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Panipat News: कागजों में सिमटी हादसों को रोकने के लिए बनाईं योजनाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Apr 2025 03:54 AM IST
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Plans made to prevent accidents confined to papers
पानीपत। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार तेज होने के साथ ही जिले में सड़क हादसों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक जिले में एक जनवरी से 26 अप्रैल तक 200 से सड़क हादसे हो चुके हैं।
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31 मार्च तक यह आंकड़ा 167 हादसों में 96 मौत तक दर्ज किया गया था। खास बात यह है कि सबसे अधिक 48 सड़क हादसे समालखा क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं।
वहीं हर माह होने वाली सड़क सुरक्षा की बैठक में सड़क हादसों को रोकने के लिए बनाई जाने वाली योजनाएं कागजों तक सिमट कर रह गईं हैं और सड़क हादसों के आंकड़ों में कमी नहीं आ रही हैं। जानकारी के अनुसार सड़क हादसों में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक प्रतिमाह होती है।
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जिसमें जिले में हादसों के कारण, ब्लैक स्पॉट पर चर्चा की जाती है। साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े विभाग के अधिकारी भी अपनी अपनी रिपोर्ट पेश करते हैं लेकिन मंथन के बाद बनाईं गईं योजनाओं का काम धरातल पर नहीं दिखता।
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पुलिस रिकार्ड के मुताबिक सड़क हादसों की सबसे अधिक 48 एफआईआर समालखा थाना में दर्ज की गई हैं। वहीं, सेक्टर-29 क्षेत्र में 29, मतलौडा में 21, सेक्टर 13/17 में 28 हादसे पुलिस रिकार्ड में दर्ज किए गए हैं। वहीं सनौली में 19, चांदनी बाग पुलिस थाना क्षेत्र में 14, थाना मॉडल टाउन क्षेत्र में सात, पुराना औद्योगिक क्षेत्र में छह, थाना किला क्षेत्र में एक और तहसील कैंप क्षेत्र में सबसे कम एक सड़क हादसा हुआ है। एक जनवरी 2025 से 31 मार्च तक जिले में 167 सड़क हादसे हुए थे। इनमें 103 लोग जख्मी हुए थे और 96 लोगों की मौत हुई थी। ब्यूरो
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