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संपत्ति स्व: सत्यापन कराने में शहर के लोग नहीं ले रहे रुचि
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पानीपत। सरकार प्रदेश भर में गलत संपत्तियों के आंकड़े को दुरुस्त कराने के लिए लोगों से उनकी संपत्तियों का स्वयं सत्यापन करवाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए अलग से संपत्ति कर आईडी की सुरक्षा के साथ टैक्स में छूट का भी ऐलान किया गया है, ताकि लोग अपनी संपत्तियों का स्वयं सत्यापन कराएं। इससे एक ओर सरकार के पास सभी संपत्तियों का सटीक डाटा भी होगा तो दूसरी ओर लोगों की संपत्ति कर आईडी स्व: सत्यापन से लॉक हो जाएगी। जिससे कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा। कई प्रकार के प्रयासों के बाद निगम अधिकारी अब तक निगम क्षेत्र में 1.75 लाख संपत्तियों में से करीब 24 हजार यानी करीब 14 प्रतिशत का ही सत्यापन करवा पाए हैं।
प्रदेश स्तर की बात करें तो सभी निकाय क्षेत्रों में करीब 47.43 लाख संपत्तियों में से करीब 5.20 लाख का ही स्वयं सत्यापन हो सका है। जब प्रदेश की सभी संपत्तियों का स्व. सत्यापन होगा केवल तभी सरकार को संपत्तियों का आरओआर यानी रिकॉर्ड ऑफ राइट मिल सकेगा। इसकी मुख्य वजह शहर के लोगों को इस ओर रुझान कम होना और कम जागरूकता भी माना जा रहा है।
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निगम कर रहा प्रयास, लोगों को भी आना होगा आगे
निगम संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी ने बताया कि इस योजना को लेकर अब तक शहर के सभी लोग पूरी तरह से जागरूक नहीं है। इसी वजह से संपत्तियों का सत्यापन पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। निगम अपने स्तर पर भरपूर प्रयास कर रहा है, लोगों को भी चाहिए कि वे भी अपनी संपत्तियों का स्वयं सत्यापन करवाएं। निगम की ओर से संपत्तियों के स्वयं सत्यापन के लिए वार्ड वार कैंप लगाए जा रहे हैं। पालिका बाजार निगम कार्यालय में हेल्प डेस्क भी खोले गए हैं। कचरा उठाने वाली गाड़ियों से मुनादी तक कराई जा रही है। शहर के सभी सीएससी संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि किसी के भी ऑनलाइन आवेदन पर उन्हें संपत्ति का स्वयं सत्यापन करवाना है।
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स्वयं सत्यापन के साथ 29 फरवरी तक रहेगी ये है छूट
- प्रॉपर्टी डाटा की संतुष्टि करके वर्ष 2023-24 के प्रॉपर्टी टैक्स के मूल पर 15 प्रतिशत की छूट है।
- वर्ष 2010-11 से 2022-23 तक के संपत्ति कर के सभी बकाया का भुगतान करने पर सौ प्रतिशत यानी संपूर्ण ब्याज में छूट दी जा रही है। संपत्ति को स्व-प्रमाणित भी करने पर 15 प्रतिशत मूल में छूट अलग है।
- संपत्ति का स्व: सत्यापन करने से संपत्ति कर आईडी लॉक हो जाएगी। जो संपत्ति मालिक के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी से ही खुलेगी। इससे कोई भी किसी की भी संपत्ति के डाटा या उसे लिंक- डी लिंक नहीं कर सकेगा।
वर्जन:
जरूर करवाएं सत्यापन: निगम
संपत्ति का स्वयं सत्यापन से एक ओर संपत्ति कर आईडी हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगी दूसरी ओर सरकार की ओर से स्वयं सत्यापन पर टैक्स में छूट भी दी जा रही है। ये योजना 29 फरवरी तक है।
मनी त्यागी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
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प्रदेश स्तर की बात करें तो सभी निकाय क्षेत्रों में करीब 47.43 लाख संपत्तियों में से करीब 5.20 लाख का ही स्वयं सत्यापन हो सका है। जब प्रदेश की सभी संपत्तियों का स्व. सत्यापन होगा केवल तभी सरकार को संपत्तियों का आरओआर यानी रिकॉर्ड ऑफ राइट मिल सकेगा। इसकी मुख्य वजह शहर के लोगों को इस ओर रुझान कम होना और कम जागरूकता भी माना जा रहा है।
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निगम कर रहा प्रयास, लोगों को भी आना होगा आगे
निगम संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी ने बताया कि इस योजना को लेकर अब तक शहर के सभी लोग पूरी तरह से जागरूक नहीं है। इसी वजह से संपत्तियों का सत्यापन पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। निगम अपने स्तर पर भरपूर प्रयास कर रहा है, लोगों को भी चाहिए कि वे भी अपनी संपत्तियों का स्वयं सत्यापन करवाएं। निगम की ओर से संपत्तियों के स्वयं सत्यापन के लिए वार्ड वार कैंप लगाए जा रहे हैं। पालिका बाजार निगम कार्यालय में हेल्प डेस्क भी खोले गए हैं। कचरा उठाने वाली गाड़ियों से मुनादी तक कराई जा रही है। शहर के सभी सीएससी संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि किसी के भी ऑनलाइन आवेदन पर उन्हें संपत्ति का स्वयं सत्यापन करवाना है।
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स्वयं सत्यापन के साथ 29 फरवरी तक रहेगी ये है छूट
- प्रॉपर्टी डाटा की संतुष्टि करके वर्ष 2023-24 के प्रॉपर्टी टैक्स के मूल पर 15 प्रतिशत की छूट है।
- वर्ष 2010-11 से 2022-23 तक के संपत्ति कर के सभी बकाया का भुगतान करने पर सौ प्रतिशत यानी संपूर्ण ब्याज में छूट दी जा रही है। संपत्ति को स्व-प्रमाणित भी करने पर 15 प्रतिशत मूल में छूट अलग है।
- संपत्ति का स्व: सत्यापन करने से संपत्ति कर आईडी लॉक हो जाएगी। जो संपत्ति मालिक के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी से ही खुलेगी। इससे कोई भी किसी की भी संपत्ति के डाटा या उसे लिंक- डी लिंक नहीं कर सकेगा।
वर्जन:
जरूर करवाएं सत्यापन: निगम
संपत्ति का स्वयं सत्यापन से एक ओर संपत्ति कर आईडी हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगी दूसरी ओर सरकार की ओर से स्वयं सत्यापन पर टैक्स में छूट भी दी जा रही है। ये योजना 29 फरवरी तक है।
मनी त्यागी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।