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कठिन समय से निकलने के लिए दृढ़ता जरूरी : बीके ललिता
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बापौली। बापौली गांव स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शांति सरोवर में आध्यात्मिक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें कठिन समय की चुनौतियों से निपटने के लिए दृढ़ता को जरूरी बताया गया।
बापौली केंद्र की संचालिका बीके ललिता ने कहा कि मनुष्य को कठिन समय से निकलने के लिए बस अधिक दृढ़ता, आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। जब हम अपने प्रति दूसरों के बुरे व्यवहार को स्वीकार नहीं कर पाते, तब वह घृणा बन जाती है और हम इसे स्वीकार करते हैं। तब यह क्षमा बन जाता जब हम दूसरों की सफलता को स्वीकार नहीं करते हैं। तब यह ईर्ष्या बन जाती है और जब हम इसे स्वीकार करते हैं तब यह प्रेरणा बन जाती है।
उन्होंने कहा कि स्वीकार कर लेना ही अपने जीवन को बेहतर तरीके से चलाने की कुंजी है। जीवन परिवर्तनों से ही बना है। किसी भी परिवर्तन से घबराएं नहीं बल्कि उसे स्वीकार करें। कुछ परिवर्तन आपको सफलता दिलाएंगे तो कुछ सफल होने के गुण सिखाएंगे। जलेबी हमें एक सीख देती है कि खुद कितने भी उलझे रहो, पर दूसरों को हमेशा मिठास बांटते रहो। परमात्मा कहते हैं मेरे लाडले बच्चों, स्वाद छोड़ दो तो शरीर को फायदा है, बहस छोड़ दो तो संबंधों में फायदा है और अगर चिंता छोड़ दो तो पूरे जीवन को फायदा है। परमात्मा शिव हमें यही संदेश दे रहा है कि अपने जीवन की सारी समस्या मुझे दे कर चिंता मुक्त रहा करो। जब मुझ पर भरोसा करोगे तो कही पर भी परेशान नहीं हो सकते। इस अवसर पर हरिश, ओमप्रकास, कृष्ण, रमेश, दीपक आदि उपस्थित रहे।
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बापौली केंद्र की संचालिका बीके ललिता ने कहा कि मनुष्य को कठिन समय से निकलने के लिए बस अधिक दृढ़ता, आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। जब हम अपने प्रति दूसरों के बुरे व्यवहार को स्वीकार नहीं कर पाते, तब वह घृणा बन जाती है और हम इसे स्वीकार करते हैं। तब यह क्षमा बन जाता जब हम दूसरों की सफलता को स्वीकार नहीं करते हैं। तब यह ईर्ष्या बन जाती है और जब हम इसे स्वीकार करते हैं तब यह प्रेरणा बन जाती है।
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उन्होंने कहा कि स्वीकार कर लेना ही अपने जीवन को बेहतर तरीके से चलाने की कुंजी है। जीवन परिवर्तनों से ही बना है। किसी भी परिवर्तन से घबराएं नहीं बल्कि उसे स्वीकार करें। कुछ परिवर्तन आपको सफलता दिलाएंगे तो कुछ सफल होने के गुण सिखाएंगे। जलेबी हमें एक सीख देती है कि खुद कितने भी उलझे रहो, पर दूसरों को हमेशा मिठास बांटते रहो। परमात्मा कहते हैं मेरे लाडले बच्चों, स्वाद छोड़ दो तो शरीर को फायदा है, बहस छोड़ दो तो संबंधों में फायदा है और अगर चिंता छोड़ दो तो पूरे जीवन को फायदा है। परमात्मा शिव हमें यही संदेश दे रहा है कि अपने जीवन की सारी समस्या मुझे दे कर चिंता मुक्त रहा करो। जब मुझ पर भरोसा करोगे तो कही पर भी परेशान नहीं हो सकते। इस अवसर पर हरिश, ओमप्रकास, कृष्ण, रमेश, दीपक आदि उपस्थित रहे।
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