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प्रेरणा बने राज्य शिक्षक अवार्ड विजेता जिले के 2 शिक्षक
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पानीपत। प्रदीप मलिक।
- फोटो : Panipat
राज्य शिक्षक अवार्ड 2020 के लिए चयनित जिले के दो शिक्षक दूसरे शिक्षकों के लिए प्रेरणा बने हैं। इन दोनों अवॉर्डी शिक्षकों को 5 सितंबर को राजभवन में सम्मानित किया जाना था, लेकिन अब सभी शिक्षकों को 5 से 17 सितंबर तक मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस पखवाड़ा के दौरान सम्मानित किया जाएगा।
प्रदेश की बात करें तो कुल 44 शिक्षकों का चयन राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए किया गया है। दो शिक्षक पानीपत जिले के हैं। इनमें से एक रावमावि ददलाना में अर्थशास्त्र के लेक्चरार रणवीर कुंडू हैं, जबकि दूसरे राजकीय वमावि इसराना में ड्राइंग शिक्षक प्रदीप मलिक हैं। प्रदीप मलिक तो संभवत: हरियाणा के पहले शिक्षक हैं जिन्होंने सबसे कम उम्र में राज्य शिक्षक अवार्ड जीता है।
रणबीर कुंडू ने बताया कि उनकी नियुक्ति 26 दिसंबर 1986 को पानीपत के गांव अटावला में हुई थी। दिसंबर 2008 में मेरी पदोन्नति लेक्चरार के रूप में राजकीय वमावि जाटल में हुई। फिलहाल ददलाना के राजकीय वमावि में अर्थशास्त्र और गणित के लेक्चरार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा हूं और शिक्षा के साथ-साथ कानूनी साक्षरता, सांस्कृतिक गतिविधियों समेत स्कूल व समाज की विभिन्न गतिविधियों में अपना सहयोग दे रहा हूं।
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- रणवीर कुंडू, लेक्चरार, अर्थशास्त्र, राजकीय माध्यमिक विद्यालय ददलाना।
वर्ष 1993-94 में कक्षा सातवीं में पढ़ते हुए उन्होंने अपने कला शिक्षक देवेश बल की भूमिका अदा करते हुए पहली बार कक्षा में पढ़ाया। बस उसी दिन से कला विषय के प्रति लगाव बढ़ता गया। वह मजबूरी वश इस सेवा में नहीं आए, बल्कि अपने शौक को जी जान से पूरा करने के लिए दिल से कार्य करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्रयास करता हूं।
उन्होंने बताया कि मेरी ज्वाइनिंग वर्ष 2004 में जीएमएस बांध में हुई थी। उससे पहले वर्ष 2000 से 2004 तक सोनीपत के एसएम हिंदू स्कूल में अध्यापन से जुड़ा रहा। स्कूल के तत्कालीन प्राचार्य ओपी गर्ग को उस समय नेशनल अवार्ड मिला था। उन्होंने मुझे प्रेरणा दी कि भविष्य में कुछ ऐसा करो जिससे आपका नाम हो। उनके लिए सौभाग्य की बात है कि इसराना के राजकीय वमावि में जिस कमरे में उसके पिता ने करीब 20 साल बच्चों को शिक्षा दी, उसी कमरे में आज मैं भी करीब 6 साल से बच्चों को शिक्षा दे रहा हूं। उसके पिता एसएस टीचर से रिटायर्ड हुए थे, जबकि उनकी माता जेबीटी हेड टीचर से रिटायर्ड हुई थी।
-प्रदीप मलिक, कला अध्यापक, राज्य शिक्षक पुरस्कार 2020 से पुरस्कृत।
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प्रदेश की बात करें तो कुल 44 शिक्षकों का चयन राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए किया गया है। दो शिक्षक पानीपत जिले के हैं। इनमें से एक रावमावि ददलाना में अर्थशास्त्र के लेक्चरार रणवीर कुंडू हैं, जबकि दूसरे राजकीय वमावि इसराना में ड्राइंग शिक्षक प्रदीप मलिक हैं। प्रदीप मलिक तो संभवत: हरियाणा के पहले शिक्षक हैं जिन्होंने सबसे कम उम्र में राज्य शिक्षक अवार्ड जीता है।
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रणबीर कुंडू ने बताया कि उनकी नियुक्ति 26 दिसंबर 1986 को पानीपत के गांव अटावला में हुई थी। दिसंबर 2008 में मेरी पदोन्नति लेक्चरार के रूप में राजकीय वमावि जाटल में हुई। फिलहाल ददलाना के राजकीय वमावि में अर्थशास्त्र और गणित के लेक्चरार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा हूं और शिक्षा के साथ-साथ कानूनी साक्षरता, सांस्कृतिक गतिविधियों समेत स्कूल व समाज की विभिन्न गतिविधियों में अपना सहयोग दे रहा हूं।
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- रणवीर कुंडू, लेक्चरार, अर्थशास्त्र, राजकीय माध्यमिक विद्यालय ददलाना।
वर्ष 1993-94 में कक्षा सातवीं में पढ़ते हुए उन्होंने अपने कला शिक्षक देवेश बल की भूमिका अदा करते हुए पहली बार कक्षा में पढ़ाया। बस उसी दिन से कला विषय के प्रति लगाव बढ़ता गया। वह मजबूरी वश इस सेवा में नहीं आए, बल्कि अपने शौक को जी जान से पूरा करने के लिए दिल से कार्य करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्रयास करता हूं।
उन्होंने बताया कि मेरी ज्वाइनिंग वर्ष 2004 में जीएमएस बांध में हुई थी। उससे पहले वर्ष 2000 से 2004 तक सोनीपत के एसएम हिंदू स्कूल में अध्यापन से जुड़ा रहा। स्कूल के तत्कालीन प्राचार्य ओपी गर्ग को उस समय नेशनल अवार्ड मिला था। उन्होंने मुझे प्रेरणा दी कि भविष्य में कुछ ऐसा करो जिससे आपका नाम हो। उनके लिए सौभाग्य की बात है कि इसराना के राजकीय वमावि में जिस कमरे में उसके पिता ने करीब 20 साल बच्चों को शिक्षा दी, उसी कमरे में आज मैं भी करीब 6 साल से बच्चों को शिक्षा दे रहा हूं। उसके पिता एसएस टीचर से रिटायर्ड हुए थे, जबकि उनकी माता जेबीटी हेड टीचर से रिटायर्ड हुई थी।
-प्रदीप मलिक, कला अध्यापक, राज्य शिक्षक पुरस्कार 2020 से पुरस्कृत।

पानीपत। रणवीर सिंह।- फोटो : Panipat