फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   pradarsan

ओपीडी बंद कर भूख हड़ताल पर बैठे प्राइवेट डॉक्टर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2021 12:59 AM IST
विज्ञापन
pradarsan
pradarsan - फोटो : Panipat
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मिक्सोपैथी के विरोध में बुधवार को लघु सचिवालय के सामने फ्लाईओवर के नीचे भूख हड़ताल पर बैठकर विरोध प्रकट किया। भूख हड़ताल में आईएमए के 60 डॉक्टर शामिल रहे। निजी डॉक्टरों ने तीन घंटे अपने अस्पतालों में ओपीडी भी सस्पेंड रखी। डॉक्टरों ने मिक्सोपैथी के विरोध में डीसी धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा है। निजी अस्पताल में ओपीडी बंद रहने से सिविल अस्पताल में मरीजें की भीड़ जुट गई। निजी अस्पतालों में इलाज ना मिलने पर लगभग 5 हजार मरीजों को घर लौटना पड़ा। हालांकि काफी अस्पतालों में दो घंटे के बाद ही ओपीडी शुरू हो गई थी।
विज्ञापन

आईएमए ने ज्ञापन में लिखा कि 20 नवंबर को सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन ने एक नोटिफिकेशन जारी किया। ये नोटिफिकेशन पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई करने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टरों को 58 तरह की सर्जरी करने की मंजूरी देता है। ये गलत है।
विज्ञापन

आईएमए के प्रधान डॉ. वेद प्रकाश का कहना है कि इससे खिचड़ी मेडिकल सिस्टम बन जाएगा, जो हाइब्रिड डॉक्टर पैदा करेगा। आईएमए का कहना है कि अगर इस तरह से शॉर्टकट अपनाए जाएंगे तो फिर नीट का क्या मतलब रह जाएगा। हम इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगे नहीं मानी तो आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर होगा। आपातकाल सेवाओं को भी बंद किया जा सकता है। इसलिए सरकार को मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए मिक्सोपैथी जैसे कदम को वापस लेना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीसीआईएम आयुर्वेदिक डॉक्टरों को 58 तरह की सर्जरी करने की मंजूरी देता है। इसमें 39 जनरल सर्जरी है, जिन्हें आयुर्वेद की भाषा में शल्य कहा जाता है। और 19 तरह की सर्जरी नाक, कान, गला, आंख से जुड़ी है, जिसे शल्य कहा जाता है। बुधवार को 6 हजार से ज्यादा मरीजों को इलाज लेने में देरी हुई तो वहीं बहुत से मरीज बिना इलाज के ही घर लौट गए। तो वहीं बहुत से मरीजों ने पर्ची दिखाकर ही मेडिकल स्टोरों से दवा ली।

मिक्सोपैथी के खिलाफ हम आईएमए के साथ है। हम आईएमए की मांगों का पूर्ण रूप से समर्थन करते हैं। डॉक्टरों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति देना मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार को अपना फैसला जल्द वापस लेना चाहिए। हमारा भविष्य में भी समर्थन जारी रहेगा।
-डॉ. नारायण डबास, जिला प्रधान हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed