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Panipat News: जिला परिषद में अविश्ववास प्रस्ताव की तिथि घोषित होते ही फिर सियासी सरगर्मी बढ़ी
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पानीपत। अविश्वास प्रस्ताव पर जिला परिषद की बैठक से पहले ही एकबार फिर जोड़ तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। चेयरपर्सन पक्ष जहां स्पष्ट बहुमत का दावा कर रहा है, वहीं असंतुष्ट पार्षद शपथ पत्र देने वाले पार्षदों को एकजुट रहने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें दो से तीन पार्षदों की संख्या बढ़ सकती है। इधर, प्रशासन ने बैठक की तारीख व समय सार्वजनिक किया है। हालांकि चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन और पार्षदों को पहले पत्र जारी किया जा चुका है।
जिला परिषद के सीईओ गौरव कुमार ने शनिवार को छुट्टी के दिन जिला परिषद की बैठक को लेकर आदेश सार्वजनिक किए। उन्हाेंने कहा कि छह मार्च को जिला सचिवालय के प्रथम तल के सभागार में बैठक होगी। इसका समय दोपहर बाद तीन बजे तय किया गया है। इसमें जिला परिषद चेयरपर्सन के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया करेंगे। जिला परिषद के सीईओ का बैठक को लेकर आदेश जारी करते ही जिले की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई। विदित हो कि जिला परिषद के असंतुष्ट पार्षदों ने सामने आकर चेयरपर्सन ज्योति शर्मा के खिलाफ अविश्वास लाने की मांग की थी। वे 24 जनवरी को उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया से मिले थे। उपायुक्त ने नौ फरवरी को बैठक बुलाई थी। इसके बाद वे अवकाश पर चले गए थे। ऐसे में नौ फरवरी को बैठक स्थगित कर दी थी। पार्षदों ने गत दिनों उपायुक्त से मिलकर दोबारा बैठक बुलाने की मांग की थी।
जिप की बैठक का यह है नियम
जिला परिषद की बैठक 60 दिन में बुलानी होती है। प्रशासन इस अंतराल में दो बार बैठक स्थगित कर सकता है। तीसरी बार बैठक स्थगित नहीं की जा सकती। पार्षद इसके खिलाफ कोर्ट का रास्ता भी अपना सकते हैं। असंतुष्ट पार्षदों को अविश्वास में 12 पार्षदों को दिखाना होगा। जानकारों का कहना है कि इसको लेकर पार्षदों से संपर्क तेज कर दिया गया है। दोनों पक्ष अपने-अपने नजदीकी पार्षदों को साथ रखने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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जिला परिषद के सीईओ गौरव कुमार ने शनिवार को छुट्टी के दिन जिला परिषद की बैठक को लेकर आदेश सार्वजनिक किए। उन्हाेंने कहा कि छह मार्च को जिला सचिवालय के प्रथम तल के सभागार में बैठक होगी। इसका समय दोपहर बाद तीन बजे तय किया गया है। इसमें जिला परिषद चेयरपर्सन के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया करेंगे। जिला परिषद के सीईओ का बैठक को लेकर आदेश जारी करते ही जिले की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई। विदित हो कि जिला परिषद के असंतुष्ट पार्षदों ने सामने आकर चेयरपर्सन ज्योति शर्मा के खिलाफ अविश्वास लाने की मांग की थी। वे 24 जनवरी को उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया से मिले थे। उपायुक्त ने नौ फरवरी को बैठक बुलाई थी। इसके बाद वे अवकाश पर चले गए थे। ऐसे में नौ फरवरी को बैठक स्थगित कर दी थी। पार्षदों ने गत दिनों उपायुक्त से मिलकर दोबारा बैठक बुलाने की मांग की थी।
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जिप की बैठक का यह है नियम
जिला परिषद की बैठक 60 दिन में बुलानी होती है। प्रशासन इस अंतराल में दो बार बैठक स्थगित कर सकता है। तीसरी बार बैठक स्थगित नहीं की जा सकती। पार्षद इसके खिलाफ कोर्ट का रास्ता भी अपना सकते हैं। असंतुष्ट पार्षदों को अविश्वास में 12 पार्षदों को दिखाना होगा। जानकारों का कहना है कि इसको लेकर पार्षदों से संपर्क तेज कर दिया गया है। दोनों पक्ष अपने-अपने नजदीकी पार्षदों को साथ रखने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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