भी आवेदन ज्यादा समय तक लंबित न रहे। अगर 15 दिन तक आवेदन आरटीएस के लिए अधिकारी के पास रहता है और इसका समाधान नहीं करता तो 16वें दिन वह आवेदन लंबित लिस्ट में दिखाई देना शुरू हो जाएगा। इसलिए सभी अधिकारी आवेदनों पर 15 दिन के भीतर कार्यवाही कर आवेदनकर्ता को उसकी सूचना देंगे। शहर की सफाई की समस्या पर निकाय मंत्री ने कहा कि मुख्य सफाई निरीक्षक सुनिश्चित करेंगे कि सफाई का ठेका जिस कंपनी के पास है उसकी मैनपावर और मशीनें कितनी हैं। सफाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहरी क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की भी गंभीरता के साथ जांच करनी होगी।
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बैठक में स्थानीय निकाय के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता, शहरी निकाय विभाग के निदेशक यशपाल यादव, डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया, निगमायुक्त राहुल नरवाल, निगम अभियंता राजेश कौशिक, राहुल पुनिया, प्रदीप कल्याण इत्यादि उपस्थित रहे। इनके अलावा ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक प्रमोद विज, सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट, डिप्टी मेयर रविंद्र फुले मौजूद रहे।
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दस किलोमीटर तक मॉडल सड़क बनाएं
मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि सभी अधिकारी शहर में 10 किलोमीटर तक की सड़क को मॉडल के रूप में तैयार करेंगे। नगर पालिका क्षेत्र में दो से पांच किलोमीटर तक की सड़क को लिया जा सकता है। इसमें लाइट, सुंदर डिवाइडर, पौधे, रास्ता, नालियां और अतिक्रमण मुक्त सड़क सारी सुविधाएं होनी जरूरी है। इसे एक पायलट प्रोजेक्ट मानकर तैयार करें जो हर तरह से सुविधाजनक हो।
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घर बैठे दर्ज कराएं आपत्ति
मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का एक ऐसा पहला राज्य है जिसने अपनी सभी 88 शहरी निकाय की एक-एक इंच जमीन को नाप कर उसकी प्रॉपर्टी को एकीकृत किया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स ड्यूज पेमेंट और नो डयूज सर्टिफिकेट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से लोगों से ऑब्जेक्शन मांगे गए हैं। नागरिक एनडीसी पोर्टल पर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए किसी अधिकारी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लोग घर बैठे अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उसके बाद वे अपनी प्रॉपर्टी डिटेल देख सकते हैं और अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं।
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दुकानदारों को मालिकाना हक दें अधिकारी
स्वामित्व योजना और नगर दर्शन पोर्टल की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में ऐसी दुकानें जो 20 साल से एक ही व्यक्ति के पास हैं, उसे मालिकाना हक दिए जाए। अधिकारी उनसे सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करवाकर उन्हें मालिकाना हक प्रदान करें। इसी तरह नगर दर्शन पोर्टल भी नागरिकों की समस्याओं के लिए बनाया गया है। जिस पर कोई भी नागरिक अपनी समस्या गली बनवाने, सफाई, स्ट्रीट लाइट की समस्या अपलोड कर सकता है। जिस पर निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी संस्तुति देता है और उस पर विभाग कार्य करता है।