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विदेश भेजने के नाम पर दंपति से 8.74 लाख की ठगी
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विदेश भेजने के नाम पर एक दंपति से 8 लाख 74 हजार की ठगी कर सरगना महिला सहित उसके परिवार के तीन लोग फरार हो गए। आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन तक बंद कर दिए। साथ ही पीड़ितों का उनसे किसी भी तरह का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। जिसके बाद पीड़ित दंपति ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने केस दर्ज ठगों की तलाश शुरू कर दी।
विराट नगर निवासी सौरभ ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी गगन एक स्कूल में अध्यापिका थी। उसकी पत्नी के एक अन्य महिला अध्यापिका अनीवा के साथ अच्छे संबंध थे। वर्ष 2016 में अनीवा ने उसकी पत्नी को बताया कि उसका पति व देवर लोगों को विदेश में भिजवाने का काम करता है। सौरभ ने बताया कि चूंकि वह विदेश में जाने का इच्छुक था इसीलिए पत्नी द्वारा दी गई जानकारी के बाद वह अनीवा के पति धर्मानंद व देवर देवानंद से उनके कार्यालय में जाकर मिला और अपने कागजात आदि दिखाए। जिन्होंने कागजात को सही बताया और 50 हजार व 25 हजार के दो चेक अपनी फर्म के नाम से लेकर उसे एक माह बाद संपर्क करने को कहा। एक माह बाद जैसे ही वह आरोपियों से मिला तो उसे बताया गया कि अभी काम में समय लगेगा। यदि वह जल्दी जाना चाहता है तो उसे एक लाख रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। जो कि उसने आरोपियों के कहे अनुसार 14 अगस्त, 2016 को उनके कार्यालय में जाकर दे दिए। नकदी देने के एक सप्ताह बाद जब वह दुबारा उक्त आरोपियों के कार्यालय में पहुंचा तो उसे बताया गया कि काम लगभग तैयार है। उसे एक सप्ताह के भीतर 1.5 लाख रुपये नकद और 49 हजार का चेक देने को कहा गया, ताकि उन्हें जनवरी, 2017 में विदेश भेजा जा सके। इसी दौरान दिसंबर, 2016 में आरोपियों ने उसे फोन करके बताया गया कि काम लगभग तैयार है और वह पत्नी व अपना पासपोर्ट लेकर कार्यालय में पहुंचे। साथ ही एक लाख रुपये का चेक डिपाजिट के तौर पर देने की बात कही गई। जिस पर उसने पत्नी के खाते से एक लाख का चेक 13 दिसंबर का बनाकर दे दिया। उसके बाद 26 दिसंबर को उसे फोन करके बताया गया कि वीजा का अपरूवल आ चुकी है। आरोपियों ने उसे उनके खाते में 1.25 लाख रुपये आरटीजीएस करने व 75 हजार रुपये नकद देने के बारे में कहा। जो कि उसने 29 दिसंबर को जमा भी करवा दिए। वायदे के अनुसार जब वह जनवरी में दोनों आरोपियों से मिलने उनके कार्यालय में पहुंचा तो उसे बताया गया कि धर्मानंद इन दिनों विदेश में है और वह जल्द ही वापस लौटकर संपर्क करेगा।
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विराट नगर निवासी सौरभ ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी गगन एक स्कूल में अध्यापिका थी। उसकी पत्नी के एक अन्य महिला अध्यापिका अनीवा के साथ अच्छे संबंध थे। वर्ष 2016 में अनीवा ने उसकी पत्नी को बताया कि उसका पति व देवर लोगों को विदेश में भिजवाने का काम करता है। सौरभ ने बताया कि चूंकि वह विदेश में जाने का इच्छुक था इसीलिए पत्नी द्वारा दी गई जानकारी के बाद वह अनीवा के पति धर्मानंद व देवर देवानंद से उनके कार्यालय में जाकर मिला और अपने कागजात आदि दिखाए। जिन्होंने कागजात को सही बताया और 50 हजार व 25 हजार के दो चेक अपनी फर्म के नाम से लेकर उसे एक माह बाद संपर्क करने को कहा। एक माह बाद जैसे ही वह आरोपियों से मिला तो उसे बताया गया कि अभी काम में समय लगेगा। यदि वह जल्दी जाना चाहता है तो उसे एक लाख रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। जो कि उसने आरोपियों के कहे अनुसार 14 अगस्त, 2016 को उनके कार्यालय में जाकर दे दिए। नकदी देने के एक सप्ताह बाद जब वह दुबारा उक्त आरोपियों के कार्यालय में पहुंचा तो उसे बताया गया कि काम लगभग तैयार है। उसे एक सप्ताह के भीतर 1.5 लाख रुपये नकद और 49 हजार का चेक देने को कहा गया, ताकि उन्हें जनवरी, 2017 में विदेश भेजा जा सके। इसी दौरान दिसंबर, 2016 में आरोपियों ने उसे फोन करके बताया गया कि काम लगभग तैयार है और वह पत्नी व अपना पासपोर्ट लेकर कार्यालय में पहुंचे। साथ ही एक लाख रुपये का चेक डिपाजिट के तौर पर देने की बात कही गई। जिस पर उसने पत्नी के खाते से एक लाख का चेक 13 दिसंबर का बनाकर दे दिया। उसके बाद 26 दिसंबर को उसे फोन करके बताया गया कि वीजा का अपरूवल आ चुकी है। आरोपियों ने उसे उनके खाते में 1.25 लाख रुपये आरटीजीएस करने व 75 हजार रुपये नकद देने के बारे में कहा। जो कि उसने 29 दिसंबर को जमा भी करवा दिए। वायदे के अनुसार जब वह जनवरी में दोनों आरोपियों से मिलने उनके कार्यालय में पहुंचा तो उसे बताया गया कि धर्मानंद इन दिनों विदेश में है और वह जल्द ही वापस लौटकर संपर्क करेगा।
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