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Panipat News: मुक्केबाजी में बुआना लाखू का नाम चमका रहे प्रवीन कुमार
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राष्ट्रीय स्तर पर तीन, राज्य स्तर पर सात और जिला स्तर पर जीत चुके हैं आठ पदक
गांव के अखाड़े में कोच सुरेंद्र सिह के मार्गदर्शन में कर रहे है अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
पानपीत। बुआना लाखू के 22 वर्षीय प्रवीन कुमार मुक्केबाजी में जिले का नाम चमका रहे हैं। वे अब तक 18 पदक हासिल कर चुके हैं। इसमें जिला स्तर पर आठ राज्य स्तर पर सात और राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्वर्ण पदक शामिल हैं। खिलाड़ी प्रवीन कुमार का कहना है कि मुक्केबाजी में देश का नाम रोशन करना चाहते हैं।
प्रवीन कुमार इसराना इस समय सरकारी कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रहे हैं और बुआना गांव अखाड़े में सुरेंद्र कोच के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनका जिलास्तरीय खेल महाकुंभ में चयन हो गया था लेकिन रोहतक में आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रवीन कुमार पदक नहीं जीत सके। प्रवीन कुमार लाखू कोच ने बताया कि प्रवीन कुमार दस साल से बॉक्सिंग की तैयारी कर रहे हैं। प्रवीन कुमार साधारण से परिवार से हैं। उनके पिता अमरसिंह मजदूरी करते हैं ओर मां गृहिणी हैं। प्रवीन कुमार ने कहा कि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में जीत नहीं पाया लेकिन इस हार से मुझे कुछ-ना-कुछ सीखने को जरूर मिला।
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गांव के अखाड़े में कोच सुरेंद्र सिह के मार्गदर्शन में कर रहे है अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
पानपीत। बुआना लाखू के 22 वर्षीय प्रवीन कुमार मुक्केबाजी में जिले का नाम चमका रहे हैं। वे अब तक 18 पदक हासिल कर चुके हैं। इसमें जिला स्तर पर आठ राज्य स्तर पर सात और राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्वर्ण पदक शामिल हैं। खिलाड़ी प्रवीन कुमार का कहना है कि मुक्केबाजी में देश का नाम रोशन करना चाहते हैं।
प्रवीन कुमार इसराना इस समय सरकारी कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रहे हैं और बुआना गांव अखाड़े में सुरेंद्र कोच के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनका जिलास्तरीय खेल महाकुंभ में चयन हो गया था लेकिन रोहतक में आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रवीन कुमार पदक नहीं जीत सके। प्रवीन कुमार लाखू कोच ने बताया कि प्रवीन कुमार दस साल से बॉक्सिंग की तैयारी कर रहे हैं। प्रवीन कुमार साधारण से परिवार से हैं। उनके पिता अमरसिंह मजदूरी करते हैं ओर मां गृहिणी हैं। प्रवीन कुमार ने कहा कि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में जीत नहीं पाया लेकिन इस हार से मुझे कुछ-ना-कुछ सीखने को जरूर मिला।
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