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Panipat News: पुलिस ने मांगा पांच दिन का रिमांड, कोर्ट का इन्कार
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पानीपत। आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल के पूर्व प्रधान आजाद आर्य व आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के पूर्व मंत्री योगेंद्र आर्य को सिटी थाना पुलिस ने शनिवार दोपहर करीबन डेढ़ बजे कोर्ट में पेश किया। पुलिस की ओर से आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य की 400 पेज की रिपोर्ट तैयार की गई थी। कोर्ट में साढ़े चार घंटे तक बहस चली। पुलिस दोनों का पांच दिन का रिमांड मांग रही थी। पुलिस का मत था कि उन्हें दोनों आरोपियों से पैसे बरामद करने हैं। बैंक खातों के बारे में जानकारी लेनी है लेकिन कोर्ट ने रिमांड देने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आजाद आर्य ने कोर्ट से बाहर निकलते ही पुलिस पर झूठा केस दर्ज करने के आरोप लगाया। अब इस मामले की आगामी सुनवाई नौ अगस्त को होगी।
जानकारी के अनुसार आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य को शुक्रवार देर रात मतलौडा से गिरफ्तार कर शहर पुलिस थाना में लाया गया था। उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उनके समर्थक पुलिस थाना में पहुंच गए। यहां उन्होंने आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य को राजनीति के तहत फंसाने के आरोप लगाए। देर रात तक यहां हंगामा चला। सुबह समर्थक भी सिटी थाना परिसर में एकत्रित हुए लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य को भारी सुरक्षा के लिए बीच डेढ़ बजे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था। कोर्ट में आजाद आर्य के वकील सुरेश आर्य ने कहा कि उन्हें बिना नोटिस दिए गिरफ्तार किया गया है। उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। यह मुकदमा राजनीति से प्रेरित है। वहीं पुलिस उनका रिमांड मांग रही थी।
यह है मामला-
आर्य बाल भारती स्कूल के कोषाध्यक्ष महताब आर्य ने बताया कि वह दिसंबर 2022 में स्कूल के कोषाध्यक्ष बने थे। उन्होंने पदभार संभालते ही स्कूल के खातों की जांच की थी। जांच के दौरान उसको समिति के खातों में गड़बड़ी नजर आई थी। उसने इस बारे में समिति के पदाधिकारियों से चर्चा की थी। चर्चा के बाद साल 2010 से अब तक बैंक खातों से हुई पैसों की निकासी की जांच की तो पता चला कि 2010-2017 के बीच समिति के खातों से 13.75 लाख रुपये स्कूल के पूर्व प्रधान आजाद आर्य व आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के पूर्व मंत्री योगेंद्र आर्य ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए निकाले हैं। इनमें आजाद आर्य ने 7.05 लाख व योगेंद्र आर्य ने समिति के 6.70 लाख निकालकर समिति को आर्थिक हानि पहुंचाई है। उसने इनसे समिति के पैसे वापस मांगे तो वह जल्द पैसे देने की बात कहने लगे , लेकिन अब तक इन्होंने पैसे वापस नहीं किए। दोनों ने बदनीयत व साजिश के तहत धोखाधड़ी की है।
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वर्जन-
पुलिस ने धोखाधड़ी के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। दोनों से पुलिस ने गहनता से पूछताछ भी की है। -राजबीर सिंह, सिटी पुलिस थाना प्रभारी
वर्जन-
वह सोमवार को दोनों की बेल के लिए अर्जी लगाएंगे। यह केस बेबुनियाद है। 2017 में समिति के खातों का ऑडिट हो चुका है। इसमें एक पैसे का भी हेरफेर नहीं मिला।पुलिस कोर्ट में सबूत पेश नहीं कर पाई। अदालत यह केस रद्द भी कर सकती है। -सुरेश आर्य, आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य के वकील
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जानकारी के अनुसार आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य को शुक्रवार देर रात मतलौडा से गिरफ्तार कर शहर पुलिस थाना में लाया गया था। उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उनके समर्थक पुलिस थाना में पहुंच गए। यहां उन्होंने आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य को राजनीति के तहत फंसाने के आरोप लगाए। देर रात तक यहां हंगामा चला। सुबह समर्थक भी सिटी थाना परिसर में एकत्रित हुए लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य को भारी सुरक्षा के लिए बीच डेढ़ बजे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था। कोर्ट में आजाद आर्य के वकील सुरेश आर्य ने कहा कि उन्हें बिना नोटिस दिए गिरफ्तार किया गया है। उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। यह मुकदमा राजनीति से प्रेरित है। वहीं पुलिस उनका रिमांड मांग रही थी।
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यह है मामला-
आर्य बाल भारती स्कूल के कोषाध्यक्ष महताब आर्य ने बताया कि वह दिसंबर 2022 में स्कूल के कोषाध्यक्ष बने थे। उन्होंने पदभार संभालते ही स्कूल के खातों की जांच की थी। जांच के दौरान उसको समिति के खातों में गड़बड़ी नजर आई थी। उसने इस बारे में समिति के पदाधिकारियों से चर्चा की थी। चर्चा के बाद साल 2010 से अब तक बैंक खातों से हुई पैसों की निकासी की जांच की तो पता चला कि 2010-2017 के बीच समिति के खातों से 13.75 लाख रुपये स्कूल के पूर्व प्रधान आजाद आर्य व आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के पूर्व मंत्री योगेंद्र आर्य ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए निकाले हैं। इनमें आजाद आर्य ने 7.05 लाख व योगेंद्र आर्य ने समिति के 6.70 लाख निकालकर समिति को आर्थिक हानि पहुंचाई है। उसने इनसे समिति के पैसे वापस मांगे तो वह जल्द पैसे देने की बात कहने लगे , लेकिन अब तक इन्होंने पैसे वापस नहीं किए। दोनों ने बदनीयत व साजिश के तहत धोखाधड़ी की है।
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पुलिस ने धोखाधड़ी के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। दोनों से पुलिस ने गहनता से पूछताछ भी की है। -राजबीर सिंह, सिटी पुलिस थाना प्रभारी
वर्जन-
वह सोमवार को दोनों की बेल के लिए अर्जी लगाएंगे। यह केस बेबुनियाद है। 2017 में समिति के खातों का ऑडिट हो चुका है। इसमें एक पैसे का भी हेरफेर नहीं मिला।पुलिस कोर्ट में सबूत पेश नहीं कर पाई। अदालत यह केस रद्द भी कर सकती है। -सुरेश आर्य, आजाद आर्य व योगेंद्र आर्य के वकील