फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   People living in slums, factories and brick kilns will be anemia free

Panipat News: झुग्गियों, फैक्ट्ररियों व ईंट भट्ठों पर रहने वाले होंगे एनीमिया मुक्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2024 05:44 AM IST
विज्ञापन
People living in slums, factories and brick kilns will be anemia free
पानीपत। जिले की झुग्गियों, फैक्ट्ररियों व ईंट भट्ठों पर रहने वाली 50-60 प्रतिशत महिलाओं, बच्चों और किशोरों में खून की कमी है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए 100 दिन का एनिमिया मुक्त अभियान शुरू करेगा। विशेष रूप से औसतन 30 दिन अभियान चलेगा। यहां एनीमिया के रोगियों को चिह्नित कर उनका इलाज किया जाएगा। जब तक वह ठीक नहीं होते इनको मॉनीटर भी किया जाएगा। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले की 60 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी है। 20 प्रतिशत गर्भवतियों में तो आठ ग्राम से भी कम खून है। वहीं 55 प्रतिशत बच्चों में भी खून की कमी है। 25 प्रतिशत से अधिक बच्चे गंभीर एनिमिक की श्रेणी में आते हैं। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार 100 दिन का एनीमिया मुक्त अभियान शुरू किया है। सामान्य मरीजों को पहले की तरह प्राथमिक स्तर पर आयरन की दवा दी जाएगी। वहीं अब गंभीर एनीमिया रोगियों को दवाएं देने के साथ जब तक ये ठीक नहीं होते तब इनकी मॉनिटरिंग कर फीडबैक भी लिया जाएगा। मॉनिटरिंग के लिए आशा वर्कर को इस अभियान से जोड़ा गया है। अभियान पानीपत में मंगलवार से शुरू हाे चुका है। अभियान पूरा हाेने के बाद रिपाेर्ट मुख्यालय में साैंपी जाएगी।
विज्ञापन




सिविल सर्जन डाॅ. जयंत आहूजा ने बताया कि एनीमिया मुक्त अभियान के दौरान झुग्गियों, फैक्टरियों व ईंट भट्ठों पर रहने वालों पर स्वास्थ्य विभाग का फोकस रहेगा। यहां विशेष रूप से अभियान चलाया जा रहा है। सामान्य, मध्यम व गंभीर एनीमिया के रोगियों के वर्ग बनाए गए हैं। पानीपत में एनीमिया बड़ी चुनौती है। हर महीने हाेने वाली गर्भवतियाें की जांच में भी 60 फीसदी गर्भवतियों में खून की कमी मिलती है। पानीपत में इससे पहले ये अभियान सात दिनाें के लिए हर तीन महीने के बाद तक चलता था। अब यह अभियान पहली बार 100 दिनाें के लिए चलेगा। जिले की स्वास्थ्य केंद्रों में ये अभियान चलाया जाएगा। स्कूल खुलने के बाद वहां भी जांच कैंप लगाए जा सकते है। विभाग की ओर से अभियान के तहत छह वर्गों में छह लाख से ज्यादा लाेगाें काे जांचा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed