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Panipat News: शातिर ठगों को रिमांड पर लेकर पुलिस टीमें बिहार में दे रहीं दबिश
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पानीपत। देश के विभिन्न राज्यों में ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को रिमांड पर लेकर बिहार में जगह-जगह दबिश दी जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों को काबू किया जा सके। इससे पहले पुलिस ने साइबर अपराधियों को पटना से काबू किया है। उनके कब्जे से पुलिस ने 14 मोबाइल, एक लैपटॉप, 18 सिम कार्ड, एसबीआई की दो फर्जी मुहर, चार अन्य मुहर, लोगों के घर के पते लिखे 304 लिफाफे, 900 लकी ड्रा कूपन और 93 ऑफर फार्म बरामद किए हैं।
साइबर अपराध थाना पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार को बिहार के पटना से गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस ने सरगना व एक अन्य को आठ दिन के रिमांड पर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ के सहारे पुलिस टीमें अब विभिन्न राज्यों में फैले गिरोह के अन्य सदस्यों को काबू करने का प्रयास कर रही हैं।
अब तक पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उतराखंड, पंजाब, राजस्थान व दिल्ली के लोगों से करोड़ों की ठगी करने की बात स्वीकार की है। ठगी गई राशि में से अधिकतर रुपयों को ये अपनी फ्रॉड कंपनी के विज्ञापन पर ही खर्च करते थे। पुलिस अब इनसे ठगी गई राशि को भी बरामद करने का प्रयास कर रही है। जिन पुलिस थानों में कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी हुई है। उन एफआईआर को खोलकर पीड़ितों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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फर्जी वेबसाइड और कूपन के जरिए की करोड़ों की ठगी
साइबर अपराध थाना पुलिस ने रविवार को राष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें बिहार के अमित और चंदन निवासी गांव कतरी सराय, जिला नालंदा, दीपक निवासी गांव सुपौल पटना, कुलदीप निवासी लखीसराय शामिल हैं। इस गिरोह का सरगना अमित है।
बताया जा रहा है कि अमित ने अपने दोस्त दीपक के साथ मिलकर डिकैथलॉन कंपनी की एक फर्जी वेबसाइट बनाई। फिर गूगल पर इस संबंध में एक विज्ञापन दिया। ये लोगों को डिकैथलॉन कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के लिए कॉल करते थे। उनके पास ई-मेल भेजी जाती थी। उनसे पंजीकरण, सुरक्षा राशि व कंपनी की टीम के निरीक्षण के नाम पर पैसे लेते थे। ऐसा कर इन्होंने लोगों से करोड़ों की ठगी की। इसके अलावा इन्होंने एक कूपन का खेल भी शुरू किया था। इसमें फर्जी कूपन छपवाए। लोगों को मोबाइल कंपनी कर्मचारी बनकर कॉल की जाती थी। वे इनाम में कार या मोटरसाइकिल जीतने की बात कहकर राजी करते थे। फिर उन लोगों के पते पर एक पत्र भेजते थे। लोगों को इनाम में जीती कार या मोटरसाइकिल देने के नाम पर उनसे टैक्स के रूप में गाड़ी की कीमत की 20 प्रतिशत राशि वसूल लेते थे। इन्होंने पानीपत के सेक्टर 12 के यश गर्ग से भी डिकैथलॉन कंपनी की फ्रेंचाइजी के नाम पर 6.60 लाख रुपये ठगे थे। इस मामले की जांच करते हुए ही साइबर अपराध थाना पुलिस आरोपियों तक पहुंची है।
वर्जन-
साइबर अपराध थाना पुलिस के प्रभारी अंकित कुमार ने बताया कि सरगना के साथियो की तलाश जारी है। उनसे ठगी गई राशि बरामद करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इन्होंने देश के कई राज्यों के लोगों से ठगी की है। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
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साइबर अपराध थाना पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार को बिहार के पटना से गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस ने सरगना व एक अन्य को आठ दिन के रिमांड पर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ के सहारे पुलिस टीमें अब विभिन्न राज्यों में फैले गिरोह के अन्य सदस्यों को काबू करने का प्रयास कर रही हैं।
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अब तक पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उतराखंड, पंजाब, राजस्थान व दिल्ली के लोगों से करोड़ों की ठगी करने की बात स्वीकार की है। ठगी गई राशि में से अधिकतर रुपयों को ये अपनी फ्रॉड कंपनी के विज्ञापन पर ही खर्च करते थे। पुलिस अब इनसे ठगी गई राशि को भी बरामद करने का प्रयास कर रही है। जिन पुलिस थानों में कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी हुई है। उन एफआईआर को खोलकर पीड़ितों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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फर्जी वेबसाइड और कूपन के जरिए की करोड़ों की ठगी
साइबर अपराध थाना पुलिस ने रविवार को राष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें बिहार के अमित और चंदन निवासी गांव कतरी सराय, जिला नालंदा, दीपक निवासी गांव सुपौल पटना, कुलदीप निवासी लखीसराय शामिल हैं। इस गिरोह का सरगना अमित है।
बताया जा रहा है कि अमित ने अपने दोस्त दीपक के साथ मिलकर डिकैथलॉन कंपनी की एक फर्जी वेबसाइट बनाई। फिर गूगल पर इस संबंध में एक विज्ञापन दिया। ये लोगों को डिकैथलॉन कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के लिए कॉल करते थे। उनके पास ई-मेल भेजी जाती थी। उनसे पंजीकरण, सुरक्षा राशि व कंपनी की टीम के निरीक्षण के नाम पर पैसे लेते थे। ऐसा कर इन्होंने लोगों से करोड़ों की ठगी की। इसके अलावा इन्होंने एक कूपन का खेल भी शुरू किया था। इसमें फर्जी कूपन छपवाए। लोगों को मोबाइल कंपनी कर्मचारी बनकर कॉल की जाती थी। वे इनाम में कार या मोटरसाइकिल जीतने की बात कहकर राजी करते थे। फिर उन लोगों के पते पर एक पत्र भेजते थे। लोगों को इनाम में जीती कार या मोटरसाइकिल देने के नाम पर उनसे टैक्स के रूप में गाड़ी की कीमत की 20 प्रतिशत राशि वसूल लेते थे। इन्होंने पानीपत के सेक्टर 12 के यश गर्ग से भी डिकैथलॉन कंपनी की फ्रेंचाइजी के नाम पर 6.60 लाख रुपये ठगे थे। इस मामले की जांच करते हुए ही साइबर अपराध थाना पुलिस आरोपियों तक पहुंची है।
वर्जन-
साइबर अपराध थाना पुलिस के प्रभारी अंकित कुमार ने बताया कि सरगना के साथियो की तलाश जारी है। उनसे ठगी गई राशि बरामद करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इन्होंने देश के कई राज्यों के लोगों से ठगी की है। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।